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जम्मू और कश्मीर

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पुलिस को बड़ी कामयाबी: किश्तवाड़ में पूर्व आतंकी गिरफ्तार, 12 साल से था फरार

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक पूर्व आतंकी को गिरफ्तार किया है। वह 12 साल से फरार चल रहा था। उसकी पहचान किश्तवाड़ के बुधर, बोजवाह निवासी नजीर अहमद के रूप में हुई है। वह एक मामले में वांछित था और अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित किया था। 

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जानकारी के अनुसार, विशेष सूचना पर बोंजवाह इलाके में पुलिस पोस्ट ज्वालापुर की विशेष टीम का गठन किया गया। डीएसपी मुख्यालय देवेंद्र सिंह बंदराल की देखरेख में सब इंस्पेक्टर मोइन खान के नेतृत्व में टीम ने विभिन्न ठिकानों पर दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसे बुधवार को ही सत्र न्यायाधीश के समक्ष पेश कर न्यायिक हिरासत में ले लिया। 
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श्रीनगर: केजीबीवी के वार्डन समेत तीन के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल, सरकारी धनराशि के दुरुपयोग का आरोप

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने बोनियार स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के तत्कालीन वार्डन समेत तीन लोक सेवकों के खिलाफ बुधवार को विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल की। तीनों पर केजीबीवी बोनियार में आवश्यक शैक्षिक, गैर-शैक्षिक कार्यों और अन्य ढांचागत गतिविधियों को पूरा करने के लिए वित्तीय वर्ष 2013-14 के दौरान जारी की गई धनराशि में से 2955050 रुपये के घोटाले का आरोप है। मामले की अगली सुनवाई 7 अक्तूबर को होग। 

एसीबी की चार्जशीट के अनुसार, बोनियार स्थित केजीबीवी के तत्कालीन वार्डन सज्जाद हुसैन मीर, प्रधान लिपिक मेहराजउद्दीन और खालिद हुसैन खान ने मिलकर वर्ष 2013-14 में अपने पद का दुरुपयोग करते हुए सरकारी खजाने को बड़ा नुकसान पहुंचाया। इस वर्ष केजीबीवी में वर्दी, किताबें, स्टेशनरी सामान, दवाइयां, बस किराया, भ्रमण और अन्य आवश्यक ढांचागत गतिविधियों के लिए 6218767 रुपये की राशि जारी की गई। जबकि 92,857 खाते में पहले से मौजूद थे।
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जांच में पता चला कि मात्र  826620 रुपये केजीबीवी बोनियार में विभिन्न आवश्यकताओं / गतिविधियों को पूरा करने के लिए खर्च किया गया और तीनों आरोपियों ने मिलीभगत कर 2955050 रुपये की राशि का घोटाला किया।  
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इसके अलावा जांच में यह भी पता चला कि वित्तीय वर्ष 2013-14 के दौरान स्कूल के शिक्षकों के वेतन बकाया के रूप में केजीबीवी बोनियार के आधिकारिक खाते में 2000000 लाख रुपये शिक्षकों की तनख्वाह के रूप में जारी किए गए थे परंतु तीनों ने उक्त राशि को संबंधित शिक्षकों के बीच वितरित करने के बजाय अपने निजी खातों में ट्रांसफर करवा ली। इसके बाद तीनों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।
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नीतू हत्याकांड में बड़ा खुलासा: दूसरी शादी करने के लिए पति ने खेला खूनी खेल, देवर और सास ने भी दिया था साथ

जम्मू संभाग के किश्तवाड़ जिले में महिला की हत्या मामले का पुलिस ने शनिवार को खुलासा कर दिया है। इस मामले में मृतका के पति, देवर और सास को गिरफ्तार किया है। साथ ही पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा भी किया है। पुलिस ने बताया कि मृतका के पति ने दूसरी शादी करने के लिए अपने भाई और मां के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। जिसमें सुनियोजित साजिश के तहत तीनों ने महिला का गला घोंट दिया था।

