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Vimal Negi Death Case: एएसआई पंकज की सुरक्षा सुनिश्चित करें, रिकॉर्ड को रखें सुरक्षित; जानें पूरा मामला
Sun, 25 May 2025 12:53 PM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Sun, 25 May 2025 12:53 PM IST
सार
गुड़िया कांड में हुई हिमाचल पुलिस की किरकिरी के बाद विमल नेगी मामले में पुलिस फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। आईजी दक्षिण रेंज और एसपी शिमला को लिखे पत्र में निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए एएसआई पंकज कुमार की राउंड द क्लॉक (24 घंटे) सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
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विमल नेगी (फाइल फोटो)।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
पॉवर कारपोरेशन के चीफ इंजीनियर रहे विमल नेगी की संदिग्ध हालात में मौत के मामले में उच्च न्यायालय की ओर से सीबीआई जांच के आदेशों के बाद पुलिस महानिदेशक ने आईजी दक्षिण रेंज और एसपी शिमला को एएसआई पंकज की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस महानिदेशक ने इन निर्देशों को लेकर निदेशक सीबीआई दिल्ली और एसीबी यूनिट शिमला को भी सूचित कर दिया है।
गुड़िया कांड में हुई हिमाचल पुलिस की किरकिरी के बाद विमल नेगी मामले में पुलिस फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। आईजी दक्षिण रेंज और एसपी शिमला को लिखे पत्र में निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए एएसआई पंकज कुमार की राउंड द क्लॉक (24 घंटे) सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। एएसआई पंकज पर कथित तौर पर पेन ड्राइव छुपाने और फार्मेट करने के आरोप हैं। इसके बाद शिमला पुलिस ने इन्हें सस्पेंड कर विभागीय जांच भी शुरू कर दी है। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान पुलिस महानिदेशक की ओर से हाईकोर्ट में दाखिल हलफनामे में भी एएसआई की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं।
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गुड़िया कांड में हुई हिमाचल पुलिस की किरकिरी के बाद विमल नेगी मामले में पुलिस फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। आईजी दक्षिण रेंज और एसपी शिमला को लिखे पत्र में निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए एएसआई पंकज कुमार की राउंड द क्लॉक (24 घंटे) सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। एएसआई पंकज पर कथित तौर पर पेन ड्राइव छुपाने और फार्मेट करने के आरोप हैं। इसके बाद शिमला पुलिस ने इन्हें सस्पेंड कर विभागीय जांच भी शुरू कर दी है। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान पुलिस महानिदेशक की ओर से हाईकोर्ट में दाखिल हलफनामे में भी एएसआई की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं।
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यथास्थिति बनाए रखें
हाईकोर्ट के आदेशों के बाद पुलिस मुख्यालय ने विमल नेगी मामले पर तत्काल प्रभाव से यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों में कहा गया है कि इस मामले में पुलिस या एसआईटी की ओर से आगे कोई कार्रवाई या जांच नहीं की जानी चाहिए, जब तक सीबीआई से कोई निर्देश न हो। मामले से संबंधित सभी रिकॉर्ड/साक्ष्य सुरक्षित रखे जाएं और सीबीआई को सौंपने के लिए तैयार रखे जाएं। सभी अधिकारी न्यायिक निर्देशों के मद्देनजर इन निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें। किसी भी तरह की चूक पर विभागीय स्तर पर गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
