कश्मीर सुपर 30 ने भरी सफलता की उड़ान, 15 छात्रों ने पास की JEE मेन परीक्षा
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आतंकवाद से जूझ रहे कश्मीर घाटी में शुरु हुआ सुपर 30 भी अपनी सफलता की उड़ान भर चुका है। इस सुपर 30 में पढ़ने वाले 15 छात्रों ने विपरीत परिस्थियों में भी आईआईटी-जेईईई 2016 की मेन्स परीक्षा में सफलता हासिल की है।
भारतीय सेना द्वारा शुरु की गई यह पहल प्रसिद्ध पटना सुपर 30 पर आधारित है। आतंकवाद से जूझ रही कश्मीर घाटी में सेना प्रतिभाशाली छात्रों की प्रतिभा को संवारने और उन्हें अच्छी राह दिखा कर मुख्यधारा में शामिल करने की कोशिश कर रही है।
सेना सुपर 30 के बच्चों को उनके शिक्षा के रिकॉर्ड और पारिवारिक पृष्ठभूमि आधार पर चुनती है। भारतीय सेना ने इसकी सबसे पहली शुरुआत 2014 में की थी। कश्मीर के सुपर 30 को सेना के साथ सेंटर फॉर सोशल रिस्पांसिबिलिटी एंड लीडरशिप की मदद से चलाया जा रहा है।
जम्मू-कश्मीर के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं
सेना द्वारा इस साल सुपर 30 का आयोजन कश्मीर के बारामूला स्थित डागर डिवीज़न के तरफ से किया जा रहा है। आपको बता दें की इस परीक्षा में पास हुए सभी छात्रों को मेजर जनरल जेएस नाइन द्वारा सम्मानित किया गया।
रिटायर कर्नल जसबीर सराय ने कहा कि रिजल्ट ने यह साबित कर दिया है कि जम्मू-कश्मीर के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। यहां के युवा भी देश के दूसरे हिस्से के युवाओं के साथ प्रतिस्पर्धा करने के लायक हैं और एक विजेता की तरह बाहर आ सकते हैं। इस समय मैं भारतीय सेना को भी सलाम करना चाहता हूं, जिनके सहयोग से यह संभव हो सका।