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यूक्रेन से लौटा ऊना का प्रथम कश्यप, पुष्प वर्षा से हुआ स्वागत
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। युद्धग्रस्त यूक्रेन में पढ़ाई करने गए जिले के विद्यार्थियों का घर लौटने का सिलसिला लगातार जारी है। इसी कड़ी में रविवार को वार्ड नौ के निवासी छात्र प्रथम कश्यप भी सुरक्षित लौट आया। रविवार सुबह प्रथम जैसे ही घर पहुंचा तो परिजनों समेत अन्य सगे संबंधियों ने उसका फूल मालाएं व पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया। करीब दो सप्ताह से विदेश में फंसे अपने बेटे को घर पहुंचता देख परिजन भावुक हो गए।
सुरक्षित घर पहुंचने पर परिजनों ने प्रथम का जोरदार स्वागत किया गया। परिजनों ने बेटे की आरती उतारी और मुंह मीठा करवाकर उसे घर में प्रवेश कराया। प्रथम कश्यप एमबीबीएस की पढ़ाई करने करीब पांच साल पहले यूक्रेन गया था और अब उसकी डिग्री पूरी होने ही वाली थी। प्रथम ने बताया कि उसने 27 फरवरी को कीव स्थित अपनी यूनिवर्सिटी से बॉर्डर की ओर निकनले के लिए योजना बनाई।
इस दौरान सैकड़ों अन्य विद्यार्थी एक साथ निकले और बस व टैक्सियों की मदद से दो दिन बाद सीमा पर पहुंच गए। कहा कि वहां करीब 24 घंटे इंतजार करने के बाद उन्हें स्लोवाकिया भेजा गया और वहीं कुछ दिन इंतजार करने के बाद शनिवार शाम को दिल्ली के लिए फ्लाइट मिली।
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प्रथम ने कहा कि वह सही समय पर यूक्रेन छोड़कर भारत के लिए निकल पड़े। कहा कि उनके जाने के बाद कीव और खारकीव में विद्यार्थियों को भूखे रहना पड़ा और कई स्थानों पर लूटपाट के समाचार भी मिले।
प्रथम ने कहा कि यूक्रेन में हालात बेहद खराब हो चुके हैं और वहां फंसे विद्यार्थियों को जल्द भारत लाए जाने की जरूरत है। प्रथम कश्यप के पिता नवदीप कश्यप ने कहा कि बेटे के सकुशल घर पहुंचने पर उन्होंने राहत की सांस ली है।
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ऊना। युद्धग्रस्त यूक्रेन में पढ़ाई करने गए जिले के विद्यार्थियों का घर लौटने का सिलसिला लगातार जारी है। इसी कड़ी में रविवार को वार्ड नौ के निवासी छात्र प्रथम कश्यप भी सुरक्षित लौट आया। रविवार सुबह प्रथम जैसे ही घर पहुंचा तो परिजनों समेत अन्य सगे संबंधियों ने उसका फूल मालाएं व पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया। करीब दो सप्ताह से विदेश में फंसे अपने बेटे को घर पहुंचता देख परिजन भावुक हो गए।
सुरक्षित घर पहुंचने पर परिजनों ने प्रथम का जोरदार स्वागत किया गया। परिजनों ने बेटे की आरती उतारी और मुंह मीठा करवाकर उसे घर में प्रवेश कराया। प्रथम कश्यप एमबीबीएस की पढ़ाई करने करीब पांच साल पहले यूक्रेन गया था और अब उसकी डिग्री पूरी होने ही वाली थी। प्रथम ने बताया कि उसने 27 फरवरी को कीव स्थित अपनी यूनिवर्सिटी से बॉर्डर की ओर निकनले के लिए योजना बनाई।
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इस दौरान सैकड़ों अन्य विद्यार्थी एक साथ निकले और बस व टैक्सियों की मदद से दो दिन बाद सीमा पर पहुंच गए। कहा कि वहां करीब 24 घंटे इंतजार करने के बाद उन्हें स्लोवाकिया भेजा गया और वहीं कुछ दिन इंतजार करने के बाद शनिवार शाम को दिल्ली के लिए फ्लाइट मिली।
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प्रथम ने कहा कि वह सही समय पर यूक्रेन छोड़कर भारत के लिए निकल पड़े। कहा कि उनके जाने के बाद कीव और खारकीव में विद्यार्थियों को भूखे रहना पड़ा और कई स्थानों पर लूटपाट के समाचार भी मिले।
प्रथम ने कहा कि यूक्रेन में हालात बेहद खराब हो चुके हैं और वहां फंसे विद्यार्थियों को जल्द भारत लाए जाने की जरूरत है। प्रथम कश्यप के पिता नवदीप कश्यप ने कहा कि बेटे के सकुशल घर पहुंचने पर उन्होंने राहत की सांस ली है।