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:ालवाहक वाहनों में सवारियां ढोने का सफर जारी
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डेरा बाबा बडभाग सिंह मैड़ी में गुरु पूर्णिमा मेले से लौट रहे सवारियों से लदे मालवाहक वाहन। संवाद
- फोटो : Una
गोपाल शर्मा
अंब (ऊना)। प्रदेश में मालवाहक वाहनों में श्रद्धालुओं को ढोने पर लगा प्रतिबंध सिर्फ बड़े मेलों तक ही सिमट कर रह गया है। अन्यथा क्या कारण है कि आए दिन श्रद्धालुओं से भरे मालवाहक वाहन उपमंडल अंब क्षेत्र में नजर आ रहे हैं।
मुख्य रूप से होशियारपुर, जालंधर, लुधियाना, अमृतसर सहित पंजाब के विभिन्न जिलों से आने वाले वाहनों में यह नजारा आम देखा जा सकता है। यही कारण है कि डेरा बाबा बड़भाग सिंह मैड़ी में होने वाले होली मेले में रोजाना आने वाले हजारों वाहनों को रोक पाना पुलिस प्रशासन के लिए लगभग असंभव हो जाता है। 10 दिन तक चलने वाले मेले के लिए विशेष रूप से प्रयास किया जाता है कि मालवाहक वाहनों में लोगों को लादकर न लाया जाए।
जानकारी के अनुसारमैड़ी में बुधवार को पूर्णिमा के अवसर पर भी भारी संख्या में मालवाहक वाहनों में सवारियों को लादकर लाया गया। डबल डेकर बनाकर लाए जा रहे मालवाहक वाहनों में सवारियों की सुरक्षा हर पल खतरे में रहती है, लेकिन बसों और अन्य वाहनों से सस्ते सफर के चलते हर वर्ष लाखों श्रद्धालु इन वाहनों में सफर कर मैड़ी जैसे धार्मिक स्थलों में आते हैं। संवाद
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श्रद्धालु हो चुके हादसों का शिकार
मैड़ी मेले के दौरान लौट रहे एक ट्रक के ठठ्ठल के समीप पलट जाने के कारण दो लोगों की मौत और दर्जनों लोग घायल हो गए थे। इसी प्रकार समय-समय पर सवारियों से लदे ओवरलोड मालवाहक वाहनों की दुर्घटना में कई लोग अपनी जान गंवा बैठे हैं। यदि साल भर इस तरह के वाहनों पर सख्त प्रतिबंध लगाया जाए और इन्हें प्रदेश में आने की अनुमति ही प्रदान न की जाए तो श्रद्धालु इन वाहनों में आने के बजाय बसों और अन्य वाहनों में आना शुरू कर सकेंगे।
मालवाहक वाहनों में सवारियां ढोने पर प्रतिबंध है। पुलिस इस प्रकार के वाहनों के प्रति पूरी तरह से सख्त कदम उठा रही है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मालवाहक वाहनों में सवारियों को ढोने पर पूरी तरह से लगाम कसी जा सके।
-इल्मा अफरोज, एसडीपीओ अंब
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अंब (ऊना)। प्रदेश में मालवाहक वाहनों में श्रद्धालुओं को ढोने पर लगा प्रतिबंध सिर्फ बड़े मेलों तक ही सिमट कर रह गया है। अन्यथा क्या कारण है कि आए दिन श्रद्धालुओं से भरे मालवाहक वाहन उपमंडल अंब क्षेत्र में नजर आ रहे हैं।
मुख्य रूप से होशियारपुर, जालंधर, लुधियाना, अमृतसर सहित पंजाब के विभिन्न जिलों से आने वाले वाहनों में यह नजारा आम देखा जा सकता है। यही कारण है कि डेरा बाबा बड़भाग सिंह मैड़ी में होने वाले होली मेले में रोजाना आने वाले हजारों वाहनों को रोक पाना पुलिस प्रशासन के लिए लगभग असंभव हो जाता है। 10 दिन तक चलने वाले मेले के लिए विशेष रूप से प्रयास किया जाता है कि मालवाहक वाहनों में लोगों को लादकर न लाया जाए।
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जानकारी के अनुसारमैड़ी में बुधवार को पूर्णिमा के अवसर पर भी भारी संख्या में मालवाहक वाहनों में सवारियों को लादकर लाया गया। डबल डेकर बनाकर लाए जा रहे मालवाहक वाहनों में सवारियों की सुरक्षा हर पल खतरे में रहती है, लेकिन बसों और अन्य वाहनों से सस्ते सफर के चलते हर वर्ष लाखों श्रद्धालु इन वाहनों में सफर कर मैड़ी जैसे धार्मिक स्थलों में आते हैं। संवाद
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श्रद्धालु हो चुके हादसों का शिकार
मैड़ी मेले के दौरान लौट रहे एक ट्रक के ठठ्ठल के समीप पलट जाने के कारण दो लोगों की मौत और दर्जनों लोग घायल हो गए थे। इसी प्रकार समय-समय पर सवारियों से लदे ओवरलोड मालवाहक वाहनों की दुर्घटना में कई लोग अपनी जान गंवा बैठे हैं। यदि साल भर इस तरह के वाहनों पर सख्त प्रतिबंध लगाया जाए और इन्हें प्रदेश में आने की अनुमति ही प्रदान न की जाए तो श्रद्धालु इन वाहनों में आने के बजाय बसों और अन्य वाहनों में आना शुरू कर सकेंगे।
मालवाहक वाहनों में सवारियां ढोने पर प्रतिबंध है। पुलिस इस प्रकार के वाहनों के प्रति पूरी तरह से सख्त कदम उठा रही है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मालवाहक वाहनों में सवारियों को ढोने पर पूरी तरह से लगाम कसी जा सके।
-इल्मा अफरोज, एसडीपीओ अंब