जम्मू-कश्मीरः बर्फीले इलाके में फंसी गर्भवती महिला के लिए देवदूत बनी सेना, एयरलिफ्ट कर बचाई जान
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सेना देश के किसी भी नागरिक को शांति काल में अकेला नहीं छोड़ती। प्राकृतिक आपदा, बाढ़, भूकंप या फिर इसी तरह की किसी भी परिस्थिति में वह जनता की मदद के लिए हमेशा तैयार रहती है। बुधवार को दुर्गम गुरेज इलाके में बर्फ के बीच फंसी एक गर्भवती महिला के लिए सेना देवदूत बनकर पहुंची। सेना ने दुर्गम परिस्थितियों में फंसी महिला को एयरलिफ्ट कर उसकी जान बचाई।
सेना की स्नो लेपर्ड ब्रिगेड ने गुरेज सेक्टर के डावर में चार दिन से फंसी एक गर्भवती महिला को एयरलिफ्ट किया। राजदान पास पर भारी बर्फबारी के कारण गुरेज घाटी बाकी कश्मीर से पूरी तरह से कट चुकी है। चार दिन से मौसम खराब था और एलओसी से सटे गांव सतनी की गर्भवती महिला जैतूना बेगम गंभीर रूप से बुरी तरह से बीमार थी, अस्पताल नहीं पहुंच पा रही थी।
बुधवार को नागरिक प्रशासन ने स्नो लेपर्ड ब्रिगेड को सूचित किया कि महिला को वहां से निकाला जाए। सेना जब वहां पहुंची तो महिला पीड़ा से कराह रही थी, और उसका होमोग्लोबिन भी कम था और उसे तुरंत सर्जरी की जरूरत थी। सेना ने तुरंत उसे डावर आर्मी कैंप पहुंचाया, जहां सेना की मेडिकल टीम के साथ स्थानीय चिकित्सक ने उसकी जांच की।
इसके बाद वीरवार को महिला को आर्मी के गुरेज हेलीपैड से एयरलिफ्ट कर श्रीनगर के एलडी अस्पताल पहुंचाया। सैन्य अधिकारियों ने बताया कि डावर में सिविल अस्पताल है, मगर वहां पर डायनोस्टिक और उपचार की अन्य सुविधाएं बहुत कम हैं। कोरोना संकट होने के बावजूद भी डावर में सेना की मेडिकल टीम ने उसका उपचार किया। सेना के इस कार्य के लिए क्षेत्र के लोग सेना की सराहना कर रहे हैं।
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