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Una News: ऊना में स्टांप विक्रेता वसूल रहे मनमाने दाम, बोले- हमें नहीं मिल रहा कमीशन, तभी कर रहे वसूली
Wed, 12 Jun 2024 02:54 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
Updated Wed, 12 Jun 2024 02:54 AM IST
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10 रुपये वाले स्टांप पेपर के वसूले जा रहे 20 रुपये अतिरिक्त दाम
प्रशासन की नाक तले चल रहा लोगों की जेब पर डाका डालने का काम
एडीसी बोले- रद्द किए जाएंगे वेंडर्स के लाइसेंस
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला ऊना में स्टांप पेपर के निर्धारित से ज्यादा दाम वसूले जा रहे हैं। कानूनी और राजस्व कार्यों के लिए इस्तेमाल होने वाले स्टांप पेपर की मनमाने दाम वसूलने की घटनाएं लगातार सामने आने लगी हैं। स्टांप खरीदने वाले लोगों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है और प्रशासन से इसमें कार्रवाई करने की भी मांग उठाई है।
लोगों में राजन पूरी, राजीव शर्मा का कहना है कि कई बार कानूनी कार्यों के लिए एफिडेविट बनाने हेतु स्टांप पेपर खरीदने पड़ते हैं, लेकिन हालात यह हैं कि स्टांप पेपर के निर्धारित दाम से ज्यादा पैसे वसूले जा रहे हैं। 10 रुपये वाले स्टांप पेपर के 20 रुपये अतिरिक्त दाम वसूले जा रहे हैं। इसके चलते उनकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की नाक तले पूरा खेल चल रहा है, लेकिन आज तक कई शिकायत करने के बावजूद प्रशासन ने इस मामले पर कोई कार्रवाई नहीं की है।
दूसरी तरफ स्टांप विक्रेताओं कहना है कि इस काम के लिए पहले से मिल रहे स्टेशनरी चार्ज और स्टांप के कमीशन बंद हो चुके हैं। इसके चलते उनकी भी कमाई का साधन शून्य हो गया है। इसी के चलते वह अपना मार्जिन तय करते हुए स्टांप पेपर के निर्धारित से ज्यादा दाम वसूलने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार और प्रशासन द्वारा स्टांप बेचने में उनका कमीशन तय कर दिया जाए, तो वे तय से ज्यादा दाम क्यों वसूलेंगे।
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उधर, अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्र पाल गुर्जर का कहना है कि स्टांप पेपर के ज्यादा दाम वसूलने को लेकर प्रशासन के पास शिकायतें पहुंची हैं। उन्होंने कहा कि जल्द इस मामले की जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने वाले स्टांप वेंडर्स के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि तय से ज्यादा दाम वसूलने वाले स्टांप वेंडर्स के लाइसेंस भी रद्द किए जा सकते हैं। कहा कि तहसीलदार और राजस्व विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।
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प्रशासन की नाक तले चल रहा लोगों की जेब पर डाका डालने का काम
एडीसी बोले- रद्द किए जाएंगे वेंडर्स के लाइसेंस
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला ऊना में स्टांप पेपर के निर्धारित से ज्यादा दाम वसूले जा रहे हैं। कानूनी और राजस्व कार्यों के लिए इस्तेमाल होने वाले स्टांप पेपर की मनमाने दाम वसूलने की घटनाएं लगातार सामने आने लगी हैं। स्टांप खरीदने वाले लोगों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है और प्रशासन से इसमें कार्रवाई करने की भी मांग उठाई है।
लोगों में राजन पूरी, राजीव शर्मा का कहना है कि कई बार कानूनी कार्यों के लिए एफिडेविट बनाने हेतु स्टांप पेपर खरीदने पड़ते हैं, लेकिन हालात यह हैं कि स्टांप पेपर के निर्धारित दाम से ज्यादा पैसे वसूले जा रहे हैं। 10 रुपये वाले स्टांप पेपर के 20 रुपये अतिरिक्त दाम वसूले जा रहे हैं। इसके चलते उनकी जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की नाक तले पूरा खेल चल रहा है, लेकिन आज तक कई शिकायत करने के बावजूद प्रशासन ने इस मामले पर कोई कार्रवाई नहीं की है।
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दूसरी तरफ स्टांप विक्रेताओं कहना है कि इस काम के लिए पहले से मिल रहे स्टेशनरी चार्ज और स्टांप के कमीशन बंद हो चुके हैं। इसके चलते उनकी भी कमाई का साधन शून्य हो गया है। इसी के चलते वह अपना मार्जिन तय करते हुए स्टांप पेपर के निर्धारित से ज्यादा दाम वसूलने को मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार और प्रशासन द्वारा स्टांप बेचने में उनका कमीशन तय कर दिया जाए, तो वे तय से ज्यादा दाम क्यों वसूलेंगे।
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उधर, अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्र पाल गुर्जर का कहना है कि स्टांप पेपर के ज्यादा दाम वसूलने को लेकर प्रशासन के पास शिकायतें पहुंची हैं। उन्होंने कहा कि जल्द इस मामले की जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने वाले स्टांप वेंडर्स के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि तय से ज्यादा दाम वसूलने वाले स्टांप वेंडर्स के लाइसेंस भी रद्द किए जा सकते हैं। कहा कि तहसीलदार और राजस्व विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।