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तीन तलाक: कागज के टुकड़े पर लिखा तलाक-तलाक-तलाक और छोड़ दिया
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 25 Apr 2017 08:47 PM IST
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तीन तलाक केस सीकर में।
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तीन तलाक मुस्लिम महिलाओं के लिए परेशानी का कारण बन गया है। नया मामला सीकर में सामने आया जब राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष सुमन शर्मा जनसुनवाई के लिए पहुंची। एक मुस्लिम का दर्द सुनकर सुमन शर्मा ने भी कह दिया कि औरतों को क्या खेल समझ रखा है।
जानकारी के अनुसार फतेहपुर से आयी रेश्मा ने बताया आयोग अध्यक्ष को आपबीती सुनाते हुए कहा कि वर्ष 2015 में उसकी शादी शौहर आरीफ के साथ हुई थी। लेकिन वर्ष 2016 में उसके पति ने एक कागज के टुकड़े पर तीन बार तलाक लिख दिया और उससे अलग हो गया। रेश्मा ने बताया कि उसका पति उसे उसके रिश्तेदारों के घर रखता है। रेश्मा ने बताया कि आरीफ ने कागज के टुकड़े पर तीन बार तलाक लिखने के अतिरिक्त उसे तीन बार तलाक-तलाक-तलाक भी बोला और उसे छोड़ दिया।
रेश्मा की बात सुनने के बाद महिला आयोग अध्यक्ष ने जिला कलक्टर व एसपी को निर्देश दिए कि वे सुनिश्चित करें कि आरीफ इस मामले में जयपुर में पेश हो। जनसुनवाई के दौरान रेश्मा के जेठ अब्दुल सलाम अपने भाई का पक्ष रखने के लिए मौजूद था।
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सलाम से जब आयोग अध्यक्ष सुमन शर्मा ने पक्ष पूछा तो उसने एक कागज दिखाते हुए कहा कि यह तलाकनामा है। इसे देखते हुए आयोग अध्यक्ष ने नाराजागी जताते हुए कहा कि औरतों को क्या खेल समझ रखा है। शर्मा ने कहा कि यह कौनसा काननू है और एेसे तलाक नहीं माना जाएगा।
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जानकारी के अनुसार फतेहपुर से आयी रेश्मा ने बताया आयोग अध्यक्ष को आपबीती सुनाते हुए कहा कि वर्ष 2015 में उसकी शादी शौहर आरीफ के साथ हुई थी। लेकिन वर्ष 2016 में उसके पति ने एक कागज के टुकड़े पर तीन बार तलाक लिख दिया और उससे अलग हो गया। रेश्मा ने बताया कि उसका पति उसे उसके रिश्तेदारों के घर रखता है। रेश्मा ने बताया कि आरीफ ने कागज के टुकड़े पर तीन बार तलाक लिखने के अतिरिक्त उसे तीन बार तलाक-तलाक-तलाक भी बोला और उसे छोड़ दिया।
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रेश्मा की बात सुनने के बाद महिला आयोग अध्यक्ष ने जिला कलक्टर व एसपी को निर्देश दिए कि वे सुनिश्चित करें कि आरीफ इस मामले में जयपुर में पेश हो। जनसुनवाई के दौरान रेश्मा के जेठ अब्दुल सलाम अपने भाई का पक्ष रखने के लिए मौजूद था।
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सलाम से जब आयोग अध्यक्ष सुमन शर्मा ने पक्ष पूछा तो उसने एक कागज दिखाते हुए कहा कि यह तलाकनामा है। इसे देखते हुए आयोग अध्यक्ष ने नाराजागी जताते हुए कहा कि औरतों को क्या खेल समझ रखा है। शर्मा ने कहा कि यह कौनसा काननू है और एेसे तलाक नहीं माना जाएगा।