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Una News: आज तक खत्म नहीं हुआ तीन किलोमीटर सड़क का इंतजार
Mon, 05 Oct 2026 03:04 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Mon, 05 Oct 2026 03:04 AM IST
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मैड़ी (ऊना)। उपमंडल अंब की ग्राम पंचायत पोलिया पुरोहितां के गांव मलांगू से कुठयला दा बेड़ा तक करीब तीन किलोमीटर सड़क का इंतजार वर्षों बाद भी खत्म नहीं हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के 79 साल बाद भी उन्हें सड़क जैसी मूलभूत सुविधा के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। सड़क नहीं होने से करीब 300 ग्रामीण प्रभावित हैं और आपात स्थिति में मरीजों को चारपाई या कंधों के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है।
स्थानीय ग्रामीण प्रवीण कुमार, पिर्थी सिंह, मेहर सिंह राणा, नरेश सिंह राणा, दीपक राणा और बलवंत सिंह ने बताया कि वर्ष 2017 से 2021 के बीच मार्ग पर कुछ काम करवाया गया था लेकिन इसके बाद निर्माण आगे नहीं बढ़ पाया। वर्षों बीतने के बावजूद सड़क की स्थिति जस की तस बनी हुई है।
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ग्रामीणों का कहना है कि सड़क सुविधा नहीं होने का असर स्वास्थ्य के साथ शिक्षा, रोजगार और रोजमर्रा की आवाजाही पर भी पड़ रहा है। पैदल चलने के साथ सामान ढोना भी मुश्किल है।
सड़क की कमी के कारण कुछ परिवारों को बेहतर आवागमन वाले स्थानों पर अपना ठिकाना तक बदलना पड़ा है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब सड़क निर्माण का काम पहले शुरू हो चुका था तो इसे पूरा करने में इतनी देरी क्यों हो रही है।
जमीन पंचायत के नाम, अब बजट का इंतजार
ग्राम पंचायत प्रधान मंजू बाला ने बताया कि रास्ते में कुछ ग्रामीणों की मलकीयती जमीन होने के कारण सड़क निर्माण में परेशानी आ रही थी। अब संबंधित ग्रामीणों ने जमीन पंचायत के नाम कर दी है। बजट का प्रावधान करवाकर जल्द सड़क निर्माण पूरा करवाने के प्रयास किए जाएंगे।
लंबित काम प्राथमिकता से पूरा हो
सड़क बनने से करीब 300 लोगों को सीधा लाभ मिलेगा और गांव में आवागमन आसान होगा। प्रशासन और संबंधित विभाग को मौके का निरीक्षण कर लंबित कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करवाना चाहिए। -नरेश चंब्याल, निवासी मलांगू
बीमार-बुजुर्गों के लिए सबसे बड़ी परेशानी
सड़क सुविधा नहीं होने से सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों और बीमार लोगों को होती है। आपात स्थिति में मरीज को मुख्य सड़क तक पहुंचाना परिवार के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। सड़क निर्माण जल्द शुरू करवाया जाए। - सुनील ठाकुर, पूर्व उपप्रधान, मलांगू
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ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के 79 साल बाद भी उन्हें सड़क जैसी मूलभूत सुविधा के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। सड़क नहीं होने से करीब 300 ग्रामीण प्रभावित हैं और आपात स्थिति में मरीजों को चारपाई या कंधों के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ता है।
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स्थानीय ग्रामीण प्रवीण कुमार, पिर्थी सिंह, मेहर सिंह राणा, नरेश सिंह राणा, दीपक राणा और बलवंत सिंह ने बताया कि वर्ष 2017 से 2021 के बीच मार्ग पर कुछ काम करवाया गया था लेकिन इसके बाद निर्माण आगे नहीं बढ़ पाया। वर्षों बीतने के बावजूद सड़क की स्थिति जस की तस बनी हुई है।
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ग्रामीणों का कहना है कि सड़क सुविधा नहीं होने का असर स्वास्थ्य के साथ शिक्षा, रोजगार और रोजमर्रा की आवाजाही पर भी पड़ रहा है। पैदल चलने के साथ सामान ढोना भी मुश्किल है।
सड़क की कमी के कारण कुछ परिवारों को बेहतर आवागमन वाले स्थानों पर अपना ठिकाना तक बदलना पड़ा है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब सड़क निर्माण का काम पहले शुरू हो चुका था तो इसे पूरा करने में इतनी देरी क्यों हो रही है।
जमीन पंचायत के नाम, अब बजट का इंतजार
ग्राम पंचायत प्रधान मंजू बाला ने बताया कि रास्ते में कुछ ग्रामीणों की मलकीयती जमीन होने के कारण सड़क निर्माण में परेशानी आ रही थी। अब संबंधित ग्रामीणों ने जमीन पंचायत के नाम कर दी है। बजट का प्रावधान करवाकर जल्द सड़क निर्माण पूरा करवाने के प्रयास किए जाएंगे।
लंबित काम प्राथमिकता से पूरा हो
सड़क बनने से करीब 300 लोगों को सीधा लाभ मिलेगा और गांव में आवागमन आसान होगा। प्रशासन और संबंधित विभाग को मौके का निरीक्षण कर लंबित कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करवाना चाहिए। -नरेश चंब्याल, निवासी मलांगू
बीमार-बुजुर्गों के लिए सबसे बड़ी परेशानी
सड़क सुविधा नहीं होने से सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों और बीमार लोगों को होती है। आपात स्थिति में मरीज को मुख्य सड़क तक पहुंचाना परिवार के लिए बड़ी चुनौती बन जाता है। सड़क निर्माण जल्द शुरू करवाया जाए। - सुनील ठाकुर, पूर्व उपप्रधान, मलांगू