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धार्मिक पर्यटन धड़ाम से गिरा, चिंतपूर्णी बाजार में सन्नाटा
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बिना श्रदालुओं के वीरवार को खाली पड़ा चिंतपूर्णी मन्दिर
- फोटो : Una
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भरवाईं (ऊना)। प्रसिद्ध शक्तिपीठ चिंतपूर्णी मां के दरबार में लगातार श्रद्धालुओं की कमी के कारण धार्मिक पर्यटन धड़ाम से गिर गया है। रोजाना मां के दरबार में श्रद्धालुओं की संख्या नाममात्र दिख रही है। इससे इस धार्मिक क्षेत्र में व्यापार वर्ग को काफी नुकसान पहुंच रहा है। मंदिर पर निर्भर दुकानदारों को रोजी-रोटी की चिंता सताने लगी है।
मां के दरबार में भक्तों के बेहद कम संख्या में आने से चिंतपूर्णी बाजार में पूरी तरह सन्नाटा छाया है। मंदिर में भी भीड़ नहीं दिख रही है। मेले के समापन के बाद नौ दिनों की बात करें तो मात्र 32 हजार श्रद्धालु ही मां के दरबार में आए हैं।
यह संख्या उम्मीद से बेहद कम है। औसतन 32 हजार श्रद्धालु मां के दरबार में शनिवार और रविवार को ही पहुंच जाते हैं। प्रदेश सरकार के नए-नए आदेश निकालना और कोरोना को लेकर बंदिशें लगाना मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं संख्या कम होने का कारण माना जा रहा है।
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मंदिर परिसर भी पूरी तरह से खाली ही नजर आ रहा है। दर्शन करने पहुंच रहे श्रद्धालु एक या दो मिनट में ही माता रानी के दर्शन कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार राजनीतिक रैलियां में तो अच्छी खासी भीड़ जुटा रही है, लेकिन धार्मिक पर्यटन पर आश्रित लोगों की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
पूर्व मंदिर ट्रस्टी निरंजन कालिया ने बताया कि सरकार के आदेशों के कारण श्रद्धालुओं में भ्रम की स्थिति है। बॉर्डर पर ई-पास और अन्य पाबंदियों के चलते श्रद्धालु कम संख्या में मंदिर पहुंच रहे हैं। किराये पर दुकानें करने वाले दुकानदारों पप्पू, राम कुमार, गौरव, सोनू का कहना है कि ऐसी मंदी उन्होंने चिंतपूर्णी में कभी नहीं देखी। उनके लिए तो यह एक तरह से लॉकडाउन ही है। उन्हें दुकानों का किराया निकालना और परिवार पालना मुश्किल हो गया है। अगर यही हाल बाजार का रहा तो दुकानदारों के लिए यह समय किसी संकट से कम नहीं होगा। पुजारी बारीदार सभा के प्रधान रविंद्र छिंदा ने कहा कि सरकार को बंदिशों में राहत देनी चाहिए।
कब कितने श्रद्धालु आए
17 अगस्त को 7106, 18 को 4766, 19 को 3070, 20 को 2991, 21 को 2360, 22 को 2752, 23 को 2506, 24 को 3739, 25 अगस्त को 2738 श्रद्धालुओं मंदिर में दर्शन किए। नौ दिनों में 32 हजार श्रदालुओं ने मां के दर हाजिरी लगाई।
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मां के दरबार में भक्तों के बेहद कम संख्या में आने से चिंतपूर्णी बाजार में पूरी तरह सन्नाटा छाया है। मंदिर में भी भीड़ नहीं दिख रही है। मेले के समापन के बाद नौ दिनों की बात करें तो मात्र 32 हजार श्रद्धालु ही मां के दरबार में आए हैं।
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यह संख्या उम्मीद से बेहद कम है। औसतन 32 हजार श्रद्धालु मां के दरबार में शनिवार और रविवार को ही पहुंच जाते हैं। प्रदेश सरकार के नए-नए आदेश निकालना और कोरोना को लेकर बंदिशें लगाना मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं संख्या कम होने का कारण माना जा रहा है।
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मंदिर परिसर भी पूरी तरह से खाली ही नजर आ रहा है। दर्शन करने पहुंच रहे श्रद्धालु एक या दो मिनट में ही माता रानी के दर्शन कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार राजनीतिक रैलियां में तो अच्छी खासी भीड़ जुटा रही है, लेकिन धार्मिक पर्यटन पर आश्रित लोगों की तरफ ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
पूर्व मंदिर ट्रस्टी निरंजन कालिया ने बताया कि सरकार के आदेशों के कारण श्रद्धालुओं में भ्रम की स्थिति है। बॉर्डर पर ई-पास और अन्य पाबंदियों के चलते श्रद्धालु कम संख्या में मंदिर पहुंच रहे हैं। किराये पर दुकानें करने वाले दुकानदारों पप्पू, राम कुमार, गौरव, सोनू का कहना है कि ऐसी मंदी उन्होंने चिंतपूर्णी में कभी नहीं देखी। उनके लिए तो यह एक तरह से लॉकडाउन ही है। उन्हें दुकानों का किराया निकालना और परिवार पालना मुश्किल हो गया है। अगर यही हाल बाजार का रहा तो दुकानदारों के लिए यह समय किसी संकट से कम नहीं होगा। पुजारी बारीदार सभा के प्रधान रविंद्र छिंदा ने कहा कि सरकार को बंदिशों में राहत देनी चाहिए।
कब कितने श्रद्धालु आए
17 अगस्त को 7106, 18 को 4766, 19 को 3070, 20 को 2991, 21 को 2360, 22 को 2752, 23 को 2506, 24 को 3739, 25 अगस्त को 2738 श्रद्धालुओं मंदिर में दर्शन किए। नौ दिनों में 32 हजार श्रदालुओं ने मां के दर हाजिरी लगाई।