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Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   5 Lakh people face threatening of homelessness

पाकिस्तान की गोलाबारी से 5 लाख लोग बेघर होने की कगार पर

Tue, 16 May 2017 07:53 AM IST
राघवेंद्र नारायण मिश्र/ जम्मू
राघवेंद्र नारायण मिश्र/ जम्मू Updated Tue, 16 May 2017 07:53 AM IST
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5 Lakh people face threatening of homelessness

पाकिस्तान की गोलाबारी से एलओसी और बार्डर के गांवों की 5 लाख आबादी पर बेघर होने का खतरा मंडरा रहा है। एलओसी और बार्डर पर पाकिस्तान की ओर से सीजफायर के उल्लंघन की घटनाएं बढ़ने के आसार हैं। 

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सुरक्षा एजेंसियों को आशंका है कि एलओसी पर भारतीय सेना के मुंहतोड़ जवाब के बाद पाकिस्तानी सेना बार्डर के गांवों को भी निशाना बना सकती है। इस बाबत सेना ने बार्डर के ग्रामीणों को सचेत कर दिया है। पाकिस्तान और पीओके में गेहूं की फसल कट चुकी है। पाकिस्तान ने पीओके के कई गांवों को खाली कराया है। पाक द्वारा इन तैयारियों से गोलाबारी की आशंका बढ़ गई है। 
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रिटायर्ड डीजीपी एमएम खजूरिया के अनुसार कुलभूषण जाधव मामले में पाकिस्तान का चेहरा बेनकाब हो रहा है। अब फेस सेविंग रणनीति के तहत पाकिस्तान कश्मीर मुद्दे को नए सिरे से दुनिया के सामने लाना चाहता है। इस कारण एलओसी के राजोरी, पुंछ और नौशेरा में लगातार गोलाबारी की गई। अब इसे बार्डर के गांवों में भी दोहराया जा सकता है। भारत की सेना की ओर से जवाबी कार्रवाई के बाद पाकिस्तान की ओर से सीमा पर तनाव को प्रचारित करने का प्रोपेगंडा चलेगा। सीजफायर का उल्लंघन सोची-समझी रणनीति के तहत हो रहा है। 

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पाक ने रणनीति बदली, अब एलओसी पर बढ़ी गोलाबारी

5 Lakh people face threatening of homelessness

पाकिस्तान की गोलाबारी ने तीन साल में 50 नागरिकों की जानें ली हैं। इस दौरान सेना और बीएसएफ के 30 जवान शहीद हुए हैं। गोलाबारी में 255 नागरिक, 102 सेना के जवान और 51 बीएसएफ कर्मी घायल हुए हैं। भारतीय सेना ने हर बार मुंहतोड़ जवाब दिया है, लेकिन पाकिस्तान नापाक हरकतों से बाज नहीं आता है। पाकिस्तान की ओर से गोलाबारी की आशंका के मद्देनजर इस महीने बार्डर और एलओसी के कुछ गांवों को खाली कराया जा सकता है। 

पाकिस्तान ने सीजफायर के उल्लंघन में रणनीति बदली है। दो साल पहले तक एलओसी की तुलना में बार्डर पर युद्धविराम तोड़ने की घटनाएं अधिक हो रहीं थीं। अब एलओसी ज्यादा अशांत है। बदली हुई रणनीति के पीछे आतंकियों की घुसपैठ के अलावा कश्मीर को विवादित क्षेत्र साबित करने का प्रयास भी शामिल है। 

गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार 2014 में पाकिस्तान ने कुल 583 बार सीजफायर तोड़ा, जिसमें बार्डर पर 430 बार और एलओसी पर 153 बार गोले दागे। इसी तरह 2015 में बार्डर पर 253 और एलओसी पर 152 बार मोर्टार दागे गए। इसके बाद 2016 में एलओसी के गांवों को 228 बार निशाना बनाया गया, जबकि बार्डर पर सिर्फ 6 बार सीजफायर का उल्लंघन हुआ। यह क्रम इस साल भी जारी है। इस साल अब तक एलओसी पर 56 बार और बार्डर पर 6 बार युद्धविराम तोड़ा गया है। पाकिस्तान की ओर से इस साल के साढ़े चार महीनों में 62 बार सीजफायर का उल्लंघन किया गया है।

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