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Una News: त्योहारी सीजन सिर पर, फूड टेस्टिंग वैन साल भर से पड़ी बेकार
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खास खबर
खाद्य सुरक्षा विभाग ने साल भर पहले जिले को मुहैया करवाई थी पहली मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन
वैन के संचालन को लेकर नहीं मिल पाया स्टाफ
मामले की लेकर विभाग नहीं दिखा रहा गंभीरता
आशुतोष डोगरा
ऊना। ऊना जिले को खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से पहली मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन बीते वर्ष दिसंबर के अंत में मुहैया करवाई गई। करीब एक साल बीतने के बाद भी यह वैन धरातल पर संचालित नहीं हो पाई है। वर्तमान में त्योहारी सीजन चल रहा है। ऐसे समय में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए इस वैन का संचालन बेहद जरूरी है लेकिन कर्मचारियों की तैनाती न होने के कारण न तो विभाग और न ही आम जनता को इस सुविधा का लाभ मिल पा रहा है। इससे पहले मोबाइल वैन न होने पर विभाग बाहरी जिलों से अस्थायी तौर पर टेस्टिंग वैन बुलाता रहा है। इनके माध्यम से मौके पर ही खाद्य पदार्थों के टेस्ट कर तत्काल रिपोर्ट उपलब्ध करवाई जाती थी। वहीं, अधिकारियों की ओर से लिए गए सैंपल कंडाघाट स्थित लैब में जांच के लिए भेजे जाते हैं, जिनकी रिपोर्ट आने में कई माह लग जाते हैं। ऐसे में समय पर कार्रवाई करना मुश्किल हो जाता है।
कोट्स
मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन के संचालन के लिए कर्मचारियों की तैनाती की मांग उच्च अधिकारियों से की गई है। इस मामले पर आगामी कार्रवाई विभाग के स्तर पर होनी है। -जगदीश धीमान, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा, ऊना
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खाद्य सुरक्षा विभाग ने साल भर पहले जिले को मुहैया करवाई थी पहली मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन
वैन के संचालन को लेकर नहीं मिल पाया स्टाफ
मामले की लेकर विभाग नहीं दिखा रहा गंभीरता
आशुतोष डोगरा
ऊना। ऊना जिले को खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से पहली मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन बीते वर्ष दिसंबर के अंत में मुहैया करवाई गई। करीब एक साल बीतने के बाद भी यह वैन धरातल पर संचालित नहीं हो पाई है। वर्तमान में त्योहारी सीजन चल रहा है। ऐसे समय में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए इस वैन का संचालन बेहद जरूरी है लेकिन कर्मचारियों की तैनाती न होने के कारण न तो विभाग और न ही आम जनता को इस सुविधा का लाभ मिल पा रहा है। इससे पहले मोबाइल वैन न होने पर विभाग बाहरी जिलों से अस्थायी तौर पर टेस्टिंग वैन बुलाता रहा है। इनके माध्यम से मौके पर ही खाद्य पदार्थों के टेस्ट कर तत्काल रिपोर्ट उपलब्ध करवाई जाती थी। वहीं, अधिकारियों की ओर से लिए गए सैंपल कंडाघाट स्थित लैब में जांच के लिए भेजे जाते हैं, जिनकी रिपोर्ट आने में कई माह लग जाते हैं। ऐसे में समय पर कार्रवाई करना मुश्किल हो जाता है।
कोट्स
मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन के संचालन के लिए कर्मचारियों की तैनाती की मांग उच्च अधिकारियों से की गई है। इस मामले पर आगामी कार्रवाई विभाग के स्तर पर होनी है। -जगदीश धीमान, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा, ऊना
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