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Una News: विद्युत उपमंडल बसाल में स्टाफ की कमी से जनता की मुश्किलें बढ़ीं
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लिपिक और तकनीकी कर्मचारियों के पद चल रहे खाली
तैनात स्टाफ पर काम का पड़ रहा बोझ, असुविधाओं से जनता हो रही परेशान
सतीश शर्मा
नारी (ऊना)। पिछली सरकार ने ऊना जिले में हर विभाग के उपमंडलों की संख्या बढ़ा दी, ताकि लोगों के काम नजदीक और आसानी से हो सकें। दफ्तर खुल गए और उसके साथ ही विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने पर आचार संहिता लगा दी गई। केवल कमरे देकर एक व्यक्ति को सबडिवीजन में बिठा दिया गया। तीन वर्ष बीतने के बाद भी विद्युत उपमंडल बसाल में लिपिक और तकनीकी कर्मचारियों की भारी कमी है। इससे जनता की मुश्किलें बढ़ी हैं, साथ ही मौजूदा कर्मचारियों पर काम का बोझ बढ़ता जा रहा है। उन्हें भी निश्चित समय के बाद कार्य करना पड़ता है।
जानकारी के अनुसार बसाल उपमंडल के तहत विद्युत बोर्ड के तीन सेक्शन आते हैं। इसमें नारी, कोटला और झलेड़ा शामिल हैं। इस उपमंडल के कार्यालय में सहायक अभियंता का एक पद भरा हुआ है। वरिष्ठ सहायक के दो पदों में से एक खाली है। कनिष्ठ कार्यालय सहायक (जेओए) के दो पदों में से एक खाली है। तकनीकी स्टाफ में तीन सेक्शन हैं। इनमें तीन कनिष्ठ अभियंताओं के स्वीकृत पद में से दो खाली हैं। फोरमैन के दो पद खाली, लाइनमैन के छह के छह पद खाली पड़े हैं। सहायक लाइनमैन के 30 पदों में से 15 खाली हैं। टीममेट के 12 पद स्वीकृत हैं। सभी खाली हैं। यह ब्योरा तो एक उपमंडल का है।
उपमंडल के तहत पड़ने वाला क्षेत्र लगभग 50 गांवों में फैला हुआ है। इस क्षेत्र में लगभग 40 छोटे-बड़े कारखाने भी लगे हैं। 18,000 से अधिक कनेक्शन वर्तमान में हैं। इनमें से कुल स्टाफ का एक तिहाई भाग स्टाफ पर ही सारे काम का बोझ उठा रहा है। क्षेत्र के किसानों महेश चंद, राम कुमार, शीतल सिंह, बृजमोहन, अश्विनी कुमार, दाताराम, सुरेश कुमार, संजीव कुमार, राज कुमार, अशोक कुमार, रविदास, हरीश कुमार, बलबीर चंद का कहना है कि वर्तमान सरकार व्यवस्था परिवर्तन के लिए आई थी। पौने तीन वर्षों में दफ्तरों में कर्मचारी नहीं दे पाई। अब कैसे व्यवस्था परिवर्तन होगा समझ से बाहर है।
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कोट्स
उपमंडल में कर्मचारियों की कमी लगातार बनी हुई है। हमारा मौजूदा स्टाफ अतिरिक्त समय लगाकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहा है। मैं व्यक्तिगत तौर पर भी खुद फील्ड में जाकर कार्य करता हूं, ताकि जनता को असुविधा न हो। जनता के कार्य सुचारु रूप से चलने में पूरी तरह से प्रयासरत हैं।
सुनील कुमार, सहायक अभियंता, विद्युत बोर्ड उपमंडल बसाल।
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तैनात स्टाफ पर काम का पड़ रहा बोझ, असुविधाओं से जनता हो रही परेशान
सतीश शर्मा
नारी (ऊना)। पिछली सरकार ने ऊना जिले में हर विभाग के उपमंडलों की संख्या बढ़ा दी, ताकि लोगों के काम नजदीक और आसानी से हो सकें। दफ्तर खुल गए और उसके साथ ही विधानसभा चुनाव की अधिसूचना जारी होने पर आचार संहिता लगा दी गई। केवल कमरे देकर एक व्यक्ति को सबडिवीजन में बिठा दिया गया। तीन वर्ष बीतने के बाद भी विद्युत उपमंडल बसाल में लिपिक और तकनीकी कर्मचारियों की भारी कमी है। इससे जनता की मुश्किलें बढ़ी हैं, साथ ही मौजूदा कर्मचारियों पर काम का बोझ बढ़ता जा रहा है। उन्हें भी निश्चित समय के बाद कार्य करना पड़ता है।
जानकारी के अनुसार बसाल उपमंडल के तहत विद्युत बोर्ड के तीन सेक्शन आते हैं। इसमें नारी, कोटला और झलेड़ा शामिल हैं। इस उपमंडल के कार्यालय में सहायक अभियंता का एक पद भरा हुआ है। वरिष्ठ सहायक के दो पदों में से एक खाली है। कनिष्ठ कार्यालय सहायक (जेओए) के दो पदों में से एक खाली है। तकनीकी स्टाफ में तीन सेक्शन हैं। इनमें तीन कनिष्ठ अभियंताओं के स्वीकृत पद में से दो खाली हैं। फोरमैन के दो पद खाली, लाइनमैन के छह के छह पद खाली पड़े हैं। सहायक लाइनमैन के 30 पदों में से 15 खाली हैं। टीममेट के 12 पद स्वीकृत हैं। सभी खाली हैं। यह ब्योरा तो एक उपमंडल का है।
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उपमंडल के तहत पड़ने वाला क्षेत्र लगभग 50 गांवों में फैला हुआ है। इस क्षेत्र में लगभग 40 छोटे-बड़े कारखाने भी लगे हैं। 18,000 से अधिक कनेक्शन वर्तमान में हैं। इनमें से कुल स्टाफ का एक तिहाई भाग स्टाफ पर ही सारे काम का बोझ उठा रहा है। क्षेत्र के किसानों महेश चंद, राम कुमार, शीतल सिंह, बृजमोहन, अश्विनी कुमार, दाताराम, सुरेश कुमार, संजीव कुमार, राज कुमार, अशोक कुमार, रविदास, हरीश कुमार, बलबीर चंद का कहना है कि वर्तमान सरकार व्यवस्था परिवर्तन के लिए आई थी। पौने तीन वर्षों में दफ्तरों में कर्मचारी नहीं दे पाई। अब कैसे व्यवस्था परिवर्तन होगा समझ से बाहर है।
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उपमंडल में कर्मचारियों की कमी लगातार बनी हुई है। हमारा मौजूदा स्टाफ अतिरिक्त समय लगाकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहा है। मैं व्यक्तिगत तौर पर भी खुद फील्ड में जाकर कार्य करता हूं, ताकि जनता को असुविधा न हो। जनता के कार्य सुचारु रूप से चलने में पूरी तरह से प्रयासरत हैं।
सुनील कुमार, सहायक अभियंता, विद्युत बोर्ड उपमंडल बसाल।