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Una News: विभाग की लापरवाही का खामियाजा, सप्ताह भर परेशानी झेलेगी जनता
Thu, 11 Jun 2026 06:51 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Thu, 11 Jun 2026 06:51 AM IST
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ऊना। रामपुर बैली ब्रिज के टूटने के कारण संतोषगढ़ से ऊना आने जाने वाले लोगों को अभी कम से कम एक सप्ताह तक परेशानी झेलनी पड़ेगी। भारी भरकम वाहनों और ओवरलोड टिपरों की आवाजाही से क्षतिग्रस्त हुए बैली ब्रिज की मरम्मत का काम आसान नहीं होगा। तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए पुल को पहले एक तरफ से डिस्मेंटल करना पड़ेगा। लोक निर्माण विभाग के मेकेनिकल विंग ने स्पष्ट किया है कि पुल के कई महत्वपूर्ण हिस्से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, जिसके चलते मरम्मत कार्य में समय लगना तय है।
क्षमता से अधिक वजन वाले वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण बैली ब्रिज के लोहे के कुछ हिस्से टेढ़े हो गए हैं। मरम्मत कार्य शुरू करने से पहले पुल के प्रभावित हिस्से को एक तरफ से खोलना होगा, जिसके बाद क्षतिग्रस्त सामग्री को बदला जाएगा।
यदि संबंधित पिन, नट-बोल्ट और अन्य उपकरण स्थानीय स्तर पर उपलब्ध नहीं होते हैं तो इन्हें कोलकाता से मंगवाना पड़ेगा। ऐसी स्थिति में मरम्मत कार्य पूरा होने में एक सप्ताह से अधिक समय भी लग सकता है।
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उधर, बैली ब्रिज पर आवाजाही बंद होने से क्षेत्र के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। । नौकरीपेशा लोगों और छोटे कारोबारियों को रोजाना अतिरिक्त समय और जोखिम उठाना पड़ रहा है।
.........................
बॉक्स
क्या बोले लोग
हैरानी की बात है कि बैली ब्रिज लगाए जाने के करीब पौने दो साल बाद भी स्थायी पुल निर्माण नहीं हो पाया है। विभाग की लापरवाही की सजा आम लोगों को भुगतनी पड़ रही है। इस रास्ते पर धूल, गड्ढों और ऊबड़-खाबड़ सतह के कारण परेशानी हो रही है।.... विक्रम सिंह, निवासी झुड़ोवाल।
जब विभाग के अधिकारियों को पता है कि बैली ब्रिज की क्षमता से ऊपर के भारी भरकम वाहन गुजर रहे हैं तो उन्हें सख्ती से राकने के बजाय ब्रिज के टूटने का इंतजार क्याें करते रहे। अब दिक्कत तो यहां से राज गुजरने वालों को हो रही है। .... सिद्धार्थ राणा, निवासी जनकौर
ओवर लोड वाहनों के कारण बैली ब्रिज का काफी हिस्सा टेढ़ा हो गया है। एक तरफ से डिसमेंटल करके ही ब्रिज की मरम्मत होगी इसमें सप्ताह तक का समय लगेगा।..... दीपक शर्मा, एसडीओ मेकेनिकल विंग, लोनिवि ऊना।
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क्षमता से अधिक वजन वाले वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण बैली ब्रिज के लोहे के कुछ हिस्से टेढ़े हो गए हैं। मरम्मत कार्य शुरू करने से पहले पुल के प्रभावित हिस्से को एक तरफ से खोलना होगा, जिसके बाद क्षतिग्रस्त सामग्री को बदला जाएगा।
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यदि संबंधित पिन, नट-बोल्ट और अन्य उपकरण स्थानीय स्तर पर उपलब्ध नहीं होते हैं तो इन्हें कोलकाता से मंगवाना पड़ेगा। ऐसी स्थिति में मरम्मत कार्य पूरा होने में एक सप्ताह से अधिक समय भी लग सकता है।
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उधर, बैली ब्रिज पर आवाजाही बंद होने से क्षेत्र के लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। । नौकरीपेशा लोगों और छोटे कारोबारियों को रोजाना अतिरिक्त समय और जोखिम उठाना पड़ रहा है।
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क्या बोले लोग
हैरानी की बात है कि बैली ब्रिज लगाए जाने के करीब पौने दो साल बाद भी स्थायी पुल निर्माण नहीं हो पाया है। विभाग की लापरवाही की सजा आम लोगों को भुगतनी पड़ रही है। इस रास्ते पर धूल, गड्ढों और ऊबड़-खाबड़ सतह के कारण परेशानी हो रही है।.... विक्रम सिंह, निवासी झुड़ोवाल।
जब विभाग के अधिकारियों को पता है कि बैली ब्रिज की क्षमता से ऊपर के भारी भरकम वाहन गुजर रहे हैं तो उन्हें सख्ती से राकने के बजाय ब्रिज के टूटने का इंतजार क्याें करते रहे। अब दिक्कत तो यहां से राज गुजरने वालों को हो रही है। .... सिद्धार्थ राणा, निवासी जनकौर
ओवर लोड वाहनों के कारण बैली ब्रिज का काफी हिस्सा टेढ़ा हो गया है। एक तरफ से डिसमेंटल करके ही ब्रिज की मरम्मत होगी इसमें सप्ताह तक का समय लगेगा।..... दीपक शर्मा, एसडीओ मेकेनिकल विंग, लोनिवि ऊना।