हाईकोर्ट के आदेशों के बाद पुलिस मुख्यालय ने विमल नेगी मामले पर तत्काल प्रभाव से यथास्थिति बनाए रखने के निर्देश जारी किए हैं। निर्देशों में कहा गया है कि इस मामले में पुलिस या एसआईटी की ओर से आगे कोई कार्रवाई या जांच नहीं की जानी चाहिए, जब तक सीबीआई से कोई निर्देश न हो। मामले से संबंधित सभी रिकॉर्ड/साक्ष्य सुरक्षित रखे जाएं और सीबीआई को सौंपने के लिए तैयार रखे जाएं। सभी अधिकारी न्यायिक निर्देशों के मद्देनजर इन निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें। किसी भी तरह की चूक पर विभागीय स्तर पर गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
सुधीर ने भेजा लीगल नोटिस- कहा हर गांधी महात्मा नहीं होता
भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा ने खुद पर लगाए आरोपों के सिलसिले में एसपी शिमला संजीव गांधी को लीगल नोटिस भेजा है। उन्होंने कहा कि न्याय के लिए एसपी हो या कोई अन्य अधिकारी, हर स्तर पर कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। सुधीर ने कहा कि जल्द ही एसपी शिमला के खिलाफ विधानसभा में विशेषाधिकार प्रस्ताव भी लाया जाएगा। जरूरी हुआ तो अदालत में आपराधिक मानहानि का मामला भी दायर किया जाएगा। भाजपा विधायक ने पुलिस अधीक्षक शिमला संजीव गांधी की ओर से प्रेस वार्ता में उनका नाम लेकर प्रदेश उच्च न्यायालय की लाइव कार्यवाही को सोशल मीडिया पर दिखाने और छवि खराब करने को लेकर उठाए सवाल पर पलटवार किया है।
भाजपा विधायक एवं पूर्व मंत्री सुधीर शर्मा ने खुद पर लगाए आरोपों के सिलसिले में एसपी शिमला संजीव गांधी को लीगल नोटिस भेजा है। उन्होंने कहा कि न्याय के लिए एसपी हो या कोई अन्य अधिकारी, हर स्तर पर कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। सुधीर ने कहा कि जल्द ही एसपी शिमला के खिलाफ विधानसभा में विशेषाधिकार प्रस्ताव भी लाया जाएगा। जरूरी हुआ तो अदालत में आपराधिक मानहानि का मामला भी दायर किया जाएगा। भाजपा विधायक ने पुलिस अधीक्षक शिमला संजीव गांधी की ओर से प्रेस वार्ता में उनका नाम लेकर प्रदेश उच्च न्यायालय की लाइव कार्यवाही को सोशल मीडिया पर दिखाने और छवि खराब करने को लेकर उठाए सवाल पर पलटवार किया है।
सुधीर ने शनिवार को जारी वीडियो में कहा कि उच्च न्यायालय खुद अपनी कार्यवाही को लाइव चलाकर लोगों को दिखाता है कि पारदर्शिता क्या है। सुधीर ने खुद वीडियो नहीं बनाया है। विधायकों की खरीद-फरोख्त के एसपी के आरोपों पर ने कहा कि अगर एसपी शिमला के पास सबूत थे तो एफआईआर क्यों नहीं दर्ज की। आज जब एसपी शिमला खुद दलदल में फंस गए हैं तो सुधीर शर्मा, प्रदेश के मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा पर आरोप लगा रहे हैं। क्या साधु केवल एसपी शिमला ही हैं, खुद को ईमानदारी के सर्टिफिकेट बांटना बंद करें। लोगों को याद रखना चाहिए कि हर गांधी महात्मा नहीं होता है। सीबीआई को यह भी जांचना चाहिए कि यह व्यक्ति किस-किस जिले में डीएसपी, एएसपी और एसपी रहा और वहां क्या-क्या घटित हुआ और इस व्यक्ति का जूनियर अधिकारियों के साथ कैसा व्यवहार रहा। सुधीर ने कहा कि संजीव जब एसपी कांगड़ा थे तो सरकार को जिले के दो एसपी जिला में बांटना पड़ा। निलंबित एएसआई पंकज कुमार को गृह मंत्रालय सुरक्षा उपलब्ध करवाएं। पंकज एसपी शिमला के अधीन है, वह पेन ड्राइव लेकर कैसे गायब हो गया। एसपी शिमला पत्रकार वार्ता कर तथ्यों को छुपाने का प्रयास कर रहे हैं।
