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जम्मू-कश्मीर के पते से बैकडेट में बनाए बड़े लोगों के फर्जी हथियार लाइसेंस, एटीएस का बड़ा खुलासा

Tue, 12 Sep 2017 04:23 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर 
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर  Updated Tue, 12 Sep 2017 04:23 PM IST
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हथियार - फोटो : Demo pic
लाखों रुपए लेकर प्रतिष्ठित लोगों के फर्जी हथियार लाइसेंस बनाने और हथियार बेचने के मामले में एक और अहम खुलासा हुआ है। एटीएस की पड़ताल में सामने आया कि यह अंतराज्यीय गिरोह वर्ष 2007—08 की बैकडेट में हथियार रखने के फर्जी लाइसेंस बना रहा था। गिरोह द्वारा बनाए गए ज्यादातर लाइसेंस में जम्मू-कश्मीर के स्थानीय पते का इस्तेमाल किया जा रहा था।
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यह गिरोह हथियार लाइसेंसों के लिए ना तो पुलिस सत्यापन करवाता है और ना हीं संबंधित थाने में हथियारों का इंद्राज करवाते है। राजस्थान एटीएस के एडीजी उमेश मिश्रा के मुताबिक करीब चार माह पहले सूचना मिली थी कि एक गिरोह अवैध रुप से प्रतिष्ठित लोगों को हथियार बेचने तथा खरीदने और हथियार लाइसेंस बनाने का कारोबार करता है।
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मामले में एटीएस ने तीन हथियार तस्करों अजमेर निवासी जुबेर खां, पंजाब के अबोहर निवासी विशाल और नसीराबाद निवासी गणपत सिंह को धरदबोचा। एटीएस की 12 टीमों ने राजस्थान, पंजाब, मप्र और जम्मू-कश्मीर में छापे मारे। जिनमें एटीएस ने उदयपुर से 24 लोगों से हथियार, लाइसेंस और 200 कारतूस बरामद किए हैं। इनमें पिस्टल, रिवाल्वर, 12 बोर आदि शामिल हैं। इनका स्थानीय थाने में रिकॉर्ड नहीं था। एटीएस ने अजमेर के आनासागर लिंक रोड स्थित वली मोहम्मद एंड संस के डीलर जुबेर खां को गिरफ्तार किया।  
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जानिए, किस तरह हुआ गैंग का खुलासा

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revolver - फोटो : Demo pic
एडीजी ​क्राइम पीके सिंह ने बताया कि आईजी बीजू जार्ज जोजफ और एसपी विकास कुमार के निर्देशन में एडिशनल एसपी बजरंग सिंह  के के नेतृत्व में 12 टीमों का गठन किया गया। जिसमें पुलिस इंस्पेक्टर श्याम सिंह, मनीष शर्मा, राजेश दुरेजा, कामरान खान, प्रदीप सिंह को शामिल किया गया। 

इनमें एटीएस की उदयपुर यूनिट के पुलिस इंस्पेक्टर श्याम सिंह रत्नू के नेतृत्व में एक टीम को अबोहर, पंजाब और जम्मू भेजी गई। जहां पड़ताल शुरु की। इसी बीच उदयपुर निवासी एक व्यक्ति ने एटीएस मुख्यालय में अजमेर में आनासागर लिंक रोड निवासी हथियार डीलर जुबेर खां नाम के व्यक्ति के बारे में शिकायत दी कि जुबेर ने 12 लाख रुपए लेकर हथियार बेचे और उनका लाइसेंस बनवाया। जो कि फर्जी लग रहा है। 

एटीएस टीम ने बोगस ग्राहक के जरिए जुबेर खां से संपर्क किया और फिर दो लाख रुपए का एक चैक व 30 हजार रुपए नकद तथा छह अवैध हथियारों के साथ पकड़ लिया। इसके बाद अन्य आरोपियों के घरों पर भी छापा मारा। जहां से अवैध हथियार लाइसेंस व हथियार पकड़े।

इन रसूखदार लोगों के​ निकले जब्त हथियार लाइसेंस

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revolver - फोटो : demo pic
एसपी विकास कुमार के मुताबिक राजस्थान एटीएस टीम ने राजस्थान, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, मध्यप्रदेश में अलग-अलग जगहों पर दबिश देकर फर्जी हथियार लाइसेंस व अवैध हथियार बरामद कि है।
 
जुबेर के सहयोगी पंजाब निवासी विशाल व जम्मू निवासी राहुल को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। आरोपियों से अभी तक की पूछताछ में सामने आया कि आराेपी जम्मू निवासी राहुल के माध्यम से बैकडेट में हथियार लाइसेंस बनवा रहे थे। इन लाइसेंस पर जम्मू कश्मीर के स्थानीय पते का हवाला दिया गया था।  

एटीएस ने जो हथियार लाइसेंस जब्त किए है। उनमें ज्यादातर उदयपुर के मार्बल व्यापारी, टूर एंड ट्रेवल्स एजेंसी के मालिक, प्रापर्टी कारोबारी सहित राजनीतिक क्षेत्र से जुड़े लोगों, बिजनेसमेन, मॉल्स के मालिक समेत कई प्रभावशाली लोग शामिल है। उदयपुर में यह कार्रवाई एडीशनल एसपी रानू शर्मा के नेतृत्व में हुई। यह भी जानकारी मिली है कि अवैध हथियारों की सप्लाई मध्यप्रदेश के धार, खरगौन, देवास और यूपी के इटावा, अलीगढ़ क्षेत्रों से हुई है। 
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