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मैहतपुर शराब उद्योग के श्रमिक ड्यूटी पर पहुंचे, मुख्य गेट मिला बंद
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मैहतपुर (ऊना)। स्थानीय शराब उद्योग के कामगारों को प्रबंधन ने सोमवार को ड्यूटी पर नहीं आने दिया। कामगार सुबह नौ बजे की शिफ्ट के लिए ड्यूटी देने उद्योग के मुख्य गेट पर पहुंचे तो उन्हें अंदर जाने से रोक दिया गया।
मुख्य गेट बंद होने के चलते सभी श्रमिक गेट के बाहर ही बैठ गए। शाम पांच बजे तक सभी कामगार गेट पर ही कड़ी ठंड में बैठे रहे और ड्यूटी टाइम पूरा होने के बाद अपने घरों को लौट गए। बताया जा रहा है कि चार महीनों से बिना वेतन काम कर रहे कामगारों के आंदोलनात्मक कदम उठाने पर उद्योग प्रबंधन ने यह कदम उठाया।
कामगारों का कहना है कि जब तक उन्हें बकाया वेतन, एरियर आदि का भुगतान नहीं होता, तब तक वह अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे। साथ ही रोजाना की तरह ड्यूटी पर सुबह 9:00 बजे से शाम पांच बजे तक आते रहेंगे।
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श्रमिकों का कहना है कि साल 2019 और 2020 के बढ़े हुए बेसिक का बकाया एरियर भी उद्योग प्रबंधन ने अदा नहीं किया है। उपायुक्त ऊना से मिलकर भी कामगार न्याय की गुहार लगा चुके हैं। कामगारों का कहना है कि चार-पांच महीनों से वेतन न मिलने के चलते उनको तथा उनके परिवारों की हालत खस्ता हो चुकी है।
शराब उद्योग के कामगारों सतपाल, प्रेम कुमार, राकेश कुमार, अमरीक सिंह, रमाकांत, किशन देव, सगली राम, सुरेंद्र कुमार, सुरेश चंद, संजीव कुमार, गुरनाम सिंह, दर्शन सिंह, अजमेर सिंह, कुलदीप चंद, कमल देव, सुखदेव और जसविंदर सिंह समेत कई अन्य श्रमिकों ने कहा कि उद्योग प्रबंधन श्रम कानूनों की सरेआम अनदेखी कर रहा है। उद्योग प्रबंधन ने लेआउट का नोटिस चिपका दिया है।
उद्योग में कार्यरत चार सुरक्षाकर्मी पांच महीनों से वेतन न मिलने के कारण नौकरी ही छोड़ गए हैं। वर्तमान में 14 सुरक्षाकर्मी पिछले पांच माह से बिना वेतन के ही ड्यूटी कर रहे हैं।
उधर, शराब उद्योग के जीएम नीरज त्यागी का कहना कि श्रमिकों की इस समस्या को लेकर बातचीत चल रही है। उद्योग की वित्तीय स्थिति में सुधार होते ही उत्पादन शुरू होगा तथा श्रमिकों के लंबित वेतन का भुगतान कर दिया जाएगा।
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मुख्य गेट बंद होने के चलते सभी श्रमिक गेट के बाहर ही बैठ गए। शाम पांच बजे तक सभी कामगार गेट पर ही कड़ी ठंड में बैठे रहे और ड्यूटी टाइम पूरा होने के बाद अपने घरों को लौट गए। बताया जा रहा है कि चार महीनों से बिना वेतन काम कर रहे कामगारों के आंदोलनात्मक कदम उठाने पर उद्योग प्रबंधन ने यह कदम उठाया।
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कामगारों का कहना है कि जब तक उन्हें बकाया वेतन, एरियर आदि का भुगतान नहीं होता, तब तक वह अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे। साथ ही रोजाना की तरह ड्यूटी पर सुबह 9:00 बजे से शाम पांच बजे तक आते रहेंगे।
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श्रमिकों का कहना है कि साल 2019 और 2020 के बढ़े हुए बेसिक का बकाया एरियर भी उद्योग प्रबंधन ने अदा नहीं किया है। उपायुक्त ऊना से मिलकर भी कामगार न्याय की गुहार लगा चुके हैं। कामगारों का कहना है कि चार-पांच महीनों से वेतन न मिलने के चलते उनको तथा उनके परिवारों की हालत खस्ता हो चुकी है।
शराब उद्योग के कामगारों सतपाल, प्रेम कुमार, राकेश कुमार, अमरीक सिंह, रमाकांत, किशन देव, सगली राम, सुरेंद्र कुमार, सुरेश चंद, संजीव कुमार, गुरनाम सिंह, दर्शन सिंह, अजमेर सिंह, कुलदीप चंद, कमल देव, सुखदेव और जसविंदर सिंह समेत कई अन्य श्रमिकों ने कहा कि उद्योग प्रबंधन श्रम कानूनों की सरेआम अनदेखी कर रहा है। उद्योग प्रबंधन ने लेआउट का नोटिस चिपका दिया है।
उद्योग में कार्यरत चार सुरक्षाकर्मी पांच महीनों से वेतन न मिलने के कारण नौकरी ही छोड़ गए हैं। वर्तमान में 14 सुरक्षाकर्मी पिछले पांच माह से बिना वेतन के ही ड्यूटी कर रहे हैं।
उधर, शराब उद्योग के जीएम नीरज त्यागी का कहना कि श्रमिकों की इस समस्या को लेकर बातचीत चल रही है। उद्योग की वित्तीय स्थिति में सुधार होते ही उत्पादन शुरू होगा तथा श्रमिकों के लंबित वेतन का भुगतान कर दिया जाएगा।