एक अधिकारी ने कहा कि मुगल मैदान के होरना गांव की रहने वाली नीतू देवी का शव 11 जुलाई को एक कमेटी हॉल में लटका हुआ पाया गया था। उसके ससुराल वालों ने उसके माता-पिता को बताए बिना उसका अंतिम संस्कार करना शुरू कर दिया था। मृतका के मायके वालों की तहरीर पर मामला दर्ज किया गया था।
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प्रारंभ में, मृतका के ससुराल वालों ने कहा कि उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इसके बाद पुलिस को आरोपियों की बातों पर शंका हुई। आरोपियों ने पुलिस को बरगलाने के लिए कई झूठ बोले। उन्होंने कहा कि मामले की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए किश्तवाड़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शफकत हुसैन बट्ट ने एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया, जिसने कड़ी कोशिशों और संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ के बाद मामले का खुलासा किया।
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जिसमें इस बात की पुष्टि हुई है कि नीतू देवी की हत्या उनके पति लोकेश कुमार, बहनोई गोवाश लाल और सास देवकी देवी ने गला घोंटकर की थी। आरोपी व्यक्तियों ने जघन्य अपराध करने के बाद शव को पास के कमेटी हॉल में लटका दिया था ताकि हत्या को आत्महत्या का रूप दिया जा सके। तीनों आरोपियों को हिरासत में लेकर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
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आतंकी हमला: दहशतगर्दों ने ट्रैफिक पुलिस को बनाया निशाना, एक जवान घायल

जम्मू-कश्मीर की ग्रीष्मकालीन राजधानी श्रीनगर में आतंकियों ने बुधवार शाम को डाउनटाउन के राजोरीकदल में ट्रैफिक पुलिस को निशाना बनाते हुए फायरिंग की। जिसमें एक जवान घायल हो गया। हमलवारों की तलाश में इलाके की घेराबंदी कर अभियान शुरू किया गया है। उधर, घायल जवान का इलाज जारी है।

पुलवामा में दो आतंकी मारे गए
पुलवामा जिले में सुरक्षाबलों ने दो पाकिस्तानी आतंकियों को मार गिराया है। इसमें जैश-ए-मोहम्मद का सरगना यासिर पारे भी शामिल है। दूसरे आतंकी की पहचान फुरकान के रूप में हुई है। वह लंबे समय से इलाके में सक्रिय था। सुरक्षाबलों ने आतंकियों की सूचना के बाद मंगलवार देर रात इलाके में अभियान शुरू किया था।
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सुरक्षाबल, फाइल फोटो सुरक्षाबल, फाइल फोटो

बोहरीकदल आतंकी हमला:  सेल्समैन इब्राहिम के हत्यारों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, आकाओं के इशारे पर की थी हत्या

कश्मीर पुलिस ने बोहरीकदल आतंकी हमले के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये तीनों पुलवामा जिले के रहने वाले हैं। 9 नवंबर को पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं के निर्देश पर सेल्समैन इब्राहिम अहमद की हत्या की थी।

इस आतंकी घटना के संबंध में थाना महाराजगंज में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। आतंकी अपराध की जांच के लिए एक विशेष जांच दल का गठन किया गया था। जांच के दौरान अधिकारियों को तीन आरोपियों के बारे में पता चला। जिनकी पहचान एजाज अहमद लोन, नसीर अहमद शाह और शौकत अहमद डार के रूप में हुई है। जिन्हें तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान तीनों ने उक्त अपराध में शामिल होने की बात स्वीकार की।

पुलिस ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चला है कि आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (टीआरएफ) से जुड़े तीनों आरोपियों ने सीमा पार से आतंकवादी हैंडलर के निर्देश पर आतंकी हमले को अंजाम दिया था। तीनों पिछले चार महीने से पाक स्थित आतंकी आकाओं के संपर्क में थे।

इनके कब्जे से एक पिस्टल, सात कारतूस, एक ग्रेनेड सहित अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई है। इसके अलावा हमले के दिन अपराध करने के दौरान इस्तेमाल की गई ऑल्टो कार को भी उनके खुलासे पर जब्त कर लिया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।

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जम्मू-कश्मीर: हाइब्रिड आतंकी को पुलिस ने किया गिरफ्तार, खुल सकती हैं टारगेट किलिंग की परतें

कश्मीर के गांदरबल में पुलिस ने एक हाइब्रिड आतंकी को किया गिरफ्तार को गिरफ्तार किया है। जिसके कब्जे से एक ग्रेनेड मिला है। पूछताछ के दौरान आतंकी ने बताया कि वह लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ है। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है।

आतंकी गतिविधि की सूचना पर पुलिस ने खान इलाके में एक टीम तैनात की थी। इसी दौरान एक संदिग्ध पर पुलिस की नजर पड़ी। जिसे रुकने के लिए कहा गया, लेकिन संदिग्ध ने भागने का प्रयास किया। पुलिस ने उसे पकड़ने में सफलता पाई।
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पूछताछ के दौरान आतंकी ने अपना नाम अरशद अहमद मीर पुत्र मोहम्मद मीर निवासी सहपोरा गांदरबल बताया। अरशद अपने भाई लतीफ अहमद मीर के साथ कई अन्य युवाओं को आतंकी संगठन में भर्ती करा चुका है। हाइब्रिड आतंकवादी अरशद द्वारा भर्ती के लिए प्रेरित किए गए अन्य व्यक्तियों की पहचान की जा रही है।
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खाकी में गुंडा: आरोपी पुलिस वाले ने एके-47 से की थी ताबड़तोड़ फायरिंग, दोहरे हत्याकांड से दहला जम्मू

