राजस्थान: हाईकोर्ट में वकीलों की हड़ताल, कार्यवाहक चीफ जस्टिस के खिलाफ प्रदर्शन; जयपुर में पुलिस बुलानी पड़ी
राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर और जोधपुर पीठ में वकीलों ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा के खिलाफ हड़ताल शुरू कर दी है। अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार करते हुए प्रदर्शन किया।
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राजस्थान उच्च न्यायालय की जयपुर और जोधपुर दोनों पीठों में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा के खिलाफ अधिवक्ताओं का विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। वकीलों ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार करते हुए हड़ताल शुरू कर दी है। जयपुर पीठ में प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं को तितर-बितर करने के लिए प्रशासन को पुलिस बल बुलाना पड़ा। इस दौरान प्रदर्शनकारी वकील कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए। अधिवक्ताओं के विरोध के चलते हाईकोर्ट का कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ और मुकदमों की सुनवाई के लिए पहुंचे लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा।
जयपुर और जोधपुर में न्यायिक कार्य का बहिष्कार
उच्च न्यायालय के दोनों परिसरों में अधिवक्ताओं के विरोध का असर साफ दिखाई दिया। जयपुर और जोधपुर में वकीलों ने न्यायिक कार्य से दूरी बनाकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने "गली-गली में शोर है, हमारा मुखिया चोर है" जैसे नारे लगाए।
प्रदर्शनकारी वकीलों का आरोप है कि उच्च न्यायालय का प्रशासनिक कामकाज सही तरीके से नहीं चल रहा है। जयपुर पीठ में उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं को हटाने के लिए पुलिस अधिकारियों को हस्तक्षेप करना पड़ा। वकीलों के अचानक न्यायिक कार्य से दूर रहने के कारण अदालतों में मुकदमों की सुनवाई प्रभावित हुई और न्यायालय पहुंचे आम लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ी।
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के पत्र से शुरू हुआ विवाद
अधिवक्ताओं की हड़ताल का संबंध सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश संदीप मेहता की ओर से भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत को लिखे गए हालिया पत्रों से बताया जा रहा है। न्यायाधीश संदीप मेहता ने अपने पत्रों में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा पर मुकदमों की सूची में हेरफेर करने और प्रशासनिक शक्तियों के कथित दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
न्यायाधीश मेहता ने भारत के मुख्य न्यायाधीश से यह अनुरोध भी किया था कि राजस्थान उच्च न्यायालय के नेतृत्व के लिए किसी अन्य राज्य से तत्काल प्रभाव से मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति की जाए। इन पत्रों के सार्वजनिक होने के बाद राजस्थान हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं में असंतोष बढ़ गया और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया।
कॉलेजियम कर रहा आरोपों की जांच
मामले को लेकर भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत की ओर से भी स्थिति स्पष्ट की गई है। उन्होंने कहा है कि सर्वोच्च न्यायालय का कॉलेजियम लगाए गए सभी आरोपों की बारीकी से जांच कर रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा को अपना पक्ष रखने और जवाब देने का पूरा अवसर दिया जाएगा।
जोधपुर में दोपहर 12 बजे अहम बैठक
इस बीच जोधपुर में विभिन्न बार एसोसिएशनों ने आगे की रणनीति तय करने के लिए दोपहर 12 बजे महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। प्रदर्शनकारी अधिवक्ता इस बैठक को आम सभा का रूप देकर अनिश्चितकालीन हड़ताल का फैसला लेने के लिए दबाव बनाने की तैयारी में हैं। ऐसे में बैठक के बाद राजस्थान हाईकोर्ट के वकीलों के आंदोलन की अगली दिशा स्पष्ट होने की संभावना है।