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सेना भर्ती रद्द करने पर युवाओं का फूटा गुस्सा, किया चक्का जाम
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सेना भर्ती रद्द करने के विरोध में बंगाणा में प्रदर्शन करते युवा। संवाद
- फोटो : Una
सेना भर्ती रद्द करने पर युवाओं का
फूटा गुस्सा, किया चक्का जाम
बंगाणा में सड़क पर बैठे युवा, आनन-फानन पुलिस ने खुलवाया जाम
मुबारिकपुर में एसडीपीओ अंब ने समझाए, निकाली आक्रोश रैली
संवाद न्यूज एजेंसी
बंगाणा/अंब/गगरेट (ऊना)। सेना भर्ती प्रक्रिया रद्द करने के विरोध में वीरवार को युवाओं का बंगाणा और मुबारिकपुर कस्बे में जमकर गुस्सा फूटा। बंगाणा में गुस्साए युवाओं ने चक्का जाम कर दिया, जिसे आनन-फानन पुलिस ने खुलावाया।
वहीं, मुबारिकपुर में मामला गरमाता देख एसडीपीओ अंब इल्मा अफरोज मौके पर पहुंचीं। दोनों ही जगह युवाओं ने रैली निकालकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए आवाज बुलंद की। बंगाणा उपमंडल मुख्यालय में आक्रोशित युवाओं ने ‘वर्दी दो या अर्थी दो’ के नारे लगाए। इस दौरान युवाओं ने दो साल से रुकी सेना की लिखित परीक्षा करवाने की मांग की। युवाओं अजय कुमार, किशन कुमार, अरुण परमार, संजय कुमार, कपिल सिंह, शरद कुमार का आरोप है कि वनरक्षक और पुलिस आदि की भर्तियां तो चलती रहीं, लेकिन कोविड का हवाला देकर सेना की भर्ती को रोका गया।
युवाओं में आक्रोश इस कारण भी बढ़ गया है, क्योंकि सरकार ने अग्निपथ योजना के तहत चार साल के लिए भर्ती करने का निर्णय लिया है और पिछली भर्ती प्रक्रिया को रद्द कर दिया गया है। युवाओं का कहना है कि जब देश में बेरोजगारी चरम पर है तो सरकार इस प्रकार की शॉर्ट टर्म नौकरी की योजना लेकर आई है। इस समय युवाओं को एक स्थायी रोजगार की आवश्यकता है। युवाओं ने केंद्र सरकार पर देश व हिमाचल प्रदेश के लाखों बेरोजगार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप भी लगाया। वहीं, अंब क्षेत्र के मुबारिकपुर में सेना भर्ती रद्द कर दिए जाने के आक्रोश के चलते युवा सड़कों पर उतरे। इसकी भनक लगते ही पुलिस भी एसडीपीओ इल्मा अफरोज के नेतृत्व में मौके पर पहुंची और युवाओं को समझाया। इसी बीच अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव एवं पूर्व विधायक राकेश कालिया भी युवाओं के समर्थन में उतर आए।
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इस मौके पर राकेश कालिया ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई अग्निपथ योजना व सेना की भर्ती रैली रद्द करना एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। केंद्र सरकार के इस कदम से युवाओं के पास देश सेवा के साथ रोजगार का अवसर भी धूमिल पड़ता जा रहा है। कहा कि केंद्र सरकार युवा विरोधी ऐसा कोई कदम न उठाए और अपने फैसले पर पुनर्विचार करें।
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फूटा गुस्सा, किया चक्का जाम
बंगाणा में सड़क पर बैठे युवा, आनन-फानन पुलिस ने खुलवाया जाम
मुबारिकपुर में एसडीपीओ अंब ने समझाए, निकाली आक्रोश रैली
संवाद न्यूज एजेंसी
बंगाणा/अंब/गगरेट (ऊना)। सेना भर्ती प्रक्रिया रद्द करने के विरोध में वीरवार को युवाओं का बंगाणा और मुबारिकपुर कस्बे में जमकर गुस्सा फूटा। बंगाणा में गुस्साए युवाओं ने चक्का जाम कर दिया, जिसे आनन-फानन पुलिस ने खुलावाया।
वहीं, मुबारिकपुर में मामला गरमाता देख एसडीपीओ अंब इल्मा अफरोज मौके पर पहुंचीं। दोनों ही जगह युवाओं ने रैली निकालकर केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए आवाज बुलंद की। बंगाणा उपमंडल मुख्यालय में आक्रोशित युवाओं ने ‘वर्दी दो या अर्थी दो’ के नारे लगाए। इस दौरान युवाओं ने दो साल से रुकी सेना की लिखित परीक्षा करवाने की मांग की। युवाओं अजय कुमार, किशन कुमार, अरुण परमार, संजय कुमार, कपिल सिंह, शरद कुमार का आरोप है कि वनरक्षक और पुलिस आदि की भर्तियां तो चलती रहीं, लेकिन कोविड का हवाला देकर सेना की भर्ती को रोका गया।
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युवाओं में आक्रोश इस कारण भी बढ़ गया है, क्योंकि सरकार ने अग्निपथ योजना के तहत चार साल के लिए भर्ती करने का निर्णय लिया है और पिछली भर्ती प्रक्रिया को रद्द कर दिया गया है। युवाओं का कहना है कि जब देश में बेरोजगारी चरम पर है तो सरकार इस प्रकार की शॉर्ट टर्म नौकरी की योजना लेकर आई है। इस समय युवाओं को एक स्थायी रोजगार की आवश्यकता है। युवाओं ने केंद्र सरकार पर देश व हिमाचल प्रदेश के लाखों बेरोजगार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप भी लगाया। वहीं, अंब क्षेत्र के मुबारिकपुर में सेना भर्ती रद्द कर दिए जाने के आक्रोश के चलते युवा सड़कों पर उतरे। इसकी भनक लगते ही पुलिस भी एसडीपीओ इल्मा अफरोज के नेतृत्व में मौके पर पहुंची और युवाओं को समझाया। इसी बीच अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव एवं पूर्व विधायक राकेश कालिया भी युवाओं के समर्थन में उतर आए।
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इस मौके पर राकेश कालिया ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई अग्निपथ योजना व सेना की भर्ती रैली रद्द करना एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। केंद्र सरकार के इस कदम से युवाओं के पास देश सेवा के साथ रोजगार का अवसर भी धूमिल पड़ता जा रहा है। कहा कि केंद्र सरकार युवा विरोधी ऐसा कोई कदम न उठाए और अपने फैसले पर पुनर्विचार करें।