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Una News: अंधड़ और बारिश ने रोकी गेहूं की कटाई, कई जगह फसल हो रही खराब

Tue, 22 Apr 2025 11:54 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना Updated Tue, 22 Apr 2025 11:54 AM IST
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Storm and rain stopped wheat harvesting, crops are getting spoiled in many places
बंगाणा में काट कर छत के नीचे रखी गेंहू की फसल।संवाद - फोटो : अयाना थाना परिसर में खड़े पकड़े गए ट्रैक्टर ट्रॉली।
तेज हवाओं के साथ सोमवार सुबह हुई बूंदाबांदी, अधिकतम तापमान में भी आई गिरावट
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किसानों ने कहा, मौसम की यही स्थिति रही तो फसल हो जाएगी बर्बाद

संवाद न्यूज एजेंसी

घनारी/बड़ूही/बंगाणा (ऊना)। जिला के किसानों के लिए इस बार की बैसाखी मायूसी लेकर आई है। क्षेत्र में किसानों की मुख्य और एकमात्र जीविका का साधन मानी जाने वाली गेहूं की फसल अंधड़ की चपेट में आकर बर्बाद हो रहा। क्षेत्र में लगातार मौसम की आंख मिचौनीजारी है। कभी बारिश तो कभी तेज हवाओं ने गेहूं की कटाई प्रक्रिया में विघ्न डाला हुआ है। खराब मौसम के कारण कई किसान फसल को काट ही नहीं पाई और जिन्होंने काटी उनकी खेतों में पड़ी भीग रही। कई किसानों ने तेज हवाओं के बीच ही फसल की थ्रेसिंग करवा दी। जिससे तूड़ी का नुकसान हुआ।
जानकारी के अनुसार जिला में हर साल बैसाखी के आसपास खेतों में हलचल देखने को मिलती थी, लेकिन इस बार मौसम की बेरुखी ने सब कुछ बदल दिया है। बैसाखी के एक सप्ताह बाद भी बहुत कम किसानों ने ही कटाई शुरू की। अधिकतर किसान वेट एंड वॉच की स्थिति में हैं, क्योंकि मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक बारिश और अंधड़ की चेतावनी जारी की है। कटाई के लिए मजदूरी भी इस बार किसानों की कमर तोड़ रही है। एक कनाल गेहूं की कटाई के लिए 12000 रुपये तक मजदूरी मांगी जा रही है। पहले ही नुकसान झेल रहे किसानों के लिए यह अतिरिक्त बोझ बन चुका है।
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बंगाणा क्षेत्र के धुंदला, खरयालता, डीहर, बही, बडोआ, लालशाह, रौनखर, डीहर, भलखूं, तलमेहड़ा सहित अन्य स्थानों पर इस समय गेहूं की कटाई और कुतराई का काम चला हुआ है। लोगों को गेहूं की कटाई व कुतराई में एक तो मजदूर नहीं मिल रहे हैं। जहां मजदूर उपलब्ध है, वहां मजदूरी बहुत अधिक है। स्थानीय किसानों का कहना कि पहल फसल को सूखे की मार पड़ी। उसके बाद जंगली जानवरों का आंतक। जब फसल जब अपनी चरम सीमा पर पहुंच चुकी है और किसानों ने कटाई और थ्रेसिंग शुरू कर दी है। तो मौसम के कहर नींद उड़ा रखी है। यही स्थिति रही तो किसानों द्वारा खेतों में कटाई करके रखी गेहूं की सड़ने की कगार पर पहुंच जाएगी। इससे पहले ही तेज हवाओं तथा बारिश होने से गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई थी। खेतों में गेहूं की कटाई करके रखी फसल बारिश से खराब हो रही है।
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कई किसानों ने नहीं शुरु की कटाई
उधर, अंब के बड़ूही क्षेत्र में अचानक बदलते मौसम, बादल, बारिश और तेज हवाओं के चलते ज्यादातर किसानों ने अपने खेतों में खड़ी गेहूं की फसल की कटाई नहीं की। किसान अब मौसम के ठीक होने का इंतजार कर रहे हैं ताकि वे सुरक्षित ढंग से फसल को काट सकें। स्थानीय किसान श्याम सुंदर, अजय चौधरी, अनिल ठाकुर, ओम प्रकाश,जोगिंदर सिंह ने बताया कि हर साल अप्रैल के तीसरे सप्ताह तक कटाई का काम पूरा हो जाता है, लेकिन इस बार मौसम ने सब गड़बड़ कर दिया। अगर बारिश और ओलावृष्टि हो गई तो पूरी मेहनत पर पानी फिर जाएगा। इसलिए हम लोग मौसम खुलने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि फसल समय पर नहीं काटी गई तो गेहूं के दानों की गुणवत्ता पर भी असर पड़ सकता है।
भारतीय किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर चमेल सिंह ने सरकार से मांग की है कि गेहूं की फसल को अंधड़ से हुए नुकसान की भरपाई की जाए। चमेल सिंह का कहना है कि अगर सरकार ने समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया तो आने वाले समय में कृषि क्षेत्र में भारी संकट खड़ा हो सकता है।

खरीद केंद्रों में अभी तक बेहद कम खरीद
एपीएमसी (कृषि उपज बाजार समिति) के जिला सचिव भुपेंद्र सिंह ने कहा कि जिला में गेहूं की खरीद के लिए दो केंद्र बनाए गए हैं। रामपुर और टकारला गेहूं क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद प्रक्रिया बीती आठ अप्रैल से शुरू है। गेहूं खरीद का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,425 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। लेकिन अभी तक 100 क्विंटल फसल भी बिक्री के लिए नहीं पहुंची। इसका मुख्य कारण गेहूं की धीमी पड़ी कटाई है। इसके अलावा बाहरी व्यापारी भी फसल खरीदने किसानों के पास पहुंच रहे हैं।

-गेहूं की फसल की सही समय पर कटाई होना जरूरी है। जरूरत से अधिक सूखी फसल में दाने और तूड़ी दोनों की बर्बादी होती है। कहा कि मौसम में स्थिरता आते ही किसान फसल की कटाई में जुटेंगे। उम्मीद है कि बेहतर पैदावार किसानों को आर्थिक लाभ देकर जाएगी।----



कुलभूषण धीमान ,उपनिदेशक जिला कृषि विभाग
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