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भूस्खलन से 30 कनाल जमीन हो रही प्रभावित
Updated Thu, 13 Sep 2018 01:16 AM IST
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महानपुर। तहसील महानपुर के गांव थे और मानु में कुछ किसानों की जमीनों पर भूस्खलन के चलते खेतीबाड़ी नहीं हो पा रही है। जमीन के मालिक गांव थे के कृष्ण चंद ने बताया कि उनकी व उनके भाइयों की लगभग 20 कनाल जमीन है। पिछले दिनों बारिश के दौरान भूस्खलन होने से पहाड़ का मलबा उनकी जमीन पर आ गया। इससे 4-5 कनाल जमीन पर लगाई फसल बिल्कुल बर्बाद हो गई और जमीन भी बह गई।
कृष्ण चंद ने बताया इससे पहले जब भूस्खलन हुआ था, तो प्रोफेसर चमनलाल गुप्ता उस समय यहां के सांसद थे। उन्होंने 50 हजार रुपया सांसद निधि से जारी किया था। इससे जमीन बचाने के लिए दीवार बनाई गई थी। उनके बाद किसी ने भी सुध नहीं ली। भूस्खलन को रोकने के लिए कोई उपाय नहीं किए जाने से उनकी उपजाऊ जमीन बर्बाद हो रही है। ऐसे में उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
इसी तरह मानु गांव के पूर्व सरपंच महेंद्र शर्मा ने बताया कि उनकी 9 कनाल जमीन है, जहां कुछ जमीन पर फसल लगाई है और बाकी जमीन पर नींबू का बगीचा लगाया था। इस बार भूस्खलन होने से कम से कम 3-4 कनाल जमीन बर्बाद हो गई है। ऐसे ही होता रहा तो उन्हें जमीन को बचाना मुश्किल हो जाएगा। दोनों किसानों ने बताया कि कुछ अन्य किसानों को भी नुकसान पहुंचा है। उन्होंनेे जिला प्रशासन से मांग की है कि वह उनकी जमीन बचाने के लिए सुरक्षा दीवार बनवाने का काम करे।
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कृष्ण चंद ने बताया इससे पहले जब भूस्खलन हुआ था, तो प्रोफेसर चमनलाल गुप्ता उस समय यहां के सांसद थे। उन्होंने 50 हजार रुपया सांसद निधि से जारी किया था। इससे जमीन बचाने के लिए दीवार बनाई गई थी। उनके बाद किसी ने भी सुध नहीं ली। भूस्खलन को रोकने के लिए कोई उपाय नहीं किए जाने से उनकी उपजाऊ जमीन बर्बाद हो रही है। ऐसे में उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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इसी तरह मानु गांव के पूर्व सरपंच महेंद्र शर्मा ने बताया कि उनकी 9 कनाल जमीन है, जहां कुछ जमीन पर फसल लगाई है और बाकी जमीन पर नींबू का बगीचा लगाया था। इस बार भूस्खलन होने से कम से कम 3-4 कनाल जमीन बर्बाद हो गई है। ऐसे ही होता रहा तो उन्हें जमीन को बचाना मुश्किल हो जाएगा। दोनों किसानों ने बताया कि कुछ अन्य किसानों को भी नुकसान पहुंचा है। उन्होंनेे जिला प्रशासन से मांग की है कि वह उनकी जमीन बचाने के लिए सुरक्षा दीवार बनवाने का काम करे।
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