फारूक ने अलापा तालिबान का राग: उन्हें अफगानिस्तान में अच्छे शासन और सभी के लिए इंसाफ की उम्मीद
नेशनल कांफ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि तालिबान को हर देश के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध विकसित करने का प्रयास करना चाहिए।
विस्तार
श्रीनगर में नेशनल कांफ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने अफगानिस्तान में बनी तालिबान की सरकार को लेकर बयान दिया है। उनका कहना है कि अफगानिस्तान एक अलग देश है। उन्होंने कहा कि तालिबान को कोशिश करनी चाहिए कि हर देश के साथ अपने संबंध विकसित करें।
श्रीनगर में आयोजित एक कार्यक्रम में पत्रकारों से बातचीत के दौरान फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि तालिबान को अफगानिस्तान में इस्लामिक नियमों के आधार पर शासन करना चाहिए। दुनिया के सभी देशों के साथ अच्छे संबंध स्थापित करने चाहिए। इसी के साथ फारूक अब्दुल्ला ने यह उम्मीद जताई कि उन्हे लगता है कि तालिबान हर किसी से इंसाफ करेगा।
यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर: दस साल में 7.66 फीसदी बढ़ गए साक्षर, 76.40 फीसदी है प्रदेश का वर्तमान साक्षरता दर
इससे पहले नेशनल कांफ्रेंस उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्य मंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा था कि तालिबान आतंकी संगठन है या नहीं केंद्र सरकार को इस पर स्थिति साफ करनी चाहिए। अगर वह आतंकी संगठन नहीं है तो संयुक्त राष्ट्र में उसे आतंकी संगठन की सूची से बाहर करना चाहिए। उसके बैंक खाते बहाल करके मान्यता देने पर काम करना चाहिए। अफगानिस्तान में वर्तमान हालात का जम्मू-कश्मीर पर किस तरह से असर पड़ेगा इस सवाल का जवाब केंद्र सरकार के पास होना चाहिए।
उमर ने पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती पर कोई टिप्पणी करने से मना करते हुए कहा था कि पीपुल्स कान्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद लोन को पीएजीडी पर सवाल करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने जिस तरह से बहाना बनाकर पीएजीडी को छोड़ा, वह जगजाहिर है। उनकी पार्टी के लोग ही चुनाव में उनके खिलाफ उतरे।