जम्मू में दो पुलिस थाना क्षेत्रों में हुई खूनी झड़प में कई बातें सामने आ रही हैं। पुलिस तीन पहलुओं को लेकर मामले की जांच कर रही हैं। इसमें हेरोइन की तस्करी, जमीन का विवाद और पैसों का लेन देन शामिल है। जांच के लिए एक विशेष टीम गठित की गई है। मामले की जांच ड्रग्स के साथ जोड़कर भी की जा रही है। क्योंकि घायल बाबर चौधरी पर नशा तस्करी के आधा दर्जन केस दर्ज हैं। 

जानकारी के अनुसार मरने वालों में शामिल आरिफ ने शुक्रवार सुबह पिता तालिब से कार मांगी थी। आरिफ ने कहा था कि उसके किसी दोस्त की मां बीमार है और उसे लेकर अस्पताल जाना है, लेकिन तालिब ने आरिफ को मना कर दिया। किसी तरह से आरिफ ने चाबी ली और कार लेकर घर से चला गया। इसके पहले साबर, बाबर और प्रवीन तीनों आरिफ के घर चौहाला उसको लेने के लिए गए थे। इस दौरान उनका सामना पुलिस कर्मियों से हो गया। सूत्रों के अनुसार दोनों गुटों में ड्रग्स, जमीन और पैसों का पुराना लेनदेन था। हालांकि इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई है।
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जम्मू-कश्मीर : दो गुट भिड़े, पुलिसकर्मी ने की फायरिंग, दो की मौत और दो घायल

जम्मू दोहरा हत्याकांड
भूमि विवाद और पैसों के लेन देन को लेकर दो गुटों में हुई खूनी झड़प में दो युवकाें की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि हिस्ट्रीशीटर युवक के गुट ने दो पुलिस कर्मियों पर तेजधार हथियार से हमला कर दिया, जिसके जवाब में पुलिस कर्मी ने सर्विस राइफल एके47 से फायरिंग कर दी।

फायरिंग से दो युवकाें की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलाें में एक कुख्यात अपराधी भी शामिल है, जिस पर 18 मामले दर्ज हैं। गोलीबारी के आरोपी दो पुलिस कर्मी हैं, जो घटनास्थल से फरार हैं। अरनिया थाना क्षेत्र कोठे सलैड़ और चक हरनी के बीच सुनसान जगह पर हुई वारदात से इलाके में दहशत है। पुलिस ने एसपी मुख्यालय की अध्यक्षता में एसआईटी का गठन कर जांच शुरू कर दी है।

जानकार के अनुसार साबर चौधरी, बाबर चौधरी (सगे भाई), प्रवीन निवासी चक मोहमद यार (आरएस पुरा) और आरिफ चौधरी निवासी चौहाला स्कार्पियो से कहीं जा रहे थे। चक हरनी व कोठे सलैड़ के बीच सुनसान जगह पर थार गाड़ी (जेके21-9888) में बैठे सादिक (पुलिस हेड कांस्टेबल) व भूपिंदर सिंह (आईआरपी 12 बटालियन) से उनकी झड़प हो गई।

दोनों गुटों में जमीन और पैसों को लेकर विवाद था। स्कार्पियो सवार बाबर, साबर, आरिफ और परवीन ने दोनों पुलिस कर्मियों पर हाकी और टोकों के साथ हमला कर दिया। तभी पुलिस कर्मी भूपेंद्र सिंह निवासी सलैड़ कोठे ने सर्विस राइफल एके47 से चारों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इसमें चारों गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद पुलिस कर्मी मौके से फरार हो गए।

घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से जीएमसी भेजा गया, जहां पर आरिफ और साबर को मृत घोषित कर दिया गया। आरिफ के सिर पर हाकी के वार का निशान है, जबकि साबर के सीने और टांग में गोली लगी है। बाबर के सिर और प्रवीन की टांग में गोली लगी है। पुलिस ने मौके से थार वाहन और तेजधार हथियार बरामद किए हैं। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है।

अभी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। आईआरपी की 12 बटालियन का जवान भूपेंद्र सिंह निवासी कोठे सलैड़ सुबह करीब आठ बजे घर से ड्यूटी के लिए थार में निकला था। उसके साथ उसका दोस्त सादिक भी था।
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जम्मू-कश्मीर:  बडगाम जिले यूसमर्ग जंगल क्षेत्र में मिला शव, पुलिस के हाथ नहीं लगा कोई सुराग

