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Una News: राजनीतिक गलियारों में गूंजा क्षेत्रीय अस्पताल में नर्सों के नशे में धुत होने का मामला
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विधायक सतपाल सत्ती ने कहा, शराब का अड्डा बनने लगा क्षेत्रीय अस्पताल
आम आदमी पार्टी ने भी अस्पतालों में निगरानी व्यवस्था पर उठाए सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में मंगलवार रात दो स्टाफ नर्सों के शराब के नशे में धुत होकर हंगामा करने का मामला राजनीतिक गलियारों में गरमाया हुआ है। भाजपा विधायक सतपाल सत्ती ने पत्रकार वार्ता में इस घटना को प्रदेश सरकार की विफलता बताया और कहा कि जिनके जिम्मे लोगों की जान बचाने की जिम्मेदारी है, वही नशे में ड्यूटी पर हों तो यह चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल अब शराब का अड्डा बनता जा रहा है और एक बड़े नेता की ओर से मामले को दबाने की कोशिश की गई। उन्होंने अमर उजाला में प्रकाशित खबर की सराहना करते हुए ऐसी लापरवाहियों को उजागर करने की आवश्यकता बताई। सत्ती ने कहा कि कानून व्यवस्था बिगड़ चुकी है और प्रशासन राजनीतिक दबाव में है। बरसात से पहले नालों की सफाई न होने से पानी घरों और दुकानों में घुस गया। रामपुर पुल दो साल से लंबित है, उसकी डीपीआर 16 करोड़ की भेजी गई लेकिन मात्र एक लाख का बजट जारी हुआ।
उधर, आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष कृष्ण गोपाल गर्ग ने अस्पताल की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाए और मामले की उच्च स्तरीय जांच तथा सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं जनता का बुनियादी अधिकार हैं और ऐसी घटनाएं जनता का विश्वास तोड़ती हैं। लोगों ने सोशल मीडिया पर अस्पताल की अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई और सख्त कार्रवाई की मांग की।
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आम आदमी पार्टी ने भी अस्पतालों में निगरानी व्यवस्था पर उठाए सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में मंगलवार रात दो स्टाफ नर्सों के शराब के नशे में धुत होकर हंगामा करने का मामला राजनीतिक गलियारों में गरमाया हुआ है। भाजपा विधायक सतपाल सत्ती ने पत्रकार वार्ता में इस घटना को प्रदेश सरकार की विफलता बताया और कहा कि जिनके जिम्मे लोगों की जान बचाने की जिम्मेदारी है, वही नशे में ड्यूटी पर हों तो यह चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल अब शराब का अड्डा बनता जा रहा है और एक बड़े नेता की ओर से मामले को दबाने की कोशिश की गई। उन्होंने अमर उजाला में प्रकाशित खबर की सराहना करते हुए ऐसी लापरवाहियों को उजागर करने की आवश्यकता बताई। सत्ती ने कहा कि कानून व्यवस्था बिगड़ चुकी है और प्रशासन राजनीतिक दबाव में है। बरसात से पहले नालों की सफाई न होने से पानी घरों और दुकानों में घुस गया। रामपुर पुल दो साल से लंबित है, उसकी डीपीआर 16 करोड़ की भेजी गई लेकिन मात्र एक लाख का बजट जारी हुआ।
उधर, आम आदमी पार्टी के जिला अध्यक्ष कृष्ण गोपाल गर्ग ने अस्पताल की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठाए और मामले की उच्च स्तरीय जांच तथा सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं जनता का बुनियादी अधिकार हैं और ऐसी घटनाएं जनता का विश्वास तोड़ती हैं। लोगों ने सोशल मीडिया पर अस्पताल की अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई और सख्त कार्रवाई की मांग की।
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