पाकिस्तान जाने वाले भारत के पानी को रोकेगी यह स्कीम, 3300 करोड़ रुपये के MOU पर साइन
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राजस्थान सरकार एवं न्यू डेवलपमेन्ट बैंक (एनडीबी) के बीच आज एक बड़ी परियोजना को लेकर एमओयू साइन हुआ।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना से रावी, ब्यास, सतलज और घग्गर नदियों के वर्षा व बाढ़ के व्यर्थ में बह कर पाकिस्तान की ओर चले जाने वाले पानी को देश में रोक कर उसका सदुपयोग हो सकेगा। परियोजना के तहत इंदिरा गांधी नहर परियोजना की नहरों की रिस्ट्रक्चरिंग एवं मरम्मत कराई जाएगी। इससे नहरों से पानी की छीजत व खेतों में वाटर लॉकिंग (सेम) आदि समस्याएं भी दूर होगी। आईजीआई परियोजना के अंतिम छोर पर स्थित किसानों को भी सिंचाई के लिए पूरा पानी मिल सकेगा।
इन जिलों को मिलेगा इसका फायदा
राजस्थान के सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव शिखर अग्रवाल ने बताया कि परियोजना का लाभ प्रदेश के 10 जिलों श्रीगंगानगर, हनुमानगढ, चूरू, नागौर, बीकानेर, जोधपुर, जैसलमेर, सीकर, झुंझुनूं और बाड़मेर को मिलेगा।
इन जिलो में सिंचाई के साथ-साथ पेयजल की समस्या भी हल करने में मदद मिलेगी । उन्होंने बताया कि परियोजना में रावी ब्यास सतलज और घग्गर नदियों का फ्लड मैनेजमेंट सिस्टम भी बनेगा
राजस्थान जल क्षेत्र पुर्नसंरचना परियोजना करीब 3300 करोड़ रुपए की है। मंगलवार को नई दिल्ली के नॉर्थ ब्लॉक स्थित केन्द्रीय वित्त मंत्रालय में परियोजना के प्रथम चरण के लिए 1000 करोड़ के ऋण अनुबंध समझौते पर भारत सरकार के वित्त एवं आर्थिक मामलात मंत्रालय में संयुक्त सचिव गोविंद मोहन,राजस्थान सरकार के प्रमुख सिंचाई सचिव शिखर अग्रवाल और एनडीबी के प्रतिनिधि ने दस्तखत किए। इस मौके पर सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता रवि सोलंकी और अन्य अधिकारीगण भी मौजूद थे।