तीन हमलों से दहली घाटी: लाल चौक में कश्मीरी पंडित की निर्मम हत्या, लाल बाजार और बांदीपोरा में भी बहा खून

कश्मीर में आतंकियों ने मंगलवार को तीन अलग-अलग स्थानों पर तीन व्यक्तियों को मौत के घाट उतार दिया। श्रीनगर में लाल चौक पर आतंकियों ने मंगलवार शाम को हमला किया। इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई है। आतंकी हमले में जान गंवाने वाले व्यक्ति की पहचान कश्मीरी पंडित माखन लाल बिंदरू के रूप में हुई है। वहीं, आतंकियों ने लाल बाजार इलाके में एक गैर स्थानीय व्यक्ति को भी गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद तीसरा हमला बांदीपोरा के हाजिन में किया। जिसमें एक व्यक्ति की हत्या कर दी। उक्त तीनों इलाकों में हमलावरों की तलाश में अभियान चलाए जा रहे हैं।

बता दें कि आतंकवादियों ने इकबाल पार्क के पास बिंदरू मेडिकेट के मालिक माखन लाल बिंदरू पर गोलियां चलाईं। घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने बताया कि इलाके की घेराबंदी कर दी गई है और आतंकवादियों को पकड़ने के लिए तलाशी जारी है। इससे पहले 17 सितंबर को आतंकियों ने पुलिस में बतौर फॉलोवर काम कर रहे बंटू शर्मा को नजदीक से गोली मारकर उन्हें मौत के घाट उतार दिया था। यह परिवार पिछले 30 वर्षों से अधिक समय से कश्मीर में रह रहा है। 

उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती ने हमले की निंदा की
उप-राज्यपाल ने कहा कि बिंदरू मेडिकेट के मालिक माखन लाल बिंदरू पर हुए आतंकी हमले के बारे में सुनकर दुख हुआ। मैं इस कायराना हमले की कड़ी निंदा करता हूं। शोक संतप्त परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। दोषियों को जल्द ही न्याय के कटघरे में खड़ा किया जाएगा। पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि बहुत दुखद खबर, बिंदरू बहुत दयालु आदमी थे। आतंकवाद के चरम के दौरान भी उन्होंने घाटी नहीं छोड़ी। मैं इस हत्या की  निंदा करता हूं और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं। वहीं महबूबा मुफ्ती ने कहा कि मैं हत्या की निंदा करती हूं। हिंसा की ऐसी हरकतों का समाज में कोई स्थान नहीं है।
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जम्मू-कश्मीर: पुलवामा में आतंकी के भाई का अपहरण, दहशतगर्दों की तलाश में पुलिस ने शुरू किया अभियान

कश्मीर के पुलवामा जिले में आतंकियों ने शनिवार को एक आतंकी के भाई का अपहरण किया है। जिसकी पहचान शकील अहमद शोफी के रूप में हुई है। शकील शोफी के भाई(आतंकी) शमीम शोफी को हाल ही में पुलिस ने पकड़ा था। शमीम लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी है।
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सूत्रों ने बताया कि जिले के निकलूरा इलाके में पिस्टल धारी आतंकी शकील के घर में घुसे और उसे अपने साथ ले गए। पुलिस के एक अधिकारी का कहना है कि मामला संज्ञान में आते ही अपहरण करने वाले आतंकियों की तलाश में अभियान शुरू किया गया है।


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जम्मू-कश्मीर: गनी और दुल्ला के बाद एक और पूर्व आतंकी पकड़ा गया, 20 साल से था फरार

जम्मू संभाग के किश्तवाड़ में पुलिस ने रविवार को जैश-ए-मोहम्मद के एक पूर्व आतंकी को गिरफ्तार किया। वह पिछले 20 साल से फरार था। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि नौगाम गांव निवासी बशीर अहमद उर्फ जफर खान साल 2001 के अपहरण और हत्या के एक मामले में वांछित था। अहमद 15 सितंबर के बाद से जिले में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया चौथा फरार पूर्व आतंकी है।

बता दें कि पुलिस को सूचना मिली थी कि बशीर अहमद मारवाह इलाके में मौजूदगी की सूचना मिली थी। जिसके आधार पर पुलिस की एक टीम ने इलाक में संदिग्ध स्थानों पर छापेमारी की और बशीर को गिरफ्तार करने में सफलता पाई। स्थानीय अदालत ने बशीर को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
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इससे पहले 12 साल से फरार नजीर अहमद को 15 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। दो दिन बाद पुलिस ने 19 साल से फरार अब्दुल गनी को गिरफ्तार किया था। शनिवार को दुल्ला उर्फ जमील को 20 साल की लंबी तलाश के बाद गिरफ्तार किया गया था।
 
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