{"_id":"5a1fe1bd4f1c1b4c528b69b4","slug":"adj-court-verdict-convicted-of-terrorists-linked-to-lashkar-e-toiba","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े 8 आतंकियों को कोर्ट ने माना दोषी, 4 जनवरी को सजा का ऐलान","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े 8 आतंकियों को कोर्ट ने माना दोषी, 4 जनवरी को सजा का ऐलान
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 30 Nov 2017 04:33 PM IST
विज्ञापन
कोर्ट
- फोटो : सांकेतिक चित्र
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अदालत ने आज एक बड़ा फैसला सुनाते हुए लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आठ आतंकियों को दोषी करार दिया है। इनकी सजा पर फैसला 4 जनवरी को सुनाया जाएगा। राजस्थान पुलिस के स्पेशल अॉपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने गिरफ्तार कर 21 अक्टूबर 2010 को मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद केस का अनुसंधान एटीएस को सौंप दिया गया था। दोषियों के खिलाफ एटीएस द्वारा 3 हजार पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में पेश की गई थी।
जानकारी के अनुसार जयपुर में एडीजे-17 द्वारा दोषी करार दिए गए आरोपियों में आतंकी असगर अली, शकर उल्लाह, मोहम्मद इकबाल पाकिस्तानी आतंकवादी हैं। वहीं, बाबू उर्फ निशाचंद अली, पवन पुरी, अरुण जैन, काबिल खां और हाफीज, अब्दुल मजीद भारतीय नागरिक हैं और इन पर लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े होने का आरोप है।
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार जयपुर में एडीजे-17 द्वारा दोषी करार दिए गए आरोपियों में आतंकी असगर अली, शकर उल्लाह, मोहम्मद इकबाल पाकिस्तानी आतंकवादी हैं। वहीं, बाबू उर्फ निशाचंद अली, पवन पुरी, अरुण जैन, काबिल खां और हाफीज, अब्दुल मजीद भारतीय नागरिक हैं और इन पर लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े होने का आरोप है।
विज्ञापन
लश्कर-ए-तैयबा का बढ़ाते थे नेटवर्क
डेमो इमेज
एसओजी ने चार्जशीट में इन सभी आरोपियों पर जोधपुर सेंट्रल जेल और अन्य जेलों में बंद रहने के दौरान लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी संगठन को बढ़ाने और भारत में आतंकी गतिविधिया फैलाने की योजना बनाने जैसे आरोप हैं।
एसओजी ने आरोपियों के फोन कॉल आपसी बातचीत की रिकॉर्डिंग के आधार पर इस आतंकी सेल का खुलासा किया था। इन आरोपों को अदालत ने सही माना है और इन सभी को दोषी मानते हुए फैसला रिजर्व रख लिया है। सजा पर फैसला 4 जवनरी को सुनाया जाएगा।
एसओजी ने आरोपियों के फोन कॉल आपसी बातचीत की रिकॉर्डिंग के आधार पर इस आतंकी सेल का खुलासा किया था। इन आरोपों को अदालत ने सही माना है और इन सभी को दोषी मानते हुए फैसला रिजर्व रख लिया है। सजा पर फैसला 4 जवनरी को सुनाया जाएगा।