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अष्टमी पर मां चिंतपूर्णी की हुई विशेष पूजा, कम रही श्रद्धालुओं की संख्या
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चिंतपूर्णी मां के दरबार में माथा टेकते हुए भक्त।संवाद
- फोटो : Una
भरवाईं (ऊना)। शक्तिपीठ चिंतपूर्णी में चैत्र नवरात्र के अष्टमी के अवसर पर भक्तों ने मां के दरबार में माथा टेका। मंदिर में अष्टमी तक नवरात्र में करीब एक लाख श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। हालांकि छुट्टी और शनिवार का दिन होने के कारण भी उम्मीद के मुताबिक भीड़ मां के दरबार में देखने को नहीं मिली लेकिन श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी रही।
मंदिर में अष्टमी के अवसर पर पुजारियों ने विशेष पूजा की। इस दौरान मंदिर का स्टाफ भी मौजूद रहा। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर में विशेष पूजा अर्चना के चलते दूर से ही दर्शन करने पड़े। दूसरी तरफ मंदिर के गर्भ गृह का गेट माता रानी के दर्शनों के लिए खुला रहा। अभी नवरात्र का एक दिन बचा है। मंदिर में अष्टमी तक व्यवस्था दुरुस्त दिखीं। शुरूआती नवरात्र में श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रही।
मेले में तैनात सुरक्षाकर्मी मंदिर में बेहतर व्यवस्था बनाए हुए हैं और संदिग्धों पर नजर रख रहे हैं। जवान भीड़ को नियंत्रित करने में जुटे हैं। अष्टमी के दिन कंजक पूजन भी किया गया। नारियल बलि देकर भक्तों में प्रसाद भी बांटा गया। नवरात्र में ज्यादातर श्रद्धालुओं की संख्या उत्तर प्रदेश और पंजाब से रही। बाजार में लंगर लगाने वाली धार्मिक संस्थाएं भी अब लौट गई हैं।
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मंदिर में अष्टमी के अवसर पर पुजारियों ने विशेष पूजा की। इस दौरान मंदिर का स्टाफ भी मौजूद रहा। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर में विशेष पूजा अर्चना के चलते दूर से ही दर्शन करने पड़े। दूसरी तरफ मंदिर के गर्भ गृह का गेट माता रानी के दर्शनों के लिए खुला रहा। अभी नवरात्र का एक दिन बचा है। मंदिर में अष्टमी तक व्यवस्था दुरुस्त दिखीं। शुरूआती नवरात्र में श्रद्धालुओं की संख्या अधिक रही।
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मेले में तैनात सुरक्षाकर्मी मंदिर में बेहतर व्यवस्था बनाए हुए हैं और संदिग्धों पर नजर रख रहे हैं। जवान भीड़ को नियंत्रित करने में जुटे हैं। अष्टमी के दिन कंजक पूजन भी किया गया। नारियल बलि देकर भक्तों में प्रसाद भी बांटा गया। नवरात्र में ज्यादातर श्रद्धालुओं की संख्या उत्तर प्रदेश और पंजाब से रही। बाजार में लंगर लगाने वाली धार्मिक संस्थाएं भी अब लौट गई हैं।
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