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हाईकोर्ट कमेटी ने नहीं माना वकील के खिलाफ लैंगिक प्रताड़ना के आरोप को सही
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 01 Aug 2017 02:22 PM IST
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राजस्थान हाईकोर्ट की आंतरिक शिकायत कमेटी ने वकील प्रवीण बलवदा के खिलाफ महिला अधिवक्ता की ओर से दी गई लैंगिक प्रताड़ना की शिकायत को सही नहीं माना है। कमेटी ने शिकायत का निस्तारण करते हुए कहा है कि तथ्यों को देखते हुए प्रकरण में लैंगिक प्रताड़ना का प्रकरण नहीं बनाता है।
इसके साथ ही कमेटी ने महिला अधिवक्ता को दी गई पुलिस सुरक्षा को भी हटाने को कहा है। मामले के अनुसार हाईकोर्ट की महिला वकील ने अधिवक्ता प्रवीण बलवदा के खिलाफ प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट प्रशासन को शिकायत दी थी।
जिस पर सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने महिला से कार्यस्थल पर लैंगिक प्रताडना अधिनियम, 2013 के तहत जांच कमेटी गठित की। जिसमें हाईकोर्ट की महिला न्यायाधीश को भी शामिल किया गया। गौरतलब है कि महिला वकील की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए कमेटी ने गत वर्ष फरवरी माह में वकील प्रवीण बलवदा के हाईकोर्ट परिसर में प्रवेश पर भी पाबंदी लगा दी थी।
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इसके साथ ही कमेटी ने महिला अधिवक्ता को दी गई पुलिस सुरक्षा को भी हटाने को कहा है। मामले के अनुसार हाईकोर्ट की महिला वकील ने अधिवक्ता प्रवीण बलवदा के खिलाफ प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट प्रशासन को शिकायत दी थी।
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जिस पर सुनवाई के लिए हाईकोर्ट ने महिला से कार्यस्थल पर लैंगिक प्रताडना अधिनियम, 2013 के तहत जांच कमेटी गठित की। जिसमें हाईकोर्ट की महिला न्यायाधीश को भी शामिल किया गया। गौरतलब है कि महिला वकील की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए कमेटी ने गत वर्ष फरवरी माह में वकील प्रवीण बलवदा के हाईकोर्ट परिसर में प्रवेश पर भी पाबंदी लगा दी थी।
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कमेटी के सामने आरोपों का दो साल तक सामना किया
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- फोटो : Demo pic
हालांकि बलवदा को छूट दी गई थी कि जिस दिन उनका मुकदमा हाईकोर्ट में सूचीबद्ध हो, वे पैरवी के लिए आ सकते हैं। वकीलों का कहना है कि यह हाईकोर्ट के इतिहास में पहला प्रकरण है, जहां एक महिला अधिवक्ता ने दूसरे वकील पर लैंगिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए शिकायत की है।
इस संबंध में अधिवक्ता प्रवीण बलवदा का कहना है कि उन्होंने कमेटी के सामने आरोपों का दो साल तक सामना किया है। आखिरकार सच्चाई सबके सामने आ गई। इन दो सालों में मेरे वकील साथी मुझ पर विश्वास दिखाकर साथ खड़े रहे।
इस संबंध में अधिवक्ता प्रवीण बलवदा का कहना है कि उन्होंने कमेटी के सामने आरोपों का दो साल तक सामना किया है। आखिरकार सच्चाई सबके सामने आ गई। इन दो सालों में मेरे वकील साथी मुझ पर विश्वास दिखाकर साथ खड़े रहे।