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Una News: टकारला स्कूल खतरे के साये में
Thu, 02 Jul 2026 12:30 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Thu, 02 Jul 2026 12:30 AM IST
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बडूही (ऊना)। मानसून की दस्तक के साथ उपमंडल अंब के अंतर्गत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला टकारला में जलभराव की पुरानी समस्या फिर चिंता का कारण बन गई है।
पिछले वर्ष लगातार बारिश के दौरान स्कूल परिसर और कक्षाओं में घुटनों तक पानी भर गया था, जिससे बच्चों को पानी और कीचड़ के बीच पढ़ाई करनी पड़ी थी। प्रशासन ने तब स्थायी समाधान का भरोसा दिया था लेकिन एक वर्ष बाद भी समस्या पूरी तरह हल नहीं हो सकी।
करीब 185 विद्यार्थियों वाले इस विद्यालय में हर बरसात के दौरान जलभराव का खतरा बना रहता है। स्कूल भवन सड़क और नाले के स्तर से नीचे होने के कारण बारिश का पानी सीधे परिसर में प्रवेश कर जाता है।
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इस बार पंचायत प्रधान रत्न चंद ठाकुर की पहल पर जेसीबी से नाले की सफाई करवाई गई, जिससे पहली बारिश में राहत मिली है लेकिन ग्रामीण इसे केवल अस्थायी उपाय मान रहे हैं।
ग्रामीणों, अभिभावकों और विद्यालय प्रबंधन समिति का कहना है कि केवल नाले की सफाई या पानी निकासी के लिए डाले गए पाइप पर्याप्त नहीं हैं। उनका मानना है कि मजबूत जल निकासी व्यवस्था, सुरक्षा दीवार, नाले का स्थायी सुधार और स्कूल परिसर का स्तर ऊंचा किए बिना समस्या का समाधान संभव नहीं है। उनका कहना है कि भारी बारिश होने पर पिछले वर्ष जैसी स्थिति दोबारा बन सकती है।
पूर्व विधायक बलवीर चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़क के दौरान स्कूल के पास पानी निकासी के लिए पर्याप्त नालियां नहीं बनाई गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले एक वर्ष में सरकार ने स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
भाजपा सरकार बनते ही स्थायी समाधान कर दिया जाएगा। विधायक सुदर्शन सिंह बबलू ने कहा कि पानी निकासी के लिए कुछ पाइप डाले गए हैं। यदि इस बार भी बरसात के दौरान कोई समस्या आती है तो उसका समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
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पिछले वर्ष लगातार बारिश के दौरान स्कूल परिसर और कक्षाओं में घुटनों तक पानी भर गया था, जिससे बच्चों को पानी और कीचड़ के बीच पढ़ाई करनी पड़ी थी। प्रशासन ने तब स्थायी समाधान का भरोसा दिया था लेकिन एक वर्ष बाद भी समस्या पूरी तरह हल नहीं हो सकी।
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करीब 185 विद्यार्थियों वाले इस विद्यालय में हर बरसात के दौरान जलभराव का खतरा बना रहता है। स्कूल भवन सड़क और नाले के स्तर से नीचे होने के कारण बारिश का पानी सीधे परिसर में प्रवेश कर जाता है।
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इस बार पंचायत प्रधान रत्न चंद ठाकुर की पहल पर जेसीबी से नाले की सफाई करवाई गई, जिससे पहली बारिश में राहत मिली है लेकिन ग्रामीण इसे केवल अस्थायी उपाय मान रहे हैं।
ग्रामीणों, अभिभावकों और विद्यालय प्रबंधन समिति का कहना है कि केवल नाले की सफाई या पानी निकासी के लिए डाले गए पाइप पर्याप्त नहीं हैं। उनका मानना है कि मजबूत जल निकासी व्यवस्था, सुरक्षा दीवार, नाले का स्थायी सुधार और स्कूल परिसर का स्तर ऊंचा किए बिना समस्या का समाधान संभव नहीं है। उनका कहना है कि भारी बारिश होने पर पिछले वर्ष जैसी स्थिति दोबारा बन सकती है।
पूर्व विधायक बलवीर चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़क के दौरान स्कूल के पास पानी निकासी के लिए पर्याप्त नालियां नहीं बनाई गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले एक वर्ष में सरकार ने स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
भाजपा सरकार बनते ही स्थायी समाधान कर दिया जाएगा। विधायक सुदर्शन सिंह बबलू ने कहा कि पानी निकासी के लिए कुछ पाइप डाले गए हैं। यदि इस बार भी बरसात के दौरान कोई समस्या आती है तो उसका समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।