विधायकों की खरीद-फरोख्त मामले में सुधीर मास्टरमाइंड- गांधी
एसपी शिमला ने प्रदेश उच्च न्यायालय में विमल नेगी से संबंधित सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल करने के मामले में विधायक सुधीर शर्मा के खिलाफ प्रदेश उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय ने जब मुझे एसआईटी की जांच रिपोर्ट के संबंध में अपना पक्ष रखने की अनुमति दी, उस समय विधायक सुधीर शर्मा ने प्रदेश उच्च न्यायालय के नियमों के विपरीत अपने स्वार्थ के लिए दुर्भावना से मेरी छवि को खराब करने के लिए नकारात्मक तरीके से पेश किया। उन्होंने कहा कि नियमों के तहत ऐसा नहीं किया जा सकता था। उन्होंने कहा कि विधायकों की खरीद-फरोख्त के मामले में विधायक सुधीर शर्मा को जांच में शामिल किया गया है और अभी तक की जांच में वह इस पूरे मामले के मास्टरमाइंड सामने आ रहे हैं। इस संबंध में उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। इसमें कोर्ट से आग्रह किया है कि कंटेप्ट ऑफ प्रोसिडिंग के साथ कॉपीराइट और इन्फॉर्मेशन एक्ट में उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
एसपी शिमला ने प्रदेश उच्च न्यायालय में विमल नेगी से संबंधित सुनवाई की लाइव स्ट्रीमिंग का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल करने के मामले में विधायक सुधीर शर्मा के खिलाफ प्रदेश उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय ने जब मुझे एसआईटी की जांच रिपोर्ट के संबंध में अपना पक्ष रखने की अनुमति दी, उस समय विधायक सुधीर शर्मा ने प्रदेश उच्च न्यायालय के नियमों के विपरीत अपने स्वार्थ के लिए दुर्भावना से मेरी छवि को खराब करने के लिए नकारात्मक तरीके से पेश किया। उन्होंने कहा कि नियमों के तहत ऐसा नहीं किया जा सकता था। उन्होंने कहा कि विधायकों की खरीद-फरोख्त के मामले में विधायक सुधीर शर्मा को जांच में शामिल किया गया है और अभी तक की जांच में वह इस पूरे मामले के मास्टरमाइंड सामने आ रहे हैं। इस संबंध में उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। इसमें कोर्ट से आग्रह किया है कि कंटेप्ट ऑफ प्रोसिडिंग के साथ कॉपीराइट और इन्फॉर्मेशन एक्ट में उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
सीबीआई को केस सौंपने से न्याय मिलने की उम्मीद जगी : किरण नेगी
एचपीपीसीएल के चीफ इंजीनियर दिवंगत विमल नेगी की मौत के मामले की जांच हाईकोर्ट की ओर से सीबीआई को सौंपने से अब न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। यह बात शनिवार को रिकांगपिओ में विमल नेगी की पत्नी किरण नेगी ने पत्रकारों से कही। उन्होंने कहा कि हम शुरू से ही मामले की जांच सीबीआई से करवाने की मांग कर रहे थे, लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया। अब हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं तो हमें न्याय की उम्मीद जगी है। इस दौरान उन्होंने जिला किन्नौर के साथ प्रदेश की जनता और पावर काॅर्पोरेशन के कर्मचारियों का आभार जताया, जिन्होंने हमें न्याय दिलाने के लिए इकट्ठे होकर सड़कों पर उतरकर हमारा साथ दिया। उन्होंने यह भी कहा कि पावर कॉरपोरेशन के कर्मचारियों का कहना है कि आज हम विमल नेगी की वजह से ही चैन की सांस ले रहे हैं। बिना किसी दबाव के कार्य कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विमल नेगी के लापता होने की एफआईआर दर्ज करवाने के बाद हमने भी उनकी तलाश की। उनका लैपटॉप और पेनड्राइव आदि जांच के लिए पुलिस के पास दे दिए थे। हमें क्या पता था कि इनके साथ छेड़छाड़ की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि विमल नेगी अपना काम पूरी ईमानदारी से करते थे और रात को उठकर भी काम पर जाते थे। आरोप लगाया कि गलत फाइलों पर साइन करने के लिए विमल नेगी को रात को दो बजे तक ऑफिस में बिठाया जाता था। जब विमल लापता हुए थे तो उस दौरान हरिकेश मीणा का फोन आया था। उसके बाद वह कहां चले गए और वह टैक्सी वाला कौन था, जिसकी टैक्सी में बैठकर विमल नेगी गए थे, इस पर जांच होनी चाहिए।
एचपीपीसीएल के चीफ इंजीनियर दिवंगत विमल नेगी की मौत के मामले की जांच हाईकोर्ट की ओर से सीबीआई को सौंपने से अब न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। यह बात शनिवार को रिकांगपिओ में विमल नेगी की पत्नी किरण नेगी ने पत्रकारों से कही। उन्होंने कहा कि हम शुरू से ही मामले की जांच सीबीआई से करवाने की मांग कर रहे थे, लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया। अब हाईकोर्ट ने सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं तो हमें न्याय की उम्मीद जगी है। इस दौरान उन्होंने जिला किन्नौर के साथ प्रदेश की जनता और पावर काॅर्पोरेशन के कर्मचारियों का आभार जताया, जिन्होंने हमें न्याय दिलाने के लिए इकट्ठे होकर सड़कों पर उतरकर हमारा साथ दिया। उन्होंने यह भी कहा कि पावर कॉरपोरेशन के कर्मचारियों का कहना है कि आज हम विमल नेगी की वजह से ही चैन की सांस ले रहे हैं। बिना किसी दबाव के कार्य कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि विमल नेगी के लापता होने की एफआईआर दर्ज करवाने के बाद हमने भी उनकी तलाश की। उनका लैपटॉप और पेनड्राइव आदि जांच के लिए पुलिस के पास दे दिए थे। हमें क्या पता था कि इनके साथ छेड़छाड़ की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि विमल नेगी अपना काम पूरी ईमानदारी से करते थे और रात को उठकर भी काम पर जाते थे। आरोप लगाया कि गलत फाइलों पर साइन करने के लिए विमल नेगी को रात को दो बजे तक ऑफिस में बिठाया जाता था। जब विमल लापता हुए थे तो उस दौरान हरिकेश मीणा का फोन आया था। उसके बाद वह कहां चले गए और वह टैक्सी वाला कौन था, जिसकी टैक्सी में बैठकर विमल नेगी गए थे, इस पर जांच होनी चाहिए।
मंत्री नेगी का नहीं आया कोई शोक संदेश : राजेंद्र
विमल के मामा राजेंद्र सिंह नेगी ने किन्नौर के विधायक और मंत्री जगत सिंह नेगी पर तंज कसते हुए कहा कि विमल नेगी के मृत्यु पर जनजातीय मंत्री का कोई शोक संदेश नहीं आया। यहां तक उच्च न्यायालय ने जब केस को सीबीई को दिया तो उन्होंने सीबीई को तोता कहा। यह बहुत गलत है। सरकार ने ढाई माह तक कोई काम काम नहीं किया।
विमल के मामा राजेंद्र सिंह नेगी ने किन्नौर के विधायक और मंत्री जगत सिंह नेगी पर तंज कसते हुए कहा कि विमल नेगी के मृत्यु पर जनजातीय मंत्री का कोई शोक संदेश नहीं आया। यहां तक उच्च न्यायालय ने जब केस को सीबीई को दिया तो उन्होंने सीबीई को तोता कहा। यह बहुत गलत है। सरकार ने ढाई माह तक कोई काम काम नहीं किया।