फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   मौसम के दिए जख्म का दर्द बढ़ा रही सरकार की बेरुखी

मौसम के दिए जख्म का दर्द बढ़ा रही सरकार की बेरुखी

Sun, 24 Dec 2017 12:57 AM IST
Updated Sun, 24 Dec 2017 12:57 AM IST
विज्ञापन
मौसम के दिए जख्म का दर्द बढ़ा रही सरकार की बेरुखी
कठुआ।
विज्ञापन

वर्ष 2014 में बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की करीब 50 फीसदी फसल बर्बाद हो गई थी, जिसका अभी तक उनको मुआवजा नहीं मिला है। खराब मौसम से सबसे ज्यादा लोहाई मल्हार तहसील में 33 हजार कनाल पर उगाई गई फसल बर्बाद हो गई। इससे कुल 6517 किसान परिवारों को भारी नुकसान हुआ। बसोहली में 10,936 किसान परिवारों को नुकसान हुआ।
क्षेत्रफल के हिसाब से सबसे अधिक प्रभावित कठुआ तहसील रही, जहां पर एक लाख कनाल से अधिक भूमि पर लगी फसल बर्बाद हो गई। डिंगा अंब तहसील में 13 हजार कनाल पर लगी फसल बर्बाद हुई। पूरे जिले में सवा लाख किसान परिवारों को बारिश और ओलावृष्टि ने नुकसान पहुंचाया। जिला प्रशासन द्वारा नुकसान का सर्वे करवाए तीन साल से अधिक हो गए, लेकिन किसानों को अभी तक मुआवजा नहीं मिला है। ऐसे में किसानों पर कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है। किसानों की उम्मीदों पर जहां बारिश और ओलावृष्टि ने पानी फेरा, तो राज्य की भाजपा-पीडीपी सरकार ने भी किसानों को कोई राहत देने का काम नहीं किया।
विज्ञापन


नुकसान की भरपाई को चाहिए 26 करोड़
जिला प्रशासन द्वारा करवाए गए सर्वे के अनुसार जिला के किसानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए 26 करोड़ रुपये चाहिए। सर्वे के दौरान नुकसान को दो हिस्सों में बांटा गया। पहले हिस्से में सिंचाई वाले इलाके रखे गए। इन इलाकों में सरकार को लगभग 13 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से करीब साढे़ तेरह करोड़ रुपये देने हैं। वहीं, दूसरे हिस्से में बिना सिंचाई वाले इलाके रखे गए हैं। इन इलाकों में सरकार छह हजार आठ सौ रुपये प्रति हेक्टेयर के हिसाब से 13 हजार करोड़ रुपये देने हैं। ऐसे में पूरे जिला के किसानों को 26 हजार करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा मिलना है।
विज्ञापन
विज्ञापन


दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के किसानों को मिल चुकी है मदद
मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती, वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा और गृह मंत्री राजनाथ सिंह से भी गुहार लगा चुके हैं किसान

वर्ष 2014 में राज्य के साथ ही दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में भी बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसल को नुकसान हुआ था। वहां की सरकारों ने सर्वे करवाए और किसानों को मुआवजे की राशि बांट दी। किसान नेता शिव देव सिंह ने बताया कि आठ कनाल के हिसाब से दिल्ली सरकार ने 20 हजार, हरियाणा सरकार ने 16 हजार और पंजाब सरकार ने 14 हजार रुपये दिए हैं। लेकिन, रियासत में भाजपा-पीडीपी सरकार ने अभी तक मुआवजे की राशि नहीं दी है। इसे लेकर राज्य की मुख्यमंत्री से लेकर वार्ताकार दिनेश्वर शर्मा और गृह मंत्री से भी गुहार लगा चुके हैं।



तहसील प्रभावित किसान परिवार बर्बाद हुई फसल क्षेत्रफल
(प्रतिशत में) कनाल मरला
महानपुर 6,833 50 27,112 11
बनी 12,075 49 26,265
बसोहली 10,936 46 40,488 19
बिलावर 15,210 56 67,696
लोहाई-मल्हार 6,517 63 33,960
रामकोट 8,448 60 55,440
डिंगा अंब 2,592 47 13,288
हीरानगर 14,017 50 76,880
मढ़ीन 14,443 52 82,728
कठुआ 34,846 48 1,41,184
नगरी परोल 6,676 51 27,920

कुल 1,32,593 51 5,92,962 10


---बयान----
राजस्व विभाग ने सर्वे करवाने के लिए सभी तहसीलों के तहसीलदरों को कहा था और रिपोर्ट सरकार को सौंप दी थी। 26 करोड़ से अधिक की राशि सरकार द्वारा जारी की जानी है। राजस्व विभाग ने सरकार से राशि की मांग कर दी है। जब राशि आएगी तब किसानों के खातों में सीधे डाल दी जाएगी।
-जितेंद्र मिश्रा, सहायक आयुक्त, राजस्व
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed