Seat Ka Samikaran: पिछले छह चुनाव से रामनगर में भाजपा का परचम, कभी राजपरिवार से जुड़े चेहरों को मिलती थी जीत
बिहार की विधानसभा सीटों से जुड़ी खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज आज बात रामनगर सीट की करेंगे। रामनगर सीट से वर्तमान में भाजपा की भागीरथी देवी विधायक हैं।
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विस्तार
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सियासी आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। एसआईआर के विरोध और मतदाता सूची में गड़बड़ी को लेकर विपक्ष के सांसदों ने सोमवार को संसद भवन से चुनाव आयोग कार्यालय तक विरोध मार्च निकाला। सियासी उठापटक के बीच अमर उजाला का खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज रामनगर सीट की बात करेंगे। इस सीट से पिछले छह चुनाव से भाजपा को जीत मिल रही है। मौजूदा समय में भाजपा की भागीरथी देवी रामनगर की विधायक हैं।
बिहार के 38 जिलों में से एक जिला पश्चिम चंपारण भी है। पश्चिम चंपारण जिला तीन अनुमंडल और 18 ब्लॉक में बंटा है। जिले में नौ विधानसभा सीट हैं। वाल्मिकी नगर, रामनगर (एससी), नरकटियागंज, बगहा, लौरिया, नौतन, चनपटिया, बेतिया, सिकटा शामिल हैं। आज ‘सीट का समीकरण’ में रामनगर सीट की बात करेंगे। रामनगर सीट पर पहली बार 1962 में चुनाव हुआ था।
1962: बीस साल तक नारायण विक्रम शाह विधायक रहे
- 1962 में रामनगर सीट से स्वतंत्र पार्टी के नारायण विक्रम शाह ने जीत हासिल की। उन्होंने कांग्रेस के केदार पांडे को 3,447 वोट से मात दिया। शाह को कुल 26,487 वोट मिले। वहीं, केदार पांडे को 23,040 वोट मिले। 1962 चुनाव के बाद केदार पांडे ने न्यायालय का रुख किया। उन्होंंने चुनाव रद्द करने का मांग की। उनका कहा था कि नारायण विक्रम शाह भारतीय नागरिक नहीं हैं। उनके माता- पिता नेपाल से हैं।
- इसके बाद शाह ने कांग्रेस पार्टी के टिकट से 1967,1969,1972 में जीत दर्ज की। 1967 में शाह ने निर्दलीय उम्मीदवार जे पांडे को 9,469 वोट से मात दी। इस चुनाव में नारायण शाह को कुल 16,116 वोट मिले। वहीं, जे पांडे को 6,647 वोट मिले।
- 1969 में शाह ने जनसंघ की चंद्र मोहन प्रसाद राय को 4,533 वोट से हराया। शाह को कुल 19,350 वोट मिले। वहीं, चंद्र मोहन राय को 14,817 वोट मिले।
- 1972 में कांग्रेस (ओ) के नारायण शाह ने 1,283 वोट से जीत हासिल की। दूसरे नंबर कांग्रेस के कमता पाठक रहे। नारायण शाह को 21,343 वोट मिले। वहीं, कमता पाठक को 20,060 वोट मिले।
1977: अर्जुन विक्रम शाह बने विधायक
- 1977 में रामनगर सीट से कांग्रेस के अर्जुन विक्रम शाह को जीत मिली। उन्होंने जनता पार्टी के चंद्र मोहन प्रसाद राय को 14,915 वोट से हराया। अर्जुन विक्रम को कुल 27,235 वोट मिले। वहीं, चंद्र मोहन को मात्र 12,320 वोट मिले। इसके साथ ही अर्जुन विक्रम शाह ने 1980 और 1985 में जीत हासिल करके रामनगर सीट पर जीत की हैट्रिक लगाई।
- 1980 में अर्जुन विक्रम शाह ने भाजपा के हरि शंकर तिवारी को 24,080 वोट से हराया। अर्जुन विक्रम शाह को 32,514 वोट मिले। वहीं, हरि शंकर को मात्र 8,454 वोट मिले।
- 1985 में अर्जुन विक्रम शाह ने 3,050 वोट से जीत हासिल की। इस चुनाव में भाजपा के चंद्र मोहन प्रसाद राय दूसरे नंबर पर रहे। अर्जुन शाह को कुल 21,865 वोट मिले। वहीं, चंद्र मोहन प्रसाद को 18,815 वोट मिले।
1990: भाजपा को मिली पहली जीत
1990 में भाजपा के चंद्र मोहन राय ने हार के सिलसिले को तोड़ा। इस चुनाव में उन्होंने जनता दल के शेख सरफुद्दीन को 30,962 वोट से हराया। चंद्र मोहन राय को कुल 45,281 वोट मिले। वहीं, शेख सरफुद्दीन को मात्र 14,319 वोट से संतोष करना पड़ा। इस चुनाव में कांग्रेस के अर्जुन विक्रम शाह तीसरे नंबर पर रहे।

1995: जनता दल का खाता खुला
1995 में रामनगर सीट से जनता दल ने जीत हासिल की। इस चुनाव में राम प्रसाद यादव ने तत्कालीन विधायक चंद्र मोहन को 12,683 वोट से हराया। राम प्रसाद यादव को कुल 25,554 वोट मिले। वहीं, चंद्र मोहन को 12,683 वोट मिले।

2000: भाजपा का गढ़ बना रामनगर
2000 में रामनगर सीट से भाजपा के पूर्व विधायक चंद्र मोहन राय ने जीत हासिल की। इस चुनाव में चंद्र मोहन राय ने एनसीपी के मोहम्मद सलाउद्दीन को 19,122 वोट से हराया। चंद्र मोहन को कुल 44,454 वोट मिले। वहीं, मोहम्मद सलाउद्दीन को 25,332 वोट मिले। इसके साथ ही चंद्र मोहन राय ने फरवरी 2005 और अक्तूबर 2005 में भी जीत दर्ज की।
2005 में बिहार में पहला चुनाव फरवरी में हुआ। इस चुनाव में चंद्र मोहन राय ने मात्र 250 वोट से जीत हासिल की। वहीं, दूसरे नंबर पर लोजपा के फखरुद्दीन खान रहे। अक्तूबर चुनाव में चंद्र मोहन राय ने हैट्रिक लगाई। उन्होंने राजद के फखरुद्दीन खान को 919 वोट से हराया। चंद्र मोहन राय को कुल 39,147 वोट मिले। वहीं, फखरुद्दीन खान को 38,228 वोट मिले।
2010: भाजपा की भागीरथी देवी बनी विधायक
2008 में हुए परिसीमन के बाद से रामनगर सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दी गई। 2010 में इस सीट से भाजपा की भागीरथी देवी ने जीत हासिल की। उन्होंने कांग्रेस के नरेश राम को 29,782 वोट से शिकस्त दी। भागीरथी देवी को कुल 51,993 वोट मिले। वहीं, नरेश राम को कुल 22,211 वोट मिले।
2015 में भागीरथी ने कांग्रेस के पूर्णमासी राम को 17,988 वोट से हराया। भागीरथी देवी को कुल 82,166 वोट मिले। वहीं, पूर्णमासी राम को 64,178 वोट से संतोष करना पड़ा।
2020 में भागीरथी ने तीसरी बार जीत दर्ज करके रामनगर से जीत की हैट्रिक लगाई। इस चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के राजेश राम को 15,796 वोट से हराया। भागीरथी को कुल 75,423 वोट मिले। वही राजेश राम को 59,627 वोट मिले। 2019 में भागीरथी देवी को छात्रों की शिक्षा और वंचित महिलाओं के उत्थान के लिए पद्म श्री से नवाजा गया।

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