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Una News: स्कूलों में आज से दाखिला प्रक्रिया पकड़ेगी रफ्तार
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ऊना। जिले के सरकारी स्कूलों में सोमवार से विद्यार्थियों की नियमित कक्षाएं लगना शुरू हो जाएंगी। अभी तक इक्का-दुक्का विद्यार्थी ही स्कूलों में पहुंच रहे थे। वहीं दाखिला प्रक्रिया भी धीमी गति से चल रही है लेकिन सोमवार से सभी कक्षाओं की पढ़ाई शुरू होगी। ऐसे में दाखिला लेने के लिए अच्छी-खासी संख्या में विद्यार्थी पहुंचने की संभावना है।
जानकारी के अनुसार सरकारी स्कूलों में परीक्षाओं के समापन के बाद पांच अप्रैल तक छुट्टियां घोषित की गई। इसके बाद कुछ बच्चों ने अगली कक्षा में दाखिला ले लिया। वहीं कई ऐसे भी हैं, जो अभी स्कूल नहीं आए हैं। सोमवार को कक्षाएं शुरू होंगी और जो विद्यार्थी दाखिला समय पर दाखिला नहीं लेगा, वह पढ़ाई में भी पिछड़ेगा। इसको लेकर अध्यापक भी अभिभावकों को लगातार जागरूक कर रहे हैं, जिससे नियमित कक्षाओं का लाभ सभी विद्यार्थी ले पाएं। जिले के प्राथमिक स्कूलों में करीब 500 प्राथमिक और 130 से अधिक वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल हैं। बीते शैक्षणिक सत्र में प्राथमिक स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या करीब 28,000 रही हैं। वहीं बड़ी कक्षाओं में भी 35,000 के आसपास बच्चों की संख्या है। कोरोना संक्रमण घटने से हालात सामान्य होने के बाद निजी स्कूलों की ओर भी अभिभावकों का रुझान बढ़ा है। ध्यान रहे कि कोरोनाकाल में कारोबार ठप पड़ने के बाद कई अभिभावकों ने निजी स्कूलों की भारी भरकम फीस से तंग आकर बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिल करवाया। इस दौरान कई बच्चे और अभिभावक भी सरकारी स्कूलों में पढ़ाई और सुविधाओं से संतुष्ट दिखे।
स्कूलों में शिक्षकों की कमी अभी भी एक बड़ी समस्या बनी हुई है। स्कूलों में नए अध्यापकों की नियुक्ति की मांग लंबे समय से हो रही है। जिला प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष राकेश शर्मा ने बताया कि स्कूलों में पढ़ाई के अलावा कई अन्य कार्य भी शिक्षकों को निपटाने पड़ते हैं। कई स्कूलों में तो केवल एक अध्यापक है। वहीं कई स्कूल ऐसे हैं, जहां शिक्षकों के मुकाबले बच्चों की संख्या काफी अधिक है।
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जिले के स्कूलों में आज से दाखिला प्रक्रिया में तेजी देखने को मिलेगी। नए शैक्षणिक सत्र की कक्षाएं में नियमित तौर पर लगेंगी। कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच स्कूलों में पूरी सतर्कता बरतें। बच्चों की सुरक्षा के साथ कोई लापरवाही न की जाए।
देवेंद्र चंदेल, उपनिदेशक, जिला प्रारंभिक शिक्षा विभाग।
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जानकारी के अनुसार सरकारी स्कूलों में परीक्षाओं के समापन के बाद पांच अप्रैल तक छुट्टियां घोषित की गई। इसके बाद कुछ बच्चों ने अगली कक्षा में दाखिला ले लिया। वहीं कई ऐसे भी हैं, जो अभी स्कूल नहीं आए हैं। सोमवार को कक्षाएं शुरू होंगी और जो विद्यार्थी दाखिला समय पर दाखिला नहीं लेगा, वह पढ़ाई में भी पिछड़ेगा। इसको लेकर अध्यापक भी अभिभावकों को लगातार जागरूक कर रहे हैं, जिससे नियमित कक्षाओं का लाभ सभी विद्यार्थी ले पाएं। जिले के प्राथमिक स्कूलों में करीब 500 प्राथमिक और 130 से अधिक वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल हैं। बीते शैक्षणिक सत्र में प्राथमिक स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या करीब 28,000 रही हैं। वहीं बड़ी कक्षाओं में भी 35,000 के आसपास बच्चों की संख्या है। कोरोना संक्रमण घटने से हालात सामान्य होने के बाद निजी स्कूलों की ओर भी अभिभावकों का रुझान बढ़ा है। ध्यान रहे कि कोरोनाकाल में कारोबार ठप पड़ने के बाद कई अभिभावकों ने निजी स्कूलों की भारी भरकम फीस से तंग आकर बच्चों को सरकारी स्कूलों में दाखिल करवाया। इस दौरान कई बच्चे और अभिभावक भी सरकारी स्कूलों में पढ़ाई और सुविधाओं से संतुष्ट दिखे।
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स्कूलों में शिक्षकों की कमी अभी भी एक बड़ी समस्या बनी हुई है। स्कूलों में नए अध्यापकों की नियुक्ति की मांग लंबे समय से हो रही है। जिला प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष राकेश शर्मा ने बताया कि स्कूलों में पढ़ाई के अलावा कई अन्य कार्य भी शिक्षकों को निपटाने पड़ते हैं। कई स्कूलों में तो केवल एक अध्यापक है। वहीं कई स्कूल ऐसे हैं, जहां शिक्षकों के मुकाबले बच्चों की संख्या काफी अधिक है।
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जिले के स्कूलों में आज से दाखिला प्रक्रिया में तेजी देखने को मिलेगी। नए शैक्षणिक सत्र की कक्षाएं में नियमित तौर पर लगेंगी। कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच स्कूलों में पूरी सतर्कता बरतें। बच्चों की सुरक्षा के साथ कोई लापरवाही न की जाए।
देवेंद्र चंदेल, उपनिदेशक, जिला प्रारंभिक शिक्षा विभाग।