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Una News: चिंतपूर्णी मंदिर के धन के दुरुपयोग पर रोक के फैसले का स्वागत
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पूर्व ट्रस्टी बोले, पहले मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे का हुआ है दुरुपयोग
आरोप, सरकार चिंतपूर्णी मंदिर के विस्तारीकरण को लेकर नहीं दिख रही गंभीर
संवाद न्यूज एजेंसी
भरवाईं (ऊना)। धार्मिक स्थल चिंतपूर्णी मंदिर के धन के दुरुपयोग पर रोक के प्रदेश हाईकोर्ट के आदेशों का पूर्व ट्रस्टी निरंजन कालिया, पूर्व प्रधान केवल कृष्ण कालिया, विनोद कुमार और पूर्व ट्रस्टी सतीश कालिया ने स्वागत किया है। उन्होंने अदालत के फैसले को जनभावनाओं के अनुरूप बताते हुए कहा कि इससे मंदिर की पवित्रता और पारदर्शिता बनी रहेगी। पूर्व पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि इससे पहले मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे का दुरुपयोग हुआ है और करोड़ों रुपये ऐसे कार्यों पर खर्च किए गए, जिनका मंदिर या श्रद्धालुओं से सीधा संबंध नहीं है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने सरकार पर मंदिर के आवश्यक विस्तारीकरण को लेकर गंभीर न होने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि विस्तारीकरण में देरी के कारण लाखों श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है। पहले 250 करोड़ रुपये खर्च करने की बात कही गई थी, लेकिन अब राशि घटकर 150 करोड़ रह गई है और कार्य शुरू होने को लेकर भी कोई स्पष्टता नहीं है। पूर्व ट्रस्टियों और प्रधानों ने चेतावनी दी कि यदि मंदिर का धन भविष्य में बाहरी क्षेत्रों में खर्च किया गया तो वे हाईकोर्ट का रुख करेंगे। उन्होंने मांग की कि मंदिर का चढ़ावा केवल चिंतपूर्णी मंदिर और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर ही खर्च किया जाए।
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आरोप, सरकार चिंतपूर्णी मंदिर के विस्तारीकरण को लेकर नहीं दिख रही गंभीर
संवाद न्यूज एजेंसी
भरवाईं (ऊना)। धार्मिक स्थल चिंतपूर्णी मंदिर के धन के दुरुपयोग पर रोक के प्रदेश हाईकोर्ट के आदेशों का पूर्व ट्रस्टी निरंजन कालिया, पूर्व प्रधान केवल कृष्ण कालिया, विनोद कुमार और पूर्व ट्रस्टी सतीश कालिया ने स्वागत किया है। उन्होंने अदालत के फैसले को जनभावनाओं के अनुरूप बताते हुए कहा कि इससे मंदिर की पवित्रता और पारदर्शिता बनी रहेगी। पूर्व पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि इससे पहले मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे का दुरुपयोग हुआ है और करोड़ों रुपये ऐसे कार्यों पर खर्च किए गए, जिनका मंदिर या श्रद्धालुओं से सीधा संबंध नहीं है। उन्होंने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने सरकार पर मंदिर के आवश्यक विस्तारीकरण को लेकर गंभीर न होने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि विस्तारीकरण में देरी के कारण लाखों श्रद्धालुओं को परेशानी हो रही है। पहले 250 करोड़ रुपये खर्च करने की बात कही गई थी, लेकिन अब राशि घटकर 150 करोड़ रह गई है और कार्य शुरू होने को लेकर भी कोई स्पष्टता नहीं है। पूर्व ट्रस्टियों और प्रधानों ने चेतावनी दी कि यदि मंदिर का धन भविष्य में बाहरी क्षेत्रों में खर्च किया गया तो वे हाईकोर्ट का रुख करेंगे। उन्होंने मांग की कि मंदिर का चढ़ावा केवल चिंतपूर्णी मंदिर और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर ही खर्च किया जाए।