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Una News: खनन माफिया की कारगुजारी ने फिर ली एक युवा की जान
Sun, 30 Jun 2024 01:01 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Sun, 30 Jun 2024 01:01 AM IST
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स्वां नदीं में बहते पानी के बीच हैं कई फीट गहरे गड्ढे, रेत निकालने को जगह-जगह चलाया है पंजा
शनिवार को नहाते समय करीब 25 फीट गहरे गड्ढे में डूबा सेना का जवान
संवाद न्यूज एजेंसी
ईसपुर (ऊना)। स्वां नदी में खनन माफिया की कारगुजारी ने एक और युवक की जान ले ली। बीते दो साल में स्वां नदी में डूबने से चार लोगों की मौत हो चुकी है। शनिवार को पंजावर गांव में ऐसा ही हादसा हुआ। जहां 25 वर्षीय सेना के जवान भरत सिंह की नदी में डूबने से मौत हो गई।
हैरत की बात यह है कि वर्तमान में नदी का जलस्तर तीन से पांच फीट तक है। इतने पानी में एक जवान जो कि सेना में तैनात है, उसके डूबने का सवाल ही पैदा नहीं होता। तो ऐसा क्या हुआ कि उसकी एक न चली और पानी ने उसे अपना ग्रास बना लिया। बताया जा रहा कि जिस जगह भरत पानी की चपेट में आया, वहां करीब 25 फीट गहरा गड्ढा था, जिसका उसे पता नहीं था। हादसे के बाद उसके शव को बाहर निकालने में भी गांववासियों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। दरअसल स्वां नदी के आसपास के गांवों में बड़े स्तर पर खनन माफिया सक्रिय है। नदी के आसपास के इलाके में तो दिन-रात धड़ल्ले से खनन होता है, लेकिन नदी के अंदर का हिस्सा भी नहीं छोड़ा जा रहा। आलम यह है कि नदी के बहते पानी में ही 25 से 30 फीट तक गहरे गड्ढे बन चुके हैं। ऐसे में अगर कोई अनजान व्यक्ति नदी पार करने का प्रयास करे तो उसकी जान जाना तय है। चिंताजनक यह भी है कि रात के अंधेरे में नदी के भीतर चले जेसीबी के पंजे की जानकारी स्थानीय लोगों को भी नहीं होती। कई बार स्थानीय युवा गर्मी के मौसम में नहाने के लिए स्वां नदी का रुख करते हैं। जिस दौरान वे गहरे गड्ढों की चपेट में आ जाते हैं।
दो साल में चार लोगों को ग्रास बना चुके नदी के गहरे गड्ढे
ध्यान रहे कि बीते दो साल में स्वां नदी में डूबने से चार युवाओं की मौत हो चुकी है। साल 2022 के अगस्त माह में हरोली के ही लोअर बढेड़ा गांव में स्वां नदी में नहाते समय दो युवकों की मौत हो गई थी। दोनों मृतक स्कूली छात्र थे और नहाने के लिए नदी में उतरे, लेकिन गहरे गड्ढे में जाने से दो युवकों की मौत हो गई। इसके बाद हरोली के तहत ही गांव कांटे में एक व्यक्ति की स्वां नदी में डूबने से मौत हो गई। रायपुर सहोड़ा निवासी निरंजन सिंह अपने रिश्तेदार के घर आया हुआ था। मंगलवार को जब वह स्वां नदी में नहाने के लिए गया, तो अचानक उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में डूब गया। अब शनिवार को पंजावर गांव में दुखद हादसा हो गया।
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स्वां नदी में सक्रिय खनन माफिया को काबू करने में लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसमें अगर स्थानीय लोग सहयोग करें तो कार्रवाई अधिक प्रभावी होगी। पंजावर में हुए हादसे की जांच जारी है। पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया है। जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां पानी गहरा था। अन्य कारणों को लेकर तथ्य खंगाले जा रहे हैं।
राकेश सिंह, पुलिस अधीक्षक, ऊना
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शनिवार को नहाते समय करीब 25 फीट गहरे गड्ढे में डूबा सेना का जवान
संवाद न्यूज एजेंसी
ईसपुर (ऊना)। स्वां नदी में खनन माफिया की कारगुजारी ने एक और युवक की जान ले ली। बीते दो साल में स्वां नदी में डूबने से चार लोगों की मौत हो चुकी है। शनिवार को पंजावर गांव में ऐसा ही हादसा हुआ। जहां 25 वर्षीय सेना के जवान भरत सिंह की नदी में डूबने से मौत हो गई।
हैरत की बात यह है कि वर्तमान में नदी का जलस्तर तीन से पांच फीट तक है। इतने पानी में एक जवान जो कि सेना में तैनात है, उसके डूबने का सवाल ही पैदा नहीं होता। तो ऐसा क्या हुआ कि उसकी एक न चली और पानी ने उसे अपना ग्रास बना लिया। बताया जा रहा कि जिस जगह भरत पानी की चपेट में आया, वहां करीब 25 फीट गहरा गड्ढा था, जिसका उसे पता नहीं था। हादसे के बाद उसके शव को बाहर निकालने में भी गांववासियों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। दरअसल स्वां नदी के आसपास के गांवों में बड़े स्तर पर खनन माफिया सक्रिय है। नदी के आसपास के इलाके में तो दिन-रात धड़ल्ले से खनन होता है, लेकिन नदी के अंदर का हिस्सा भी नहीं छोड़ा जा रहा। आलम यह है कि नदी के बहते पानी में ही 25 से 30 फीट तक गहरे गड्ढे बन चुके हैं। ऐसे में अगर कोई अनजान व्यक्ति नदी पार करने का प्रयास करे तो उसकी जान जाना तय है। चिंताजनक यह भी है कि रात के अंधेरे में नदी के भीतर चले जेसीबी के पंजे की जानकारी स्थानीय लोगों को भी नहीं होती। कई बार स्थानीय युवा गर्मी के मौसम में नहाने के लिए स्वां नदी का रुख करते हैं। जिस दौरान वे गहरे गड्ढों की चपेट में आ जाते हैं।
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दो साल में चार लोगों को ग्रास बना चुके नदी के गहरे गड्ढे
ध्यान रहे कि बीते दो साल में स्वां नदी में डूबने से चार युवाओं की मौत हो चुकी है। साल 2022 के अगस्त माह में हरोली के ही लोअर बढेड़ा गांव में स्वां नदी में नहाते समय दो युवकों की मौत हो गई थी। दोनों मृतक स्कूली छात्र थे और नहाने के लिए नदी में उतरे, लेकिन गहरे गड्ढे में जाने से दो युवकों की मौत हो गई। इसके बाद हरोली के तहत ही गांव कांटे में एक व्यक्ति की स्वां नदी में डूबने से मौत हो गई। रायपुर सहोड़ा निवासी निरंजन सिंह अपने रिश्तेदार के घर आया हुआ था। मंगलवार को जब वह स्वां नदी में नहाने के लिए गया, तो अचानक उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में डूब गया। अब शनिवार को पंजावर गांव में दुखद हादसा हो गया।
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स्वां नदी में सक्रिय खनन माफिया को काबू करने में लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसमें अगर स्थानीय लोग सहयोग करें तो कार्रवाई अधिक प्रभावी होगी। पंजावर में हुए हादसे की जांच जारी है। पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया है। जिस स्थान पर हादसा हुआ, वहां पानी गहरा था। अन्य कारणों को लेकर तथ्य खंगाले जा रहे हैं।
राकेश सिंह, पुलिस अधीक्षक, ऊना