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J&K: क्रूड बोआइलर, हीटर और नाइक्रोम क्वाइल का इस्तेमाल पर रोक, पकड़े जानें पर मिलेगी ये सजा
Updated Wed, 20 Dec 2017 08:55 PM IST
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- फोटो : FILE PHOTO
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कठुआ/बनी। बिजली की कमी और ट्रांसफार्मरों पर बढ़ते ओवरलोड को रोकने के लिए एसडीएम बनी ने उप जिले में देसी यानी क्रूड बॉयलर (इलीमेंट को लकड़ियों के बीच फंसाकर पानी उबालने की तकनीक), हीटर और नाइक्रोम क्वाइल के इस्तेमाल पर प्रतिबंध के आदेश दिए हैं। आदेश के अनुसार इनकी बिक्री पर भी रोक लगा दी गई है। इन उपकरणों का इस्तेमाल किसी भी प्रकार से वैध नहीं होगा। ऐसा करने पर कार्रवाई और जुर्माना होगा।
बनी एसडीएम अजीत सिंह ने बिजली विभाग की अनुशंसा पर यह आदेश मंगलवार को जारी किया है। आदेश के अनुसार बनी सब डिवीजन के सभी ट्रांसफार्मरों पर लोड काफी बढ़ चुका है। इसके कारण क्रूड ब्लोअर, हीटर और नाइक्रोम क्वाइल का इस्तेमाल किया जाना है।
ओवरलोड से ट्रांसफार्मरों को जलने या अन्य तकनीकी खराबी से बचाने और बिजली की अघोषित कटौती को रोकने के लिए यह आदेश जारी किया गया है। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए देसी बॉयलर हीटर और नाइक्रोम क्वाइल को अवैध घोषित कर दिया गया है। यही नहीं, बनी सब डिवीजन में इसकी बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह आदेश 31 मार्च 2018 तक लागू रहेगा। पुलिस और बिजली विभाग को उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और जुर्माने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
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दो महीने लग जाते हैं ट्रांसफार्मर सही होने में
सर्दियों में बिजली की अघोषित कटौती के बीच ओवरलोड से खराब होने वाले ट्रांसफार्मरों की संख्या भी बढ़ जाती है। बनी इलाके में ट्रांसफार्मर खराब होने पर इसे बदलने में हफ्ते से लेकर महीने तक लग जाते हैं। वर्ष 2017 की शुरुआत में बनी इलाके में खराब दो दर्जन से अधिक ट्रांसफार्मरों को बदलने में तीन महीने तक लग गए।
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बनी एसडीएम अजीत सिंह ने बिजली विभाग की अनुशंसा पर यह आदेश मंगलवार को जारी किया है। आदेश के अनुसार बनी सब डिवीजन के सभी ट्रांसफार्मरों पर लोड काफी बढ़ चुका है। इसके कारण क्रूड ब्लोअर, हीटर और नाइक्रोम क्वाइल का इस्तेमाल किया जाना है।
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ओवरलोड से ट्रांसफार्मरों को जलने या अन्य तकनीकी खराबी से बचाने और बिजली की अघोषित कटौती को रोकने के लिए यह आदेश जारी किया गया है। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए देसी बॉयलर हीटर और नाइक्रोम क्वाइल को अवैध घोषित कर दिया गया है। यही नहीं, बनी सब डिवीजन में इसकी बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। यह आदेश 31 मार्च 2018 तक लागू रहेगा। पुलिस और बिजली विभाग को उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और जुर्माने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
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दो महीने लग जाते हैं ट्रांसफार्मर सही होने में
सर्दियों में बिजली की अघोषित कटौती के बीच ओवरलोड से खराब होने वाले ट्रांसफार्मरों की संख्या भी बढ़ जाती है। बनी इलाके में ट्रांसफार्मर खराब होने पर इसे बदलने में हफ्ते से लेकर महीने तक लग जाते हैं। वर्ष 2017 की शुरुआत में बनी इलाके में खराब दो दर्जन से अधिक ट्रांसफार्मरों को बदलने में तीन महीने तक लग गए।