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Una News: पंचायत समिति के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के लिए सरगर्मियां तेज
Thu, 02 Jul 2026 12:44 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Thu, 02 Jul 2026 12:44 AM IST
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अंब(ऊना)। अंब ब्लॉक में पंचायत समिति के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए दो जुलाई को होने वाले चुनाव को लेकर क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं।
इससे पहले बीते 23 जून को बुलाई गई पहली चुनावी बैठक पूरी तरह बेनतीजा रही थी। उस बैठक में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों द्वारा अपनी-अपनी जीत और 16-16 सदस्यों के समर्थन के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे थे लेकिन निर्धारित समय के भीतर सदन में एक भी सदस्य नहीं पहुंचा।
इसके चलते कोरम पूरा न होने के कारण उपमंडलाधिकारी अंब पारस अग्रवाल को बैठक स्थगित करनी पड़ी थी। नियमों के अनुसार कुल 22 सदस्यों में से कम से कम 15 सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य थी, जो पूरी नहीं हो सकी थी। पहली बैठक टलने के बाद अब प्रशासन और राजनीतिक दलों की नजरें 2 जुलाई को होने वाली अगली बैठक पर टिकी हैं।
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दोनों ही प्रमुख दल पर्दे के पीछे से अपनी-अपनी रणनीति मजबूत करने में जुटे हैं ताकि इस बार अपने पक्ष के सदस्यों को समय पर सदन में उपस्थित करवाकर बहुमत साबित किया जा सके।
स्थानीय प्रशासन ने भी इस महत्वपूर्ण चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए पंचायत समिति हॉल में तैयारियां और कड़े सुरक्षा इंतजाम पूरे कर लिए हैं। राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर भारी उत्सुकता है कि क्या इस बार दोनों दल अपने दावों के मुताबिक सदस्यों को जुटा पाएंगे या फिर ऊंट किस करवट बैठेगा।
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इससे पहले बीते 23 जून को बुलाई गई पहली चुनावी बैठक पूरी तरह बेनतीजा रही थी। उस बैठक में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों द्वारा अपनी-अपनी जीत और 16-16 सदस्यों के समर्थन के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे थे लेकिन निर्धारित समय के भीतर सदन में एक भी सदस्य नहीं पहुंचा।
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इसके चलते कोरम पूरा न होने के कारण उपमंडलाधिकारी अंब पारस अग्रवाल को बैठक स्थगित करनी पड़ी थी। नियमों के अनुसार कुल 22 सदस्यों में से कम से कम 15 सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य थी, जो पूरी नहीं हो सकी थी। पहली बैठक टलने के बाद अब प्रशासन और राजनीतिक दलों की नजरें 2 जुलाई को होने वाली अगली बैठक पर टिकी हैं।
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दोनों ही प्रमुख दल पर्दे के पीछे से अपनी-अपनी रणनीति मजबूत करने में जुटे हैं ताकि इस बार अपने पक्ष के सदस्यों को समय पर सदन में उपस्थित करवाकर बहुमत साबित किया जा सके।
स्थानीय प्रशासन ने भी इस महत्वपूर्ण चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए पंचायत समिति हॉल में तैयारियां और कड़े सुरक्षा इंतजाम पूरे कर लिए हैं। राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर भारी उत्सुकता है कि क्या इस बार दोनों दल अपने दावों के मुताबिक सदस्यों को जुटा पाएंगे या फिर ऊंट किस करवट बैठेगा।