{"_id":"5a03ddfb4f1c1b69678ba307","slug":"government-took-no-strict-action-against-doctors-in-rajasthan","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"हड़ताली डॉक्टरों पर कोई कार्रवाई नहीं, मंत्री कर रहे सिर्फ बयानबाजी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हड़ताली डॉक्टरों पर कोई कार्रवाई नहीं, मंत्री कर रहे सिर्फ बयानबाजी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 09 Nov 2017 11:19 AM IST
विज्ञापन
कालीचरण सराफ।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चिकित्सकों की हठधर्मिता के आगे किस प्रकार सरकार नतमस्तक हो जाती है इसका उदाहरण इन दिनों राजस्थान में देखने को मिल रहा है। यहां दस हजार चिकित्सक 33 मांगों को लेकर बीते तीन दिन से हड़ताल पर हैं।
विज्ञापन
राजस्थान सरकार ने चिकित्सकों की हड़ताल के चलते रेस्मा लागू किया हुआ है। लेकिन इसके बाद भी अपनी मांगों पर अड़े चिकित्सकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पूरे प्रदेश में रेस्मा लगने के बाद भी न तो किसी चिकित्सक की गिरफ्तारी हुई है और न ही उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई।
विज्ञापन
वहीं राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ चिकित्सकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के बजाए केवल बयानबाजी करते नजर आ रहे हैं।
लगातार हो रही हैं मौत
dead body
चिकित्सा मंत्री तीन दिनों से सिर्फ सख्ती बरतने की बात कर रहे हैं, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला है। चिकित्सकों की हड़ताल के कारण तीन दिन में 13 से अधिक मरीज दम तोड़ चुके हैं।
चिकित्सा व्यवस्थाओं का आलम यह है कि बुधवार रात अकेले जोधपुर में चार मरीजों ने ईलाज के अभाव में दम तोड़ दिया। वहीं कोटा में पांच मासूमों की भी मौत बीते दो दिनों में चुकी है। जबकि आज दोपहर बाद से कई जिलों में रेजिडेंट डॉक्टरों की भी हड़ताल प्रांरभ हो रही है।
चिकित्सा व्यवस्थाओं का आलम यह है कि बुधवार रात अकेले जोधपुर में चार मरीजों ने ईलाज के अभाव में दम तोड़ दिया। वहीं कोटा में पांच मासूमों की भी मौत बीते दो दिनों में चुकी है। जबकि आज दोपहर बाद से कई जिलों में रेजिडेंट डॉक्टरों की भी हड़ताल प्रांरभ हो रही है।