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Una News: बजट से महिलाओं को रोजमर्रा की वस्तुएं सस्ती होने की उम्मीद

Sat, 21 Mar 2026 12:01 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Updated Sat, 21 Mar 2026 12:01 AM IST
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Women expect everyday items to become cheaper with the budget.
ऊना। सुक्खू सरकार अपने कार्यकाल का चौथा बजट पेश करने जा रही है। ऐसे में महिलाओं को रोजमर्रा की वस्तुएं सस्ती करने की उम्मीद बंधी है। साथ ही एलपीजी गैस के दाम भी कम करने की मांग की है ताकि गृहिणियों का रसाेई का बजट न बिगड़ सके। बेटियों की सुरक्षा के लिए बसों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और उच्च शिक्षा के छात्रवृति बढ़ाने की आस जगी है। निजी स्कूलों की फीस की मनमानी वसूली पर रोक लगाने के लिए बजट में सरकार प्रावधान करे ताकि गरीब बच्चों को भी निजी स्कूलों में कम फीस पर पढ़ाई की सुविधा मिल सके।
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रोजाना इस्तेमाल होने वाली चीजें कम कीमत पर मिलनी चाहिए। ग्रामीण इलाकों में महिलाओं के लिए रोजगार स्कीम बढ़ाएं। लड़कियों के लिए फ्री स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम होने चाहिए।
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-अंकिता शर्मा, स्टाफ नर्स


रसोई की महंगी हुई चीजों का सरकार विशेष ध्यान रखे। आज कई बार महिलाओं को बसों में अकेले सफर करना पड़ता है। कई बार नशेड़ी यात्रियों के साथ विशेषकर छात्राओं और महिलाओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बसों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और शराबी यात्रियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जाती है।
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-भावना ठाकुर, गृहिणी अंब


महिलाओं को महंगाई से राहत मिले। घरेलू सामान में विशेष छूट की उम्मीद है जिससे रसोई के बजट का संतुलन बना रहे। किचन का बजट अब गड़बड़ हो रहा है। इस बजट में आम आदमी की जरूरतों का विशेष ध्यान रखा जाए।
-निश्चिला शर्मा, गृहिणी


सरकार से उम्मीदें हैं कि निजी विद्यालयों की फीस कम करने के लिए सरकार कोई फैसला ले। निजी विद्यालयों की मनमानी पर लगाम लगाने के लिए और फीस को कम करने के लिए बजट में प्रावधान जरूरी है ताकि गरीब बच्चे भी शिक्षा प्राप्त करके योग्य नागरिक बनें।
-रजनी शर्मा, अध्यापिका

मेरे विचार में बेटियों और महिलाओं के लिए एक ऐसे बजट का प्रावधान होना जरूरी है जिसमें महिलाओं को मार्शल आर्ट्स में निपुण किया जा सके। बेटियों की बेमेल शादियों और लव जिहाद जैसे मामलों के लिए बेटियों को लगातार काउंसलिंग का भी प्रावधान होना जरूरी है।
- प्रीति चंदेल, सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य

आज तो विशेषकर एलपीजी गैस की कीमतों में कटौती की उम्मीद बनी हुई है। खासकर गृहिणियों के लिए होम-बेस्ड बिजनेस को बढ़ावा मिलना चाहिए, जिससे महिलाएं और अधिक सशक्त बनें। बजट में मेडिकल, इंजीनियरिंग और रिसर्च जैसी पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति बढ़नी चाहिए। इससे गरीब और मध्य वर्ग की बेटियां भी अपने बड़े सपने पूरे कर सकेंगी।

-रेखा जम्वाल, अध्यक्ष, श्री शक्ति संस्था ऊना






महिलाओं का किसी भी देश की उन्नति में महत्वपूर्ण योगदान है। कोई भी बजट बनाते समय महिलाओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए। शिक्षा के क्षेत्र में महिलाओं को लाभ दिए जाने चाहिए जिससे महिलाओं को सशक्त बनाया जा सके। महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं भी उपलब्ध करवानी चाहिए। इसके अलावा उन्हें स्किल ट्रेनिंग भी देनी चाहिए।

पूनम शर्मा, अध्यापिका ऊना
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