{"_id":"689de7aaca17b706ed0f224f","slug":"water-entered-up-to-four-feet-in-rayansari-school-mud-filled-the-classrooms-una-news-c-93-1-una1002-162257-2025-08-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: रायंसरी स्कूल में चार फीट तक घुसा पानी, कक्षाओं में भरा कीचड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: रायंसरी स्कूल में चार फीट तक घुसा पानी, कक्षाओं में भरा कीचड़
विज्ञापन
तेज बारिश के बाद पानी में डूबा रायंसरी स्कूल।संवाद
जलभराव से स्कूल के आठ कमरों में सामग्री को पहुंचा नुकसान
अभिभावकों ने बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
कहा, स्कूल में छुट्टी न होती तो हादसे की जद में होते बच्चे
संवाद न्यूज एजेंसी
नारी (ऊना)। जिले में करीब छह घंटे तक लगातार हुई बारिश से कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के रायंसरी स्कूल में तीन फीट तक पानी भर गया और कक्षाओं में कीचड़ जम गया। सुबह जब अध्यापक स्कूल पहुंचे तो कक्षाओं तक पहुंचना मुश्किल हो गया। स्कूल परिसर में भी तीन फीट तक पानी भरने से हालात बिगड़ गए। इसके बावजूद अध्यापकों और कर्मचारियों ने हिम्मत नहीं हारी और पानी की निकासी में जुट गए। दिनभर की मेहनत के बाद कक्षाओं व परिसर से पानी बाहर निकाला गया और सफाई कार्य पूरा किया गया। हालांकि स्कूल प्रबंधन ने पूरी मुस्तैदी से राहत कार्य किए, लेकिन परिसर में बड़े पैमाने पर पानी घुसना प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल खड़ा करता है। अभिभावकों का कहना है कि अगर प्रशासन ने सुबह ही छुट्टी घोषित न की होती तो कई बच्चे स्कूल पहुंच जाते और हादसे की संभावना बढ़ जाती। रायंसरी के प्राथमिक और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की स्कूल प्रबंधन समितियों की अध्यक्ष हेमलता और रमन कुमारी ने कहा कि सरकारी स्कूलों में पहले ही बच्चों की संख्या कम है और अब पानी भरने व कीचड़ के कारण व्यवस्था और भी चरमरा गई है। अभिभावकों रामकुमार, चरण दास, सरोज देवी, प्रवीण कुमारी, कमलेश देवी, बृजमोहन और दिनेश कुमार ने बताया कि सर्व शिक्षा अभियान और राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (आरएमएसए) के तहत भवनों की मरम्मत के लिए हर वर्ष केंद्र सरकार से बजट आता है। इसके अलावा सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत कनिष्ठ अभियंता और सहायक अभियंता भी नियुक्त हैं, जिनका काम ही यह सुनिश्चित करना है कि विद्यालय भवन बरसात के दिनों में सुरक्षित रहें। उन्होंने विभाग से जल्द से जल्द इस समस्या का स्थाई समाधान करने की मांग की। वर्तमान में रायंसरी प्राथमिक विद्यालय में 95 छात्र व चार अध्यापक हैं, जबकि वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 206 छात्र पढ़ते हैं।
जिला उप शिक्षा निदेशक (उच्चतर) अनिल कुमार और प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी सोमलाल धीमान ने कहा कि बरसात से प्रभावित स्कूलों का निरीक्षण किया जाएगा और जल्द ही समस्या के स्थाई समाधान के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
विज्ञापन
अभिभावकों ने बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
कहा, स्कूल में छुट्टी न होती तो हादसे की जद में होते बच्चे
संवाद न्यूज एजेंसी
नारी (ऊना)। जिले में करीब छह घंटे तक लगातार हुई बारिश से कुटलैहड़ विधानसभा क्षेत्र के रायंसरी स्कूल में तीन फीट तक पानी भर गया और कक्षाओं में कीचड़ जम गया। सुबह जब अध्यापक स्कूल पहुंचे तो कक्षाओं तक पहुंचना मुश्किल हो गया। स्कूल परिसर में भी तीन फीट तक पानी भरने से हालात बिगड़ गए। इसके बावजूद अध्यापकों और कर्मचारियों ने हिम्मत नहीं हारी और पानी की निकासी में जुट गए। दिनभर की मेहनत के बाद कक्षाओं व परिसर से पानी बाहर निकाला गया और सफाई कार्य पूरा किया गया। हालांकि स्कूल प्रबंधन ने पूरी मुस्तैदी से राहत कार्य किए, लेकिन परिसर में बड़े पैमाने पर पानी घुसना प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल खड़ा करता है। अभिभावकों का कहना है कि अगर प्रशासन ने सुबह ही छुट्टी घोषित न की होती तो कई बच्चे स्कूल पहुंच जाते और हादसे की संभावना बढ़ जाती। रायंसरी के प्राथमिक और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की स्कूल प्रबंधन समितियों की अध्यक्ष हेमलता और रमन कुमारी ने कहा कि सरकारी स्कूलों में पहले ही बच्चों की संख्या कम है और अब पानी भरने व कीचड़ के कारण व्यवस्था और भी चरमरा गई है। अभिभावकों रामकुमार, चरण दास, सरोज देवी, प्रवीण कुमारी, कमलेश देवी, बृजमोहन और दिनेश कुमार ने बताया कि सर्व शिक्षा अभियान और राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान (आरएमएसए) के तहत भवनों की मरम्मत के लिए हर वर्ष केंद्र सरकार से बजट आता है। इसके अलावा सर्व शिक्षा अभियान के अंतर्गत कनिष्ठ अभियंता और सहायक अभियंता भी नियुक्त हैं, जिनका काम ही यह सुनिश्चित करना है कि विद्यालय भवन बरसात के दिनों में सुरक्षित रहें। उन्होंने विभाग से जल्द से जल्द इस समस्या का स्थाई समाधान करने की मांग की। वर्तमान में रायंसरी प्राथमिक विद्यालय में 95 छात्र व चार अध्यापक हैं, जबकि वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 206 छात्र पढ़ते हैं।
जिला उप शिक्षा निदेशक (उच्चतर) अनिल कुमार और प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी सोमलाल धीमान ने कहा कि बरसात से प्रभावित स्कूलों का निरीक्षण किया जाएगा और जल्द ही समस्या के स्थाई समाधान के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
विज्ञापन