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29 साल बाद पुलिस की गिरफ्त में स्थाई वारंटी, बन गया था पुजारी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 09 May 2017 07:37 PM IST
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपित
- फोटो : amar ujala
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जोधपुर में चोरी के मामले में वांछित स्थाई वारंटी को पुलिस ने 29 साल बाद गिरफ्तार किया है। आरोपित पपिया ऊर्फ पप्पूराम भील को औसिया से गिरफ्तार कर सूरसागर थाने में ले जाया गया है।
पूछताछ में आरोपित ने बताया कि वह पिछले 29 सालों से अपना गांव भाकरी लोहावट जोधपुर को छोड़कर पंजाब भटिण्डा की तरफ चला गया था। इसके बाद उसने गंगानगर के मंझिवाला चक नम्बर 11 एफ—ए में रामदेव मंदिर बनाकर पुजारी के रूप में काम करने लगा और वहीं रहने लगा। स्थाई वारंटी पपिया उर्फ पप्पूराम ने अपनी पहचान छुपाने और पुलिस से बचने के लिए अपना नाम बदलकर धर्माराम कर लिया था। साथ ही, आरोपित ने राशन कार्ड, पहचान पत्र, आधार कार्ड भी धर्माराम के बना लिए थे।
पप्पूराम गंगानगर के चक मंझिवाला गांव में बाबा रामदेव का मंदिर बनाकर यहां बाबा बनकर रह रहा था, ताकि किसी को उस पर शक नहीं हो। आरोपित के खिलाफ वर्तमान जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट के सूरसागर थाने में 1987 में मामला दर्ज हुआ था। इसके बाद से ही वह फरार चल रहा था।
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पूछताछ में आरोपित ने बताया कि वह पिछले 29 सालों से अपना गांव भाकरी लोहावट जोधपुर को छोड़कर पंजाब भटिण्डा की तरफ चला गया था। इसके बाद उसने गंगानगर के मंझिवाला चक नम्बर 11 एफ—ए में रामदेव मंदिर बनाकर पुजारी के रूप में काम करने लगा और वहीं रहने लगा। स्थाई वारंटी पपिया उर्फ पप्पूराम ने अपनी पहचान छुपाने और पुलिस से बचने के लिए अपना नाम बदलकर धर्माराम कर लिया था। साथ ही, आरोपित ने राशन कार्ड, पहचान पत्र, आधार कार्ड भी धर्माराम के बना लिए थे।
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पप्पूराम गंगानगर के चक मंझिवाला गांव में बाबा रामदेव का मंदिर बनाकर यहां बाबा बनकर रह रहा था, ताकि किसी को उस पर शक नहीं हो। आरोपित के खिलाफ वर्तमान जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट के सूरसागर थाने में 1987 में मामला दर्ज हुआ था। इसके बाद से ही वह फरार चल रहा था।
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