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Una News: क्षेत्रीय अस्पताल के डायलिसिस वार्ड में बढ़ेगी मशीनों की संख्या
Wed, 25 Mar 2026 12:14 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Wed, 25 Mar 2026 12:14 AM IST
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ऊना। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में डायलिसिस सुविधा को सुदृढ़ करने की दिशा में अहम कदम उठाया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन ने डायलिसिस वार्ड में मशीनों की संख्या बढ़ाने की योजना तैयार की है, जिससे किडनी रोग से पीड़ित मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
वर्तमान में अस्पताल में दस मशीनों के माध्यम से ही डायलिसिस की व्यवस्था संचालित हो रही है लेकिन बढ़ती मरीज संख्या के चलते यह व्यवस्था अब अपर्याप्त साबित हो रही है।
डायलिसिस की सुविधा केवल क्षेत्रीय अस्पताल में ही उपलब्ध है। यही कारण है कि जिले के दूरदराज ग्रामीण इलाकों के अलावा से भी बड़ी संख्या में मरीज यहां उपचार के लिए पहुंचते हैं। कई मरीजों को सप्ताह में दो से तीन बार डायलिसिस करवाना पड़ता है।
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ऐसे में सीमित मशीनों के कारण उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है। कई बार मरीजों को समय पर स्लॉट न मिलने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है। डायलिसिस वार्ड के विस्तार के साथ-साथ नई अत्याधुनिक मशीनें स्थापित करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। इसके लिए आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही मशीनों की खरीद और स्थापना का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
नई मशीनें लगने से प्रतिदिन अधिक संख्या में मरीजों का डायलिसिस किया जा सकेगा, जिससे प्रतीक्षा समय में कमी आएगी और मरीजों को समय पर उपचार मिल पाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सरकार की प्राथमिकता है कि मरीजों को उनके जिले में ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं।
चिकित्सकों का भी मानना है कि किडनी रोगियों के लिए नियमित और समय पर डायलिसिस बेहद जरूरी होता है। यदि इसमें देरी होती है तो मरीज की स्थिति गंभीर हो सकती है। ऐसे में मशीनों की संख्या बढ़ना मरीजों के लिए जीवन रक्षक साबित होगा।
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वर्तमान में अस्पताल में दस मशीनों के माध्यम से ही डायलिसिस की व्यवस्था संचालित हो रही है लेकिन बढ़ती मरीज संख्या के चलते यह व्यवस्था अब अपर्याप्त साबित हो रही है।
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डायलिसिस की सुविधा केवल क्षेत्रीय अस्पताल में ही उपलब्ध है। यही कारण है कि जिले के दूरदराज ग्रामीण इलाकों के अलावा से भी बड़ी संख्या में मरीज यहां उपचार के लिए पहुंचते हैं। कई मरीजों को सप्ताह में दो से तीन बार डायलिसिस करवाना पड़ता है।
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ऐसे में सीमित मशीनों के कारण उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है। कई बार मरीजों को समय पर स्लॉट न मिलने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ता है। डायलिसिस वार्ड के विस्तार के साथ-साथ नई अत्याधुनिक मशीनें स्थापित करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। इसके लिए आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजा गया है। मंजूरी मिलते ही मशीनों की खरीद और स्थापना का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
नई मशीनें लगने से प्रतिदिन अधिक संख्या में मरीजों का डायलिसिस किया जा सकेगा, जिससे प्रतीक्षा समय में कमी आएगी और मरीजों को समय पर उपचार मिल पाएगा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सरकार की प्राथमिकता है कि मरीजों को उनके जिले में ही बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं।
चिकित्सकों का भी मानना है कि किडनी रोगियों के लिए नियमित और समय पर डायलिसिस बेहद जरूरी होता है। यदि इसमें देरी होती है तो मरीज की स्थिति गंभीर हो सकती है। ऐसे में मशीनों की संख्या बढ़ना मरीजों के लिए जीवन रक्षक साबित होगा।