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बेरोजगार युवक इस खबर पर जरूर ध्यान दें
शिमला/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 03 Sep 2013 12:45 AM IST
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अगर किसी बेरोजगार युवा को 48 घंटे या इससे अधिक समय की कैद की सजा हुई, तो उसे कौशल विकास भत्ता नहीं मिलेगा। हिमाचल सरकार ने कौशल विकास भत्ते को लेकर संशोधित अधिसूचना जारी कर दी है।
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इसके तहत प्रार्थी को हलफ नामा देना होगा। इसी में उसे अपनी स्थिति भी स्पष्ट करनी होगी।
हिमाचल सरकार के श्रम एवं रोजगार विभाग ने स्वघोषणा की है कि नई व्यवस्था के लिए हलफनामे का प्रारूप तैयार किया है।
इसी में यह भी कॉलम भरना होगा कि प्रार्थी क्या 48 घंटे या इससे अधिक समय के लिए जेल में सजायाफ्ता रहा है कि नहीं?
अगर सजायाफ्ता रहा है, तो उसे इसका विवरण देना होगा। ऐसी सजा भुगत चुके युवा को कौशल विकास भत्ता नहीं मिलेगा।
सरकार की ओर से जारी संशोधित अधिसूचना में अब दसवीं पढ़े-लिखे और 18 से 35 साल के युवाओं को कौशल विकास भत्ता देने की व्यवस्था की गई है।
कैद का मतलब हिरासत नहीं
इसके लिए अधिसूचना जारी होने की तिथि से ही रोजगार केंद्रों में पंजीकरण करने को कहा गया है। हालांकि, कैद का मतलब हिरासत से नहीं होगा। अगर किसी जुर्म में सजा हुई हो, तो केवल तभी यह भत्ता नहीं मिलेगा।
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किसी प्रार्थी ने गलत स्वघोषणा की, तो उसे कौशल विकास भत्ता देना तो बंद किया ही जाएगा। साथ में उस पर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
प्रदेश सरकार ने इस साल 83 हजार लोगों को कौशल विकास भत्ता देने का लक्ष्य रखा है। इस पर खर्च के लिए इस साल के लिए 100 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है।
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‘अगर आवेदक 48 घंटों से अधिक समय तक कारागार में सजायाफ्ता रहा हो तो उसे कौशल विकास भत्ते के लिए अपात्र माना जाएगा।’
- मुकेश अग्निहोत्री, श्रम एवं रोजगार मंत्री, हिमाचल सरकार।