{"_id":"692ed63b64fd1803cf02cece","slug":"takoli-farmer-opens-new-avenues-of-income-through-mixed-farming-una-news-c-93-1-ssml1048-173880-2025-12-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Una News: टकोली के किसान ने मिश्रित खेती से खोले आय के नए रास्ते","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una News: टकोली के किसान ने मिश्रित खेती से खोले आय के नए रास्ते
विज्ञापन
आलू, मटर, फूलगोभी, पालक, प्याज की पनीरी और गन्ने की फसलें उगाईं
जैविक खाद के उपयोग ने उत्पादन को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई
संवाद न्यूज एजेंसी
जोल (ऊना)। उप तहसील जोल की ग्राम पंचायत टकोली के मेहनती किसान सुरजीत सिंह ने मिश्रित खेती से आय के नए रास्ते खोले हैं। इस सीजन में 50000 रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया है। सुरजीत सिंह ने अपनी जमीन पर आलू, मटर, फूलगोभी, पालक, प्याज की पनीरी और गन्ने की फसलें उगाईं। जिनकी पैदावार और बाजार में अच्छी मांग ने उनकी आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की।
सुरजीत सिंह बताते हैं कि फसलों की समय पर देखभाल, उचित सिंचाई और जैविक खाद के उपयोग ने उत्पादन को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि उनके खेत में ही आलू, मटर और फूलगोभी के अच्छे दाम मिल रहे हैं। जबकि गन्ने की बिक्री से भी उन्हें अतिरिक्त लाभ होगा। सुरजीत का कहना है कि मिश्रित खेती से जोखिम कम होता है और आय के के स्रोत बन जाते हैं। इस सीजन मेरी मेहनत रंग लाई है।
विषयवाद विशेषज्ञ बंगाणा सतपाल धीमान ने कहा कि किसानों को केवल एक ही फसल पर निर्भर रहने से जोखिम बढ़ जाता है। जबकि मिश्रित खेती जैसे आलू, मटर, फूलगोभी, गन्ना जैसी विभिन्न फसलों का एक साथ उत्पादन से आय के कई स्रोत बनते हैं और नुकसान की संभावना कम होती है।
विज्ञापन
कृषि विभाग ऊना के उपनिदेशक कुलभूषण धीमान और विषयवाद विशेषज्ञ बंगाणा सतपाल धीमान ने सुरजीत सिंह की खेती पद्धति की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी उन्नत और योजनाबद्ध खेती दूसरे किसानों के लिए प्रेरणा है।
विज्ञापन
जैविक खाद के उपयोग ने उत्पादन को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई
संवाद न्यूज एजेंसी
जोल (ऊना)। उप तहसील जोल की ग्राम पंचायत टकोली के मेहनती किसान सुरजीत सिंह ने मिश्रित खेती से आय के नए रास्ते खोले हैं। इस सीजन में 50000 रुपये का शुद्ध मुनाफा कमाया है। सुरजीत सिंह ने अपनी जमीन पर आलू, मटर, फूलगोभी, पालक, प्याज की पनीरी और गन्ने की फसलें उगाईं। जिनकी पैदावार और बाजार में अच्छी मांग ने उनकी आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की।
सुरजीत सिंह बताते हैं कि फसलों की समय पर देखभाल, उचित सिंचाई और जैविक खाद के उपयोग ने उत्पादन को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि उनके खेत में ही आलू, मटर और फूलगोभी के अच्छे दाम मिल रहे हैं। जबकि गन्ने की बिक्री से भी उन्हें अतिरिक्त लाभ होगा। सुरजीत का कहना है कि मिश्रित खेती से जोखिम कम होता है और आय के के स्रोत बन जाते हैं। इस सीजन मेरी मेहनत रंग लाई है।
विज्ञापन
विषयवाद विशेषज्ञ बंगाणा सतपाल धीमान ने कहा कि किसानों को केवल एक ही फसल पर निर्भर रहने से जोखिम बढ़ जाता है। जबकि मिश्रित खेती जैसे आलू, मटर, फूलगोभी, गन्ना जैसी विभिन्न फसलों का एक साथ उत्पादन से आय के कई स्रोत बनते हैं और नुकसान की संभावना कम होती है।
विज्ञापन
कृषि विभाग ऊना के उपनिदेशक कुलभूषण धीमान और विषयवाद विशेषज्ञ बंगाणा सतपाल धीमान ने सुरजीत सिंह की खेती पद्धति की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी उन्नत और योजनाबद्ध खेती दूसरे किसानों के लिए प्रेरणा है।