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Una News: मक्की की फसल पर फॉल आर्मी वर्म का खतरा
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बचाव के लिए करें कौराजेन का स्प्रे
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। खरीफ सीजन की प्रमुख फसल मक्की इस समय फॉल आर्मी वर्म के प्रकोप की चपेट में है। यह कीट रातों-रात पत्तियों और भुट्टों को नुकसान पहुंचाकर किसानों को भारी नुकसान पहुंचा सकता है। कृषि विभाग ने सभी विकास खंडों में कौराजेन और क्लोरपायरीफास 20 ईसी कीटनाशक उपलब्ध करवाए हैं। कौराजेन का छिड़काव विभागीय अधिकारियों की सलाह अनुसार मक्की के पत्तों के भंवर में सुबह या शाम के समय करें। स्प्रे करते समय नोजल को पत्ती के केंद्र की ओर रखें, जहां लार्वा आमतौर पर पाया जाता है। डॉ. कुलभूषण धीमान (उप-निदेशक, कृषि विभाग) ने बताया कि मादा मोथ पत्तियों पर 50-200 अंडे देती है, जो 3-4 दिन में फूटते हैं। लार्वा की चौथी अवस्था में इसके सिर पर अंग्रेजी के उल्टे ‘वाई’ आकार का सफेद निशान दिखाई देता है। यह कीट पत्तियों को खुरचकर सफेद धारियां बनाता है और बाद में भुट्टे के अंदर घुसकर नुकसान करता है। इसकी विष्ठा व पत्तियों में गोल छिद्र इसकी उपस्थिति दर्शाते हैं।
कीट का प्रभाव और खतरा:
यह बहुफसली कीट 80 से अधिक फसलों को नुकसान पहुंचा सकता है। समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया तो मक्की व अन्य फसलों में भारी तबाही संभव है। कुलभूषण धीमान ने कहा कि अधिक जानकारी के लिए विकास खंड अंब, विषयवाद विशेषज्ञ प्यारो देवी मोबाइल नंबर 86289-45916, विकास खंड बंगाणा में सतपाल धीमान मोबाइल नंबर 94181-60124, विकास खंड गगरेट में नवदीप कौंडल मोबाइल नंबर 8219170865, विकास खंड हरोली में श्याम लाल मोबाइल नंबर 98053-06198 और विकास खंड ऊना में डॉ. खुशबू राणा मोबाइल नंबर 8219616530 पर संपर्क किया जा सकता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। खरीफ सीजन की प्रमुख फसल मक्की इस समय फॉल आर्मी वर्म के प्रकोप की चपेट में है। यह कीट रातों-रात पत्तियों और भुट्टों को नुकसान पहुंचाकर किसानों को भारी नुकसान पहुंचा सकता है। कृषि विभाग ने सभी विकास खंडों में कौराजेन और क्लोरपायरीफास 20 ईसी कीटनाशक उपलब्ध करवाए हैं। कौराजेन का छिड़काव विभागीय अधिकारियों की सलाह अनुसार मक्की के पत्तों के भंवर में सुबह या शाम के समय करें। स्प्रे करते समय नोजल को पत्ती के केंद्र की ओर रखें, जहां लार्वा आमतौर पर पाया जाता है। डॉ. कुलभूषण धीमान (उप-निदेशक, कृषि विभाग) ने बताया कि मादा मोथ पत्तियों पर 50-200 अंडे देती है, जो 3-4 दिन में फूटते हैं। लार्वा की चौथी अवस्था में इसके सिर पर अंग्रेजी के उल्टे ‘वाई’ आकार का सफेद निशान दिखाई देता है। यह कीट पत्तियों को खुरचकर सफेद धारियां बनाता है और बाद में भुट्टे के अंदर घुसकर नुकसान करता है। इसकी विष्ठा व पत्तियों में गोल छिद्र इसकी उपस्थिति दर्शाते हैं।
कीट का प्रभाव और खतरा:
यह बहुफसली कीट 80 से अधिक फसलों को नुकसान पहुंचा सकता है। समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया तो मक्की व अन्य फसलों में भारी तबाही संभव है। कुलभूषण धीमान ने कहा कि अधिक जानकारी के लिए विकास खंड अंब, विषयवाद विशेषज्ञ प्यारो देवी मोबाइल नंबर 86289-45916, विकास खंड बंगाणा में सतपाल धीमान मोबाइल नंबर 94181-60124, विकास खंड गगरेट में नवदीप कौंडल मोबाइल नंबर 8219170865, विकास खंड हरोली में श्याम लाल मोबाइल नंबर 98053-06198 और विकास खंड ऊना में डॉ. खुशबू राणा मोबाइल नंबर 8219616530 पर संपर्क किया जा सकता है।
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