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ईंट भट्ठे उड़ा रहे पर्यावरण नियमों की धज्जियां
Updated Wed, 06 Jun 2018 11:55 PM IST
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कठुआ। जिले में चल रहे ईंट भट्ठे पर्यावरण नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। खास बात यह है कि जिस मिट्टी से ईंट तैयार की जाती है, उसके खनन की अनुमति भी इनके पास नहीं है।
वर्तमान में जिलाभर में 39 ईंट भट्ठे चल रहे हैं। न्यायालय की तरफ से कई बार पर्यावरण की क्लीयरेंस न होने पर ईंट भट्ठों के खिलाफ कार्रवाई के संबंध में निर्देश भी दिए गए, लेकिन कोई सख्त कार्रवाई अब तक सुनिश्चित नहीं की गई है। दूसरे तरफ से इन ईंट भट्ठों द्वारा मनमाने दाम पर ईंट बेचने से आम लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ती है। इतना ही नहीं, लोगों को इन ईंट भट्ठों द्वारा फैलाए जा रहे प्रदूषण का शिकार भी बनना पड़ रहा है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार ईंट भट्ठों को विभिन्न विभागों से एनओसी हासिल करनी होती है। इसमें अहम रोल जिला उपायुक्त का रहता है, लेकिन फिलहाल जिले में चल रहे किसी भी ईंट भट्ठे के पास एनओसी नहीं है। इन ईंट भट्ठा संचालकों को मिट्टी की खुदाई कहां से करनी है। इस संबंध में पर्यावरण प्रभाव आकलन को कोर्ट ने भी महत्वपूर्ण बताया है। भट्ठों की चिमनियों पर प्रदूषण नियंत्रण के लिए उपकरण भी स्थापित नहीं किए गए हैं। प्रदूषण नियंत्रण विभाग के एक उच्च पदस्थ अधिकारी ने बताया कि जिला में वर्तमान में चल रहे सभी ईंट भट्ठे सौ फीसदी अवैध रूप से चल रहे है। इन्हें पर्यावरण क्लीयरेंस और प्रदूषण विभाग से एनओसी हासिल करनी होती है। कोर्ट की तरफ से भी इस संबंध में साफ निर्देश हैं।
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वर्तमान में जिलाभर में 39 ईंट भट्ठे चल रहे हैं। न्यायालय की तरफ से कई बार पर्यावरण की क्लीयरेंस न होने पर ईंट भट्ठों के खिलाफ कार्रवाई के संबंध में निर्देश भी दिए गए, लेकिन कोई सख्त कार्रवाई अब तक सुनिश्चित नहीं की गई है। दूसरे तरफ से इन ईंट भट्ठों द्वारा मनमाने दाम पर ईंट बेचने से आम लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ती है। इतना ही नहीं, लोगों को इन ईंट भट्ठों द्वारा फैलाए जा रहे प्रदूषण का शिकार भी बनना पड़ रहा है।
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विभागीय सूत्रों के अनुसार ईंट भट्ठों को विभिन्न विभागों से एनओसी हासिल करनी होती है। इसमें अहम रोल जिला उपायुक्त का रहता है, लेकिन फिलहाल जिले में चल रहे किसी भी ईंट भट्ठे के पास एनओसी नहीं है। इन ईंट भट्ठा संचालकों को मिट्टी की खुदाई कहां से करनी है। इस संबंध में पर्यावरण प्रभाव आकलन को कोर्ट ने भी महत्वपूर्ण बताया है। भट्ठों की चिमनियों पर प्रदूषण नियंत्रण के लिए उपकरण भी स्थापित नहीं किए गए हैं। प्रदूषण नियंत्रण विभाग के एक उच्च पदस्थ अधिकारी ने बताया कि जिला में वर्तमान में चल रहे सभी ईंट भट्ठे सौ फीसदी अवैध रूप से चल रहे है। इन्हें पर्यावरण क्लीयरेंस और प्रदूषण विभाग से एनओसी हासिल करनी होती है। कोर्ट की तरफ से भी इस संबंध में साफ निर्देश हैं।
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