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Una News: बारिश से आलू की बिजाई के लिए तैयार खेत जलमग्न
Thu, 27 Aug 2026 12:29 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Thu, 27 Aug 2026 12:29 AM IST
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बारिश के कारण आलुओं के खेत में भारा हुआ lसंवाद
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चकसराय (ऊना)। बुधवार सुबह हुई बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी। बारिश से आलू की बिजाई के लिए तैयार किए गए खेत जलमग्न हो गए। वहीं, जिन किसानों ने मंगलवार को आलू की बिजाई की थी, उनके खेतों में भी मेड़ों के बीच बारिश का पानी जमा हो गया है। किसानों को डर है कि अगर समय रहते पानी की निकासी नहीं हुई तो आलू के बीज के सड़ने का खतरा बढ़ सकता है। बारिश के बाद किसान अपने खेतों का जायजा लेने पहुंच गए। किसानों का कहना है कि जैसे ही बारिश थमेगी, खेतों में आलू की मेड़ों के बीच जमा पानी को बाहर निकालने का काम शुरू किया जाएगा। लगातार बदल रहे मौसम के कारण किसानों को आलू की बिजाई को लेकर काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कृषि प्रसार अधिकारी चंदन कुमार शर्मा ने किसानों को सलाह दी है कि जिन खेतों में बारिश का पानी आलू की मेड़ों में जमा हो गया है, वे जल्द से जल्द पानी की निकासी करें। खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहने से आलू के बीज को नुकसान हो सकता है। उन्होंने किसानों से मौसम को देखते हुए खेतों में पानी की निकासी का उचित प्रबंध करने की अपील की है।
किसान लकी कुमार ने बताया कि किसान पहले ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। बारिश होने के कारण खेतों को बार-बार ट्रैक्टर से तैयार करवाना पड़ रहा है, जिससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मौसम खराब होने से खेती का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है।
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ट्रैक्टर चालक महिंदर सिंह ने बताया कि डीजल के दाम बढ़ने के कारण ट्रैक्टर से खेत तैयार करने और बुआई की लागत भी बढ़ गई है। पहले वह 1200 रुपये में बुआई का काम करते थे लेकिन अब बढ़ती लागत के चलते 1500 रुपये लेने पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि डीजल महंगा होने का सीधा असर खेती की लागत पर पड़ रहा है।
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कृषि प्रसार अधिकारी चंदन कुमार शर्मा ने किसानों को सलाह दी है कि जिन खेतों में बारिश का पानी आलू की मेड़ों में जमा हो गया है, वे जल्द से जल्द पानी की निकासी करें। खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहने से आलू के बीज को नुकसान हो सकता है। उन्होंने किसानों से मौसम को देखते हुए खेतों में पानी की निकासी का उचित प्रबंध करने की अपील की है।
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किसान लकी कुमार ने बताया कि किसान पहले ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। बारिश होने के कारण खेतों को बार-बार ट्रैक्टर से तैयार करवाना पड़ रहा है, जिससे किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि मौसम खराब होने से खेती का खर्च लगातार बढ़ता जा रहा है।
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ट्रैक्टर चालक महिंदर सिंह ने बताया कि डीजल के दाम बढ़ने के कारण ट्रैक्टर से खेत तैयार करने और बुआई की लागत भी बढ़ गई है। पहले वह 1200 रुपये में बुआई का काम करते थे लेकिन अब बढ़ती लागत के चलते 1500 रुपये लेने पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि डीजल महंगा होने का सीधा असर खेती की लागत पर पड़ रहा है।