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Una News: ‘दिल दीवाना बिन सजना के माने ना’ पर झूमे दर्शक
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विंटर लेक फेस्टिवल तलेरू में अपनी प्रस्तुति देते कलाकार काकु राम ठाकुर:
काकू राम और भावना जरयाल के नाम रही विंटर लेक फेस्टिवल की पहली सांस्कृतिक संध्या
लोकगायकों की प्रस्तुतियों पर झूमे पर्यटक, देर रात तक चला रंगारंग कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
सलूणी (चंबा)। तलेरू में आयोजित विंटर लेक फेस्टिवल की पहली सांस्कृतिक संध्या हिमाचली लोकगायक काकू राम ठाकुर और लोकगायिका भावना जरयाल के नाम रही। शाम आठ बजे शुरू हुआ कार्यक्रम रात दस बजे तक उत्साह और उमंग के माहौल में चलता रहा। क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम का आनंद लेने पहुंचे।
सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत लोकगायिका भावना जरयाल की मनमोहक प्रस्तुति से हुई। उनके लोकप्रिय गीत ‘दिल दीवाना बिन सजना के माने ना’ पर दर्शक झूम उठे। पंडाल में तालियों की गड़गड़ाहट के बीच भावना ने एक के बाद एक कई सुरीले गीत प्रस्तुत कर समां बांध दिया।
इसके बाद मंच पर प्रसिद्ध लोकगायक काकू राम ठाकुर ने अपनी प्रस्तुति दी। रात करीब नौ बजे उन्होंने ‘अधी राती रज्जमा’ और ‘मितरा दा ना चलदा’ जैसे लोकप्रिय गीत गाकर माहौल को और भी रंगीन बना दिया। युवाओं ने गीतों पर डांस कर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए, जबकि बीच-बीच में सीटियों और तालियों की गूंज सुनाई देती रही। कार्यक्रम में पूर्व शिक्षा मंत्री आशा कुमारी, पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष धर्म सिंह पठानिया और एसडीएम सलूणी चंद्रवीर सिंह सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
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लोकगायकों की प्रस्तुतियों पर झूमे पर्यटक, देर रात तक चला रंगारंग कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
सलूणी (चंबा)। तलेरू में आयोजित विंटर लेक फेस्टिवल की पहली सांस्कृतिक संध्या हिमाचली लोकगायक काकू राम ठाकुर और लोकगायिका भावना जरयाल के नाम रही। शाम आठ बजे शुरू हुआ कार्यक्रम रात दस बजे तक उत्साह और उमंग के माहौल में चलता रहा। क्षेत्र के बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम का आनंद लेने पहुंचे।
सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत लोकगायिका भावना जरयाल की मनमोहक प्रस्तुति से हुई। उनके लोकप्रिय गीत ‘दिल दीवाना बिन सजना के माने ना’ पर दर्शक झूम उठे। पंडाल में तालियों की गड़गड़ाहट के बीच भावना ने एक के बाद एक कई सुरीले गीत प्रस्तुत कर समां बांध दिया।
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इसके बाद मंच पर प्रसिद्ध लोकगायक काकू राम ठाकुर ने अपनी प्रस्तुति दी। रात करीब नौ बजे उन्होंने ‘अधी राती रज्जमा’ और ‘मितरा दा ना चलदा’ जैसे लोकप्रिय गीत गाकर माहौल को और भी रंगीन बना दिया। युवाओं ने गीतों पर डांस कर कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए, जबकि बीच-बीच में सीटियों और तालियों की गूंज सुनाई देती रही। कार्यक्रम में पूर्व शिक्षा मंत्री आशा कुमारी, पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष धर्म सिंह पठानिया और एसडीएम सलूणी चंद्रवीर सिंह सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
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