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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu and Kashmir: Panun Kashmir's program on Sacrifice Day, Kashmiri Pandits resolve to be re-established in the Valley

जम्मू-कश्मीर: बलिदान दिवस पर पनुन कश्मीर का कार्यक्रम, कश्मीरी पंडितों ने घाटी में फिर से स्थापित होने का लिया संकल्प

Tue, 14 Sep 2021 09:37 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: करिश्मा चिब Updated Tue, 14 Sep 2021 09:37 PM IST
सार

कश्मीरी पंडित कश्मीर के आदिवासी हैं, जिनका पांच हजार से अधिक वर्षों से निरंतर ऐतिहासिक और मानवशास्त्रीय जुड़ाव है। कश्मीर की भूमि पर सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण अधिकार हमारे है।

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Jammu and Kashmir: Panun Kashmir's program on Sacrifice Day, Kashmiri Pandits resolve to be re-established in the Valley
कश्मीरी पंडिता समुदाय

विस्तार

कश्मीरी पंडिता समुदाय के लोगों ने 14 सितंबर को बलिदान दिवस के रूप में मनाया। 1990 से कश्मीरी पंडित समुदाय इस दिन को बलिदान दिवस के रूप में मना रहा है। मंगलवार को पनुन कश्मीर की और से इस अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पंडित टीका लाल टपलू व अन्य की शहादत और घाटी में कश्मीरी पंडित समुदाय पर किए उत्पीड़न को याद किया।

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मंगलवार को पनुन कश्मीर की ओर से कार्यक्रम किया गया, जिसमें पनुन कश्मीर के अध्यक्ष वीरेंद्र रैना, महासचिव उपिंदर कौल, महासचिव (संगठन) कमल बागती व अन्य लोग मौजूद रहे। सदस्यों ने मार्गदर्शन प्रस्ताव को दोहराते हुए फिर से घाटी में स्थापित होने का संकल्प लिया। इस दौरान सदस्यों उन्हें श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने कश्मीर और सीमाओं पर राष्ट्र के सम्मान और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा करते हुए प्राणों की आहुति दी।
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वीरेंद्र रैना ने कहा कि पनुन कश्मीर कश्मीरी पंडितों के नरसंहार और जातीय सफाई के मुद्दे को सभी मंचों पर उठाता रहेगा, ताकि मानवता के खिलाफ इन जघन्य अपराधों के अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाया जा सके। कश्मीरी पंडित कश्मीर के आदिवासी हैं, जिनका पांच हजार से अधिक वर्षों से निरंतर ऐतिहासिक और मानवशास्त्रीय जुड़ाव है। कश्मीर की भूमि पर सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण अधिकार हमारे है।
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यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर: हिंदी में हो सरकारी कामकाज, प्रदेश में जमीनी स्तर पर किया जाए प्रसार

इस मौके पर उन्होंने सरकार से आयुष्मान भारत योजना की प्रक्रिया को तेज और सरल बनाने की अपील की। उधर, विश्व कश्मीरी समाज के सदस्यों ने बलिदान दिवस मनाया। जम्मू में आयोजित कार्यक्रम में शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में विश्व कश्मीरी समाज के संयोजक किरण वातल, पिंटो जी, एमके योगी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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