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Una News: पीजीआई में सिद्ध चलेहड़ की बच्ची का सफल ऑपरेशन
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राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत हुआ निशुल्क कोक्लियर इंप्लांट
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिले के सिद्ध चलेहड़ की जन्मजात बहरेपन से ग्रस्त बच्ची का पीजीआई में निशुल्क कोक्लियर इंप्लांट किया गया है। बच्ची के परिवार की तरफ से राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत प्रदेश सरकार से ऑपरेशन के लिए 5.20 लाख रुपये की मदद की गई। चिकित्सा अधीक्षक क्षेत्रीय अस्पताल ऊना डॉ. संजय मनकोटिया ने बताया कि दो साल की बच्ची जो जन्मजात बहरापन से ग्रस्त थी। बीती 25 अप्रैल को यह मामला ध्यान में आने के बाद बच्ची के ऑपरेशन के लिए आर्थिक मदद करने के लिए प्रक्रिया शुरू की गई। इस मामले की जानकारी मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को दी गई। इसके बाद सात अक्तूबर को इस बच्ची का कोक्लियर इम्प्लांट सफलता पूर्वक पीजीआई चंडीगढ़ में किया गया। डाॅ. संजय मनकोटिया ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिले में 10 मोबाइल हेल्थ टीमें कार्यरत हैं। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में एक डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर भी स्थापित किया गया है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जन्मजात विसंगतियां जैसे दिल में छेद, जन्मजात मोतियाबिंद, भंग तालू, कटा होंठ, डाउन सिंड्रोम, मस्तिष्क व रीढ़ की हड्डी से जुड़े गंभीर जन्मजात दोष एवं विभिन्न शारीरिक पोषक तत्वों की कमियां, कई तरह के रोगों जांच कर उनका इलाज करवाना है। कहा कि अगर कोई परिवार 0-18 वर्ष तक के बच्चे का उपचार करवाना चाहता हो तो वह क्षेत्रीय अस्पताल ऊना के कमरा संख्या 115 में संपर्क कर सकते हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिले के सिद्ध चलेहड़ की जन्मजात बहरेपन से ग्रस्त बच्ची का पीजीआई में निशुल्क कोक्लियर इंप्लांट किया गया है। बच्ची के परिवार की तरफ से राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत प्रदेश सरकार से ऑपरेशन के लिए 5.20 लाख रुपये की मदद की गई। चिकित्सा अधीक्षक क्षेत्रीय अस्पताल ऊना डॉ. संजय मनकोटिया ने बताया कि दो साल की बच्ची जो जन्मजात बहरापन से ग्रस्त थी। बीती 25 अप्रैल को यह मामला ध्यान में आने के बाद बच्ची के ऑपरेशन के लिए आर्थिक मदद करने के लिए प्रक्रिया शुरू की गई। इस मामले की जानकारी मिशन निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को दी गई। इसके बाद सात अक्तूबर को इस बच्ची का कोक्लियर इम्प्लांट सफलता पूर्वक पीजीआई चंडीगढ़ में किया गया। डाॅ. संजय मनकोटिया ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिले में 10 मोबाइल हेल्थ टीमें कार्यरत हैं। क्षेत्रीय अस्पताल ऊना में एक डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर भी स्थापित किया गया है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जन्मजात विसंगतियां जैसे दिल में छेद, जन्मजात मोतियाबिंद, भंग तालू, कटा होंठ, डाउन सिंड्रोम, मस्तिष्क व रीढ़ की हड्डी से जुड़े गंभीर जन्मजात दोष एवं विभिन्न शारीरिक पोषक तत्वों की कमियां, कई तरह के रोगों जांच कर उनका इलाज करवाना है। कहा कि अगर कोई परिवार 0-18 वर्ष तक के बच्चे का उपचार करवाना चाहता हो तो वह क्षेत्रीय अस्पताल ऊना के कमरा संख्या 115 में संपर्क कर सकते हैं।