{"_id":"6167e0bdf7564e68b165b2f5","slug":"jammmu-kashmir-amendment-in-industrial-land-allotment-policy-2021-30-payment-will-have-to-be-made-in-60-days-if-land-is-allotted","type":"story","status":"publish","title_hn":"जम्मू-कश्मीर: औद्योगिक भूमि आवंटन नीति 2021-30 में संशोधन, भूमि आवंटित होने पर 60 दिन में करना होगा भुगतान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जम्मू-कश्मीर: औद्योगिक भूमि आवंटन नीति 2021-30 में संशोधन, भूमि आवंटित होने पर 60 दिन में करना होगा भुगतान
Thu, 14 Oct 2021 01:18 PM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Thu, 14 Oct 2021 01:18 PM IST
सार
प्रारंभिक आवंटन में 40 वर्ष, बाद में बढ़ाकर 99 वर्ष की लीज दी जा सकेगी। प्रशासनिक परिषद के एक आदेश के तहत जम्मू-कश्मीर औद्योगिक भूमि आवंटन नीति-2021-30 के विभिन्न खंडों में संशोधन किया गया है।
विज्ञापन
औद्योगिक भूमि
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जम्मू-कश्मीर में औद्योगिक निवेश के तहत भूमि आवंटन पर आवंटी को 60 दिन के भीतर जमीन का सौ फीसदी भुगतान करना होगा। इस अवधि में भुगतान न करने पर 30 दिन के भीतर उसे अंतिम नोटिस जारी किया जाएगा। एक ही प्लाट पर दो या अधिक आवेदन पर भूमि आवंटन समिति सभी से संवाद कर उचित आवेदनकर्ता को भूमि सौंपेगी। प्रशासनिक परिषद के एक आदेश के तहत जम्मू-कश्मीर औद्योगिक भूमि आवंटन नीति-2021-30 के विभिन्न खंडों में संशोधन किया गया है।
विज्ञापन
संशोधन आदेश के तहत क्लॉज 10 में प्रारंभिक भूमि आवंटन 40 वर्ष के लिए होगा जिसे 99 वर्ष तक बढ़ाया जा सकेगा। प्रोजेक्ट के लिए 25 एकड़ तक की भूमि आवंटित करने के लिए उच्चस्तरीय भूमि आवंटन समिति फैसला लेगी। इसी तरह 25 एकड़ से अधिक भूमि के लिए एपेक्स स्तरीय भूमि आवंटन समिति निर्णय लेगी। उच्च स्तरीय भूमि आवंटन समिति और एपेक्स स्तरीय भूमि आवंटन समिति 45 दिन के भीतर आवंटन आवेदन पर काम करेगी।
विज्ञापन
आवंटन समितियों में ये अधिकारी शामिल
क्लॉज नौ के तहत उच्च स्तरीय समिति में प्रशासनिक सचिव उद्योग एवं वाणिज्य विभाग को चेयरमैन बनाया गया है। निदेशक उद्योग व वाणिज्य संबंधित सदस्य सचिव, वित्त विभाग से प्रतिनिधि (अतिरिक्त सचिव के नीचे के रैंक का नहीं), विद्युत विकास विभाग से प्रतिनिधि, वन, पारिस्थितिकी व पर्यावरण विभाग से प्रतिनिधि, आवास व शहरी विकास विभाग से प्रतिनिधि, सदस्य सचिव प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, एमडी सिडको, एमडी सिकाप और उद्योग विभाग से नामित एक प्रतिनिधि को सदस्य बनाया गया है।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर: केंद्रीय गृह मंत्रालय के पास रोहिंग्याओं का रिकॉर्ड नहीं, आठ माह से 200 से ज्यादा रोहिंग्या जेल में
इसी तरह एपेक्स समिति में मुख्य सचिव चेयरमैन, प्रशासनिक सचिव उद्योग व वाणिज्य सदस्य सचिव, प्रशासनिक सचिव वित्त विभाग, प्रशासनिक सचिव विद्युत विकास विभाग, प्रशासनिक सचिव वन, प्रशासनिक सचिव आवास व शहरी विकास विभाग, चेयरमैन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, निदेशक उद्योग एवं वाणिज्य, एमडी जेकेडीएफसी, एमडी सिकाप, एमडी सिडको और उद्योग विभाग से नामित एक प्रति निधि को सदस्य बनाया गया है।