पुस्तकों से मनुष्य के भीतर आत्मीयता और श्रद्धा होती है पैदा : डॉ. मीता शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। राजकीय उत्कृष्ट महाविद्यालय ऊना में मंगलवार को एक दिवसीय पुस्तक प्रदर्शनी लगाई गई। इसका उद्घाटन महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. मीता शर्मा ने फीता काटकर किया। मुख्य अतिथि डॉ. मीता शर्मा ने कहा कि पुस्तक प्रदर्शनी में 1625 बच्चों ने दौरा किया और 39 बच्चों ने पंजीकरण करवा कर सदस्यता ग्रहण की। कहा कि इससे छात्रों में पुस्तकों के अध्ययन की अभिरुचि एवं लग्न पैदा होती है। पुस्तकें हमें सटीक और प्रामाणिक ज्ञान देती हैं। पुस्तकों से मनुष्य के भीतर जो आत्मीयता और श्रद्धा पैदा होती है, वह डिजिटल उपकरणों से संभव नहीं है। पुस्तकें परंपरा, संस्कृति से हमें जोड़ती हैं। कंप्यूटर या स्क्रीन पर पढ़ने पर हमारा मस्तिष्क जागृत नहीं हो पाता। जबकि, किताबें मस्तिष्क को जागरूक करती हैं। महाविद्यालय की पुस्तकालय अध्यक्ष मीना सोनी ने बताया कि इस प्रदर्शनी में विभिन्न विषयों की पुस्तकों, सहायक पाठ्य सामग्री, पत्र-पत्रिका, शोध पत्रिका और विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें आकर्षण का केंद्र रहीं। यह पुस्तक प्रदर्शनी सुबह 10 बजे से शुरू हुई जो शाम 4 बजे तक चली। प्रदर्शनी का संयोजन महाविद्यालय पुस्तकालय समिति की ओर से किया गया।