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Una News: ग्राम पंचायत चताड़ा की प्रधान को निलंबित करने का फैसला रद्द
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प्रावधानों के तहत छह माह में पूरी नहीं हो पाई मामले की जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला मुख्यालय ऊना की नजदीकी ग्राम पंचायत चताड़ा की प्रधान नीलम कुमारी का निलंबन रद्द कर दिया गया है। नीलम कुमारी को अपने पद और शक्तियों के दुरुपयोग के आरोप में निलंबित किया गया था। उपमंडल अधिकारी को उपायुक्त ऊना के आदेश पर मामले की जांच अधिकारी नियुक्त किया गया था।
हालांकि, हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 (संशोधित) की धारा 145(3) के तहत मामले की नियमित जांच और कार्रवाई छह माह के भीतर पूरी नहीं हो पाई। इस कारण पंचायत प्रधान के खिलाफ निलंबन का आदेश रद्द कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत चताड़ा के निवासी अरुण शारदा ने 5 फरवरी 2025 को प्रधान के खिलाफ निविदाओं में हेरफेर करने की शिकायत जिला प्रशासन को दी थी। जिला प्रशासन ने 19 फरवरी 2025 को मामले की जांच विकास खंड अधिकारी ऊना को सौंपी। 27 मई 2025 को प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, जिसका जवाब उन्होंने 21 जून 2025 को दिया। हालांकि, जिला प्रशासन ने इस उत्तर को असंतोषजनक पाते हुए निलंबन की कार्रवाई अमल में लाई।
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इस कार्रवाई के खिलाफ पंचायत के अन्य प्रतिनिधियों और गांववासियों ने जिला मुख्यालय में विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद पंचायत प्रतिनिधियों ने सामूहिक इस्तीफा जिला प्रशासन को सौंप दिया।
उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बताया कि मामले में निर्धारित मानकों के अनुसार जांच की गई। लेकिन नियमों के तहत तय समयावधि में कार्रवाई पूरी न होने के कारण निलंबन आदेश रद्द किया गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला मुख्यालय ऊना की नजदीकी ग्राम पंचायत चताड़ा की प्रधान नीलम कुमारी का निलंबन रद्द कर दिया गया है। नीलम कुमारी को अपने पद और शक्तियों के दुरुपयोग के आरोप में निलंबित किया गया था। उपमंडल अधिकारी को उपायुक्त ऊना के आदेश पर मामले की जांच अधिकारी नियुक्त किया गया था।
हालांकि, हिमाचल प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1994 (संशोधित) की धारा 145(3) के तहत मामले की नियमित जांच और कार्रवाई छह माह के भीतर पूरी नहीं हो पाई। इस कारण पंचायत प्रधान के खिलाफ निलंबन का आदेश रद्द कर दिया गया।
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जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत चताड़ा के निवासी अरुण शारदा ने 5 फरवरी 2025 को प्रधान के खिलाफ निविदाओं में हेरफेर करने की शिकायत जिला प्रशासन को दी थी। जिला प्रशासन ने 19 फरवरी 2025 को मामले की जांच विकास खंड अधिकारी ऊना को सौंपी। 27 मई 2025 को प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, जिसका जवाब उन्होंने 21 जून 2025 को दिया। हालांकि, जिला प्रशासन ने इस उत्तर को असंतोषजनक पाते हुए निलंबन की कार्रवाई अमल में लाई।
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इस कार्रवाई के खिलाफ पंचायत के अन्य प्रतिनिधियों और गांववासियों ने जिला मुख्यालय में विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद पंचायत प्रतिनिधियों ने सामूहिक इस्तीफा जिला प्रशासन को सौंप दिया।
उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बताया कि मामले में निर्धारित मानकों के अनुसार जांच की गई। लेकिन नियमों के तहत तय समयावधि में कार्रवाई पूरी न होने के कारण निलंबन आदेश रद्द